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क्या राजस्थान एसआई भर्ती रद्द होने पर छात्रों का गुस्सा सही है?

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क्या राजस्थान एसआई भर्ती रद्द होने पर छात्रों का गुस्सा सही है?

सारांश

राजस्थान सब-इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती परीक्षा के रद्द होने से छात्रों में आक्रोश है। वे सड़कों पर उतर आए हैं और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। क्या यह गुस्सा सही है?

मुख्य बातें

राजस्थान एसआई भर्ती परीक्षा रद्द हुई।
छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया।
सरकार पर दबाव बढ़ रहा है।
छात्र न्याय की मांग कर रहे हैं।
पुलिस ने स्थिति को संभाला।

उदयपुर, 2 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान सब-इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती परीक्षा को रद्द करने के निर्णय से अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश उत्पन्न हो गया है। मंगलवार को उदयपुर में बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लिए हुए थे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। इस दौरान छात्रों और पुलिस के बीच तीखी बहस भी हुई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि परीक्षा रद्द करना मेहनती और ईमानदार अभ्यर्थियों के साथ नाइंसाफी है। उनका आरोप है कि पेपर लीक और धोखाधड़ी जैसे मामलों में कुछ गिने-चुने लोग जिम्मेदार हैं, लेकिन सजा हजारों ईमानदार उम्मीदवारों को दी जा रही है। छात्रों ने सरकार से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, लेकिन उन अभ्यर्थियों को मौका दिया जाए जिन्होंने पूरी ईमानदारी से परीक्षा दी थी।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों को शांत कराने और सड़क जाम न करने की अपील की, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। कई बार स्थिति इतनी गरमा गई कि झड़प जैसी नौबत आ गई। हालांकि, पुलिस ने संयम दिखाते हुए हालात को काबू में किया और प्रदर्शनकारियों को शांत कराने की कोशिश की।

छात्रों ने सख्त लहजे में कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उनका कहना है कि वे न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं और पीछे हटने वाले नहीं हैं। एक अभ्यर्थी ने सवाल करते हुए कहा कि मेहनती छात्रों को सजा क्यों मिले? सरकार को हमें जवाब देना होगा। अभ्यर्थियों का कहना है कि इस निर्णय ने उनके भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं सरकार पर दबाव लगातार बढ़ रहा है कि वह नई रणनीति घोषित करे या फिर ईमानदार छात्रों को न्याय दिलाए।

एक अन्य अभ्यर्थी ने कहा कि हमें न्याय चाहिए। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि इस तरह के प्रदर्शन से समस्या का समाधान नहीं होगा। सरकार को स्थिति को समझना होगा और उचित कार्रवाई करनी होगी।
RashtraPress
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राष्ट्र प्रेस
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