राजस्थान निकाय चुनाव 2026: अलवर में कांग्रेस-भाजपा की कड़ी टक्कर, खाजूवाला में भाजपा आगे
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान निकाय चुनाव 2026 की मतगणना 14 सितंबर 2026 को जारी है और अलवर नगर निगम, खाजूवाला नगरपालिका समेत सीकर, जैसलमेर, पोखरण, चौमूं, टोंक और जोधपुर के कई वार्डों से परिणाम सामने आ रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बीच कई सीटों पर कांटे की टक्कर देखी जा रही है, जबकि निर्दलीय प्रत्याशियों की जीत ने भी राजनीतिक समीकरणों को उलझा दिया है।
अलवर नगर निगम के प्रमुख नतीजे
अलवर नगर निगम के वार्ड नंबर 7 से सुमन अजय अग्रवाल ने जीत दर्ज की है। उन्हें कथित तौर पर अगली महापौर के संभावित चेहरे के रूप में भी देखा जा रहा है, हालाँकि महापौर पद की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तस्वीर स्पष्ट होगी।
वार्ड नंबर 5 से कांग्रेस प्रत्याशी केशव कुमार सारवान और वार्ड नंबर 6 से कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश कुमार सारवान ने विजय प्राप्त की है। वार्ड नंबर 10 से BJP की कविता कुमारी और वार्ड नंबर 14 से BJP प्रत्याशी रामानुज जीते हैं। गौरतलब है कि वार्ड नंबर 14 में शुरुआती रुझानों में भारत कुमार जांगिड़ आगे चल रहे थे, लेकिन अंततः रामानुज ने बाज़ी मारी।
वार्ड नंबर 9 और वार्ड नंबर 8 से निर्दलीय प्रत्याशी क्रमशः लव कुमार और गणेश कुमार विजयी हुए हैं। वार्ड नंबर 12 से कांग्रेस प्रत्याशी नारायण साहिवाल ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज कर अपनी पकड़ मज़बूत की है — यह उनके क्षेत्र में दीर्घकालिक जनाधार का प्रमाण है।
अभी जारी मुकाबले
अलवर के कई वार्डों में मतगणना अभी चल रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वार्ड नंबर 13 से निर्दलीय मधु सोनी, वार्ड नंबर 16 से BJP के गोविंद कुकरेजा, वार्ड नंबर 15 से पुष्पा कुमारी, वार्ड नंबर 1 से BJP के पंकज शर्मा, वार्ड नंबर 3 से मदन राठौड़ और वार्ड नंबर 4 से कांग्रेस प्रत्याशी ज्योति आगे चल रहे हैं। अंतिम परिणाम आने तक स्थिति बदल सकती है।
खाजूवाला में भाजपा की बढ़त
बीकानेर जिले की खाजूवाला नगरपालिका से मतगणना के अब तक के रुझानों में BJP ने 11 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस 8 सीटों पर विजयी रही है। एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत हासिल की है। मतगणना के साथ-साथ यहाँ BJP का पलड़ा भारी बना हुआ है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की तस्वीर
यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली BJP सरकार अपने कार्यकाल का पहला बड़ा निकाय चुनावी परीक्षण दे रही है। स्थानीय निकाय चुनाव अक्सर राज्य सरकार की लोकप्रियता का पैमाना माने जाते हैं, इसलिए इन नतीजों का राजनीतिक महत्त्व केवल वार्ड स्तर तक सीमित नहीं है। निर्दलीय प्रत्याशियों की उपस्थिति भी संकेत देती है कि दोनों प्रमुख दलों का स्थानीय जनाधार पूरी तरह समेकित नहीं है।
मतगणना अभी जारी है और शेष वार्डों के नतीजे आने के साथ राजस्थान के नगरीय निकायों की अंतिम राजनीतिक तस्वीर स्पष्ट होगी।