राजस्थान पंचायत चुनाव में BJP जीतेगी: डिप्टी CM प्रेमचंद बैरवा का दावा
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने 15 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि आगामी पंचायत राज चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को व्यापक जनसमर्थन मिलेगा और पार्टी विजयी होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार के विकास कार्यों और कार्यकर्ताओं की ज़मीनी सक्रियता को जीत की नींव बताया।
BJP 'हमेशा चुनावी मोड में': बैरवा
बैरवा ने कहा कि BJP के कार्यकर्ता सदैव जनता के बीच रहकर उनके सुख-दुःख में भागीदारी निभाते हैं। उनके अनुसार, यही निरंतर संपर्क और जनभागीदारी पार्टी की चुनावी ताकत का असली स्रोत है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता का यह भरोसा पंचायत चुनाव में सीधे परिणामों में दिखेगा।
जल संकट के स्थायी समाधान का दावा
उपमुख्यमंत्री ने यमुना जल समझौते, नर्मदा समझौते और ईआरसीपी (पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना) का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में पानी की दीर्घकालिक समस्या को हल करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि राजस्थान में बार-बार सूखे और जल-संकट की स्थिति उत्पन्न होती रही है, जो किसानों और ग्रामीण जीवन को गहराई से प्रभावित करती है। बैरवा ने कहा कि बजट में शामिल संबंधित योजनाओं पर धरातल पर काम शुरू हो चुका है।
एक लाख से अधिक सरकारी नौकरियाँ और पेपर लीक पर कार्रवाई
रोज़गार के मोर्चे पर बैरवा ने दावा किया कि राज्य सरकार 1 लाख से अधिक सरकारी नौकरियाँ प्रदान कर चुकी है। उन्होंने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं का भविष्य दाँव पर लगा दिया था। उनके अनुसार, पेपर लीक मामलों में दोषियों को जेल भेजकर परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बहाल की गई है। उन्होंने राइजिंग राजस्थान पहल का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इसके ज़रिये युवाओं को नए अवसर दिए जा रहे हैं।
सरकार के विकास कार्यों पर टिका चुनावी दावा
बैरवा ने दोहराया कि राजस्थान की जनता मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और BJP के साथ खड़ी है। उनका तर्क है कि सरकार ने हर वर्ग — किसान, युवा और आम नागरिक — के लिए काम किया है, और यही जनभावना पंचायत चुनाव में पार्टी की जीत सुनिश्चित करेगी। यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में पंचायत राज चुनाव की तारीखों का इंतज़ार है और सभी दलों ने ज़मीनी तैयारियाँ तेज़ कर दी हैं।
आगे की राह
पंचायत राज चुनाव में BJP के अलावा कांग्रेस और अन्य दल भी अपनी-अपनी दावेदारी ठोकेंगे। ग्रामीण मतदाताओं के लिए जल संकट, रोज़गार और स्थानीय विकास के मुद्दे निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। बैरवा का यह बयान चुनावी माहौल गरमाने की शुरुआत माना जा सकता है।