राजस्थान टूरिज्म रोड शो: पेइचिंग में चीनी पर्यटकों को मिला 'पधारो म्हारे देस' का न्योता
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान सरकार के पर्यटन विभाग ने 26 मई 2025 को पेइचिंग स्थित भारतीय दूतावास में एक विशेष राजस्थान टूरिज्म रोड शो का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य चीनी पर्यटकों को राजस्थान की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत से परिचित कराना था। इस कार्यक्रम में चीनी इन्फ्लूएंसर्स, पर्यटन में रुचि रखने वाले नागरिक तथा भारतीय दूतावास एवं राजस्थान सरकार के वरिष्ठ अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। यह रोड शो पेइचिंग के बाद शांगहाई में भी आयोजित किया जा रहा है।
रोड शो की ज़रूरत क्यों पड़ी
राजस्थान में पिछले वर्ष कुल 25.4 करोड़ पर्यटक पहुँचे, जिनमें 19.5 लाख विदेशी सैलानी शामिल थे। हालाँकि इन विदेशी पर्यटकों में चीनी नागरिकों की हिस्सेदारी अपेक्षाकृत कम रही — विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के बाद से यह अंतर और स्पष्ट हुआ है। जबकि चीनी पर्यटक थाईलैंड, जापान और यूरोप जैसे गंतव्यों में बड़ी तादाद में जाते हैं, राजस्थान अब तक उनकी प्राथमिकता सूची में उतना ऊपर नहीं रहा। इसी खाई को पाटने के लिए राजस्थान सरकार ने एक विशेष दल चीन भेजा है।
मुख्य पर्यटन स्थलों की झलक
रोड शो के दौरान चीनी प्रतिभागियों को राजस्थान के प्रमुख गंतव्यों से अवगत कराया गया। जयपुर (पिंक सिटी) में हवा महल और आमेर फोर्ट, उदयपुर (सिटी ऑफ लेक्स) में जल महल और सिटी पैलेस, जैसलमेर (गोल्डन सिटी) में जैसलमेर फोर्ट, और जोधपुर में मेहरानगढ़ फोर्ट व उमेद भवन पैलेस को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान, जो 400 वर्ग किमी में फैला है, को वाइल्डलाइफ प्रेमियों के लिए आदर्श बताया गया। इसके अलावा थार रेगिस्तान — जो भारत का सबसे बड़ा रेगिस्तानी क्षेत्र है — को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।
बौद्ध धर्म की जड़ें — एक कम ज्ञात पहलू
रोड शो में एक विशेष रूप से उल्लेखनीय पहलू यह रहा कि चीनी दर्शकों के समक्ष राजस्थान में बौद्ध धर्म की ऐतिहासिक उपस्थिति को उजागर किया गया। जयपुर, झालावाड़ और चित्तौड़गढ़ में प्राचीन बौद्ध विहारों, स्तूपों और गुफाओं के रूप में यह विरासत आज भी जीवित है। चूँकि बौद्ध धर्म भारत से चीन में पहुँचा, इस सांस्कृतिक सूत्र को दोनों देशों के बीच पर्यटन संबंधों को मज़बूत करने के एक सेतु के रूप में प्रस्तुत किया गया।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
राजस्थान पर्यटन विभाग की कमिश्नर रुकमणी रियार ने चीनी पर्यटकों को राजस्थान आने का आमंत्रण देते हुए कहा कि राज्य में हर प्रकार के पर्यटक के लिए कुछ न कुछ उपलब्ध है — चाहे वह युवा हो या वरिष्ठ। उन्होंने यह भी बताया कि हॉलीवुड और बॉलीवुड के सितारे यहाँ विवाह समारोह और पार्टियाँ आयोजित करते हैं, जो राज्य की वैश्विक अपील को दर्शाता है। लग्जरी ट्रेन 'पैलेस ऑन व्हील्स' का भी विशेष उल्लेख किया गया, जो राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों की एक साथ सैर कराती है।
भारतीय दूतावास में मिनिस्टर श्वेता सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत-चीन पर्यटन केवल यात्रा नहीं, बल्कि दोनों सभ्यताओं के बीच संवाद का माध्यम है। उन्होंने भारतीय परंपरा के मूल वाक्य 'अतिथि देवो भव' का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यटन द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने के महत्वपूर्ण माध्यमों में से एक है।
आगे क्या
पेइचिंग के बाद यह रोड शो शांगहाई में भी आयोजित किया जाएगा, जिससे चीन के दो प्रमुख शहरों में राजस्थान की पर्यटन संभावनाओं का प्रचार हो सके। राजस्थान की पारंपरिक पुकार — 'पधारो म्हारे देस' (आइए मेरे देश) — इस पूरे अभियान का केंद्रीय संदेश बनी रही, जो राज्य की आतिथ्य भावना को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करती है।