राजीव रंजन प्रसाद का ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप: जनता की सहानुभूति के लिए झूठे दावे
सारांश
Key Takeaways
- ममता बनर्जी पर झूठे आरोप लगाने का आरोप
- महिला आरक्षण विधेयक का मसौदा पेश किया जाएगा
- नीतीश कुमार की योजनाओं का महत्व
पटना, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की राजनीति में बयानबाजी ने एक नया मोड़ ले लिया है। जनता दल (यूनाइटेड) (जेडीयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे राज्य की जनता की सहानुभूति हासिल करने के लिए झूठे आरोप लगा रही हैं। उनका कहना है कि ममता के शासनकाल में पश्चिम बंगाल की स्थितियों में काफी गिरावट आई है।
राजीव रंजन ने कहा, "ममता बनर्जी अपनी राजनीतिक सुरक्षा के लिए झूठी बातें कर रही हैं। उनके कार्यकाल में राज्य में अराजकता का माहौल है। कारखाने बंद हो रहे हैं, बेरोजगारी बढ़ रही है, और लोग बेहतर जीवन की तलाश में हैं। लेकिन, ममता बनर्जी को सत्ता में लौटने का मौका नहीं मिलने वाला।"
महिला आरक्षण बिल पर उन्होंने कहा, "महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी और नेतृत्व में अवसर देने की आकांक्षा दशकों से रही है। पिछले 60 वर्षों में कांग्रेस ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अब, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, महिला आरक्षण विधेयक का संशोधित मसौदा आज पेश किया जाएगा।"
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "कांग्रेस अपनी पुरानी आदतों को छोड़ने वाली नहीं है। उन्हें शासन का मौका मिला था, लेकिन उन्होंने अपने वादों को पूरा नहीं किया। अब, मोदी सरकार इस कार्य को पूरा करने जा रही है।"
राजीव रंजन ने आगे कहा, "यह एक महान विरासत है और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विकास की नई गाथा लिखी है। उनके द्वारा शुरू किए गए तीन निश्चयों ने राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। आज बिहार एक उम्मीदों का प्रदेश बन चुका है।"
उन्होंने बताया कि एक विफल राज्य को नीतीश कुमार ने एक विकसित राज्य में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। ऐसे समय में सम्राट चौधरी, जो लंबे समय से नीतीश के साथ काम कर रहे हैं, बिहार में सुशासन का मॉडल लागू करेंगे। वे सभी योजनाओं को अमलीजामा पहनाने का कार्य करेंगे जो नीतीश कुमार ने आरंभ की थीं।