क्या राजस्थान बस हादसे में 20 यात्रियों की दर्दनाक मौत हुई?

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क्या राजस्थान बस हादसे में 20 यात्रियों की दर्दनाक मौत हुई?

सारांश

राजस्थान के जैसलमेर में एक बस में आग लगने की घटना में 20 यात्रियों की जान गई। कई नेता, जैसे ओम बिरला और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने दुख व्यक्त किया। प्रशासन राहत कार्य में जुटा है, और डीएनए जांच के जरिए मृतकों की पहचान की जा रही है। यह हादसा पूरे देश को हिलाकर रख देने वाला है।

मुख्य बातें

जैसलमेर बस हादसा में 20 यात्रियों की जान गई।
हादसे का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया है।
प्रशासन ने राहत कार्य शुरू किया है।
डीएनए जांच से मृतकों की पहचान की जा रही है।
इस घटना ने पूरे देश को व्यथित कर दिया है।

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के जैसलमेर में मंगलवार को एक बस में आग लगने की दिल दहला देने वाली घटना हुई है। आर्मी स्टेशन के निकट जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर चलती बस में अचानक आग भड़क उठी, जिससे 20 यात्रियों की जान चली गई। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और अन्य नेताओं ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। जिला प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिए हैं और डीएनए जांच के जरिए मृतकों की पहचान की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने एक पोस्ट में लिखा, "जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर बस में आग लगने से हुई जनहानि अत्यंत हृदय विदारक है। इस हादसे में अपनों को खोने वाले परिजनों के प्रति गहन संवेदना व्यक्त करता हूं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें।"

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी इस हादसे पर दुख जताया। उपराष्ट्रपति कार्यालय ने एक पोस्ट में लिखा, "राजस्थान के जैसलमेर में बस में आग लगने की दुखद घटना में हुई जान-माल की हानि से अत्यंत दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।"

इस हादसे पर पोकरण विधायक महंत प्रताप पुरी ने भी दुख व्यक्त किया। उन्होंने इसे हृदय विदारक बताते हुए कहा कि इस घटना ने पूरे देश और प्रदेश को व्यथित कर दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राहत-बचाव कार्य की जानकारी ली। इस दर्दनाक हादसे में मौके पर ही 19 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि एक गंभीर रूप से घायल यात्री को जोधपुर रेफर किया गया था, जहां उसकी उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।

मृतकों के शव बुरी तरह जल चुके हैं, जिससे उनकी पहचान करना कठिन हो रहा है। प्रशासन ने डीएनए जांच के जरिए शवों की पहचान कराने की प्रक्रिया शुरू की है। इस त्रासदी ने परिवारों पर दुखों का पहाड़ गिरा दिया है और पूरा प्रदेश उनके साथ खड़ा है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि विस्तृत जांच के बाद ही वास्तविक कारणों का पता चलेगा।

जैसलमेर के कलेक्टर प्रताप सिंह नाथावत और एसपी अभिषेक शिवहरे ने घटनास्थल का दौरा किया और राहत कार्यों की निगरानी की। जैसलमेर प्रशासन और पुलिस इस घटना की गहन जांच में जुट गए हैं। घायलों के उपचार और प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने के लिए त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए गहन जांच और सुरक्षा मानकों का पालन आवश्यक है। देश के हर नागरिक को इस घटना से सबक लेना चाहिए।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हादसे में कितने लोग प्रभावित हुए?
इस हादसे में 20 यात्रियों की जान चली गई।
किसने इस घटना पर दुख व्यक्त किया?
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने दुख व्यक्त किया।
हादसे का कारण क्या बताया गया है?
प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को हादसे का कारण बताया गया है।
प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?
प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिए हैं और डीएनए जांच के जरिए मृतकों की पहचान की प्रक्रिया प्रारंभ की है।
क्या मृतकों के शवों की पहचान करना मुश्किल हो रहा है?
हाँ, शव बुरी तरह जल चुके हैं, जिससे पहचान करना कठिन हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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