अयोध्या: राम जन्मभूमि ट्रस्ट की सभी रसोइयों को FSSAI का 'भोग' प्रमाणपत्र, रामलला का प्रसाद अब आधिकारिक रूप से प्रमाणित
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा संचालित समस्त रसोईघरों को 10 अक्टूबर 2026 को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से 'भोग' प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। इसके साथ ही रामलला को अर्पित किए जाने वाले भोग प्रसाद को भी भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के निर्धारित मानकों के अनुरूप आधिकारिक प्रमाणन मिल गया है। यह प्रमाणन देश के सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण धार्मिक परिसरों में से एक में खाद्य स्वच्छता के उच्च मानकों की स्थापना की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम माना जा रहा है।
प्रमाणपत्र वितरण समारोह
इस अवसर पर पीएफसी कॉन्फ्रेंस हॉल में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों और ट्रस्ट के पदाधिकारियों के बीच एक औपचारिक बैठक आयोजित की गई। बैठक के उपरांत ट्रस्ट को विधिवत 'भोग' प्रमाणपत्र सौंपे गए। कार्यक्रम में FSSAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजित पुनहानी, ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि, ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास, ट्रस्टी कृष्ण मोहन, जगदीश आफले सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
'भोग' प्रमाणपत्र क्या है और किसे मिलता है
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, 'भोग' प्रमाणपत्र उन धार्मिक संस्थानों और मंदिरों को प्रदान किया जाता है, जहाँ प्रसाद एवं भोजन के निर्माण, भंडारण और वितरण में FSSAI के खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाता है। यह प्रमाणन श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण प्रसाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था को आधिकारिक मान्यता देता है। गौरतलब है कि यह अभियान देशभर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर खाद्य सुरक्षा के स्तर को ऊँचा उठाने के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है।
सीता रसोई और रामलला का भोग
रामजन्मभूमि परिसर स्थित सीता रसोई में रामलला के लिए प्रतिदिन भोग तैयार किया जाता है। विशेष अवसरों पर 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया जाता है। एकादशी और अन्य विशेष तिथियों पर फलाहार की व्यवस्था रहती है, जबकि प्रतिदिन फल और जूस भी अर्पित किए जाते हैं। भोग लगाने के पश्चात यह प्रसाद ट्रस्ट के कर्मचारियों, पुजारियों और मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं में वितरित किया जाता है।
ट्रस्ट और अधिकारियों की प्रतिक्रिया
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस उपलब्धि को श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और शुद्ध प्रसाद व्यवस्था की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव बताया। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर खाद्य सुरक्षा के उच्च मानकों को बढ़ावा देने में 'भोग' प्रमाणन अभियान अहम भूमिका निभा रहा है और अयोध्या स्थित यह परिसर इसका एक आदर्श उदाहरण बन गया है।
आगे की राह
यह प्रमाणन मिलने के बाद अब ट्रस्ट के सभी रसोईघरों में FSSAI मानकों की नियमित निगरानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित होगी। यह कदम देश के अन्य प्रमुख मंदिर परिसरों के लिए भी एक मानक स्थापित कर सकता है, जहाँ लाखों श्रद्धालुओं को प्रतिदिन प्रसाद वितरित किया जाता है।