रामबन में ड्यूटी पर शराब पीते पकड़े गए ASI, SSP ने एक महीने के लिए नशा मुक्ति केंद्र भेजा
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में पुलिस अनुशासन के मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रामबन ने कड़ा कदम उठाते हुए ड्यूटी के दौरान शराब का सेवन करने वाले एक सहायक उप-निरीक्षक (ASI) को 17 अक्टूबर 2026 को जिला अस्पताल रामबन के नशा मुक्ति केंद्र में एक महीने के लिए भेज दिया है। यह मामला तब सामने आया जब मेडिकल जाँच में संबंधित कर्मी को ड्यूटी के लिए अनफिट पाया गया।
मामला कैसे आया सामने
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सूचना मिली कि संबंधित ASI ड्यूटी के घंटों के दौरान लगातार शराब का सेवन कर रहे थे। इसके बाद सीएचसी गूल के चिकित्सा अधिकारी ने जाँच की और अपनी आधिकारिक रिपोर्ट में पुष्टि की कि शराब के सेवन के कारण संबंधित कर्मी ड्यूटी करने के लिए चिकित्सकीय रूप से अयोग्य हैं।
चिकित्सा अधिकारी की रिपोर्ट मिलने के बाद SSP रामबन कार्यालय ने औपचारिक आदेश जारी कर ASI को तत्काल प्रभाव से नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराने का निर्देश दिया। यह कार्रवाई विभागीय जाँच के समानांतर की गई है।
SSP का स्पष्ट संदेश
SSP रामबन ने इस कार्रवाई के बारे में कहा कि पुलिस बल में अनुशासन सर्वोपरि है और जो भी कर्मी ड्यूटी के दौरान इस तरह की गलती करता पाया जाएगा, उसके विरुद्ध सख्त विभागीय कदम उठाए जाएंगे। जारी आदेश में स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि ड्यूटी के घंटों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या दुराचरण के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
गौरतलब है कि ड्यूटी पर शराब पीना पुलिस सेवा नियमों के तहत एक गंभीर अनुशासनहीनता मानी जाती है, जिस पर विभागीय दंड के साथ-साथ सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई हो सकती है।
आम जनता और पुलिस छवि पर असर
यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब जम्मू-कश्मीर में पुलिस-जन सम्बन्ध सुधारने और कानून-व्यवस्था की विश्वसनीयता बढ़ाने पर विशेष ज़ोर दिया जा रहा है। रामबन, जो जम्मू और श्रीनगर के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक महत्वपूर्ण जिला मुख्यालय है, संवेदनशील क्षेत्र होने के नाते यहाँ की पुलिस से उच्च व्यावसायिक मानकों की अपेक्षा रखी जाती है।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई अन्य कर्मियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार का नशा किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रामबन जिला: संक्षिप्त पृष्ठभूमि
रामबन को 1 अप्रैल 2007 को तत्कालीन डोडा जिले से अलग कर एक स्वतंत्र जिले का दर्जा दिया गया था। चिनाब नदी (चंद्रभागा) के किनारे बसा यह शहर जम्मू-कश्मीर के मध्य में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
आगे क्या होगा
संबंधित ASI को नशा मुक्ति केंद्र में एक माह के उपचार के बाद पुनः चिकित्सा जाँच से गुज़रना होगा। विभागीय अनुशासनिक प्रक्रिया समानांतर रूप से जारी रहेगी। पुलिस प्रशासन ने संकेत दिया है कि भविष्य में भी इस तरह की अनुशासन-विरोधी गतिविधियों पर नज़र रखी जाएगी।