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रामबन एसएसपी अरुण गुप्ता का 100-दिवसीय नशा मुक्त अभियान को मजबूत करने का आह्वान, नीलबटू में थाना दिवस आयोजित

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रामबन एसएसपी अरुण गुप्ता का 100-दिवसीय नशा मुक्त अभियान को मजबूत करने का आह्वान, नीलबटू में थाना दिवस आयोजित

सारांश

रामबन पुलिस ने नीलबटू में थाना दिवस के ज़रिये 100-दिवसीय नशा मुक्त अभियान को जमीनी समर्थन दिलाने की कोशिश की। एसएसपी अरुण गुप्ता ने नशा सिंडिकेट की सूचना देने, पुनर्वास केंद्र का उपयोग करने और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की अपील की।

मुख्य बातें

एसएसपी अरुण गुप्ता ने 22 मई को नीलबटू, रामबन में थाना दिवस का आयोजन किया।
जिला प्रशासन के 100-दिवसीय नशा मुक्त अभियान को जन-भागीदारी से मजबूत बनाने का आह्वान किया गया।
नशा पीड़ितों को जिला पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने और मानस हेल्पलाइन 1933 का उपयोग करने की अपील।
नागरिकों को इमरजेंसी नंबर 112 और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 की जानकारी दी गई।
नील शांति समिति और वीडीजी सदस्यों के साथ अलग बैठक कर सुरक्षा जिम्मेदारियों पर चर्चा की गई।

जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अरुण गुप्ता ने 22 मई को नीलबटू में 'थाना दिवस' का आयोजन कर जिला प्रशासन के 100-दिवसीय नशा मुक्त अभियान को जन-भागीदारी से और सशक्त बनाने का आह्वान किया। यह कार्यक्रम पीपी नील के अधिकार क्षेत्र में आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।

मुख्य घटनाक्रम

थाना दिवस में एसडीपीओ बनिहाल सुरिंदर सिंह, डिप्टी एसपी ऑपरेशन मनीषा, प्रोबेशनरी डिप्टी एसपी आसिम, नायब तहसीलदार रामसू तथा इंस्पेक्टर फरीद अहमद (एसएचओ रामसू) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त पूर्व डीडीसी सदस्य, सरपंच, पंच, ग्राम प्रधान, सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी, पूर्व सैनिक, धार्मिक नेता और महिलाओं सहित बड़ी संख्या में आम नागरिक भी शामिल हुए।

एसएसपी गुप्ता ने जनता की शिकायतें सुनीं और उनके शीघ्र निपटारे का आश्वासन दिया। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से अपील की कि वे नशीले पदार्थों के सिंडिकेट और उनके सहयोगियों की सूचना पुलिस को दें ताकि सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।

युवाओं और नशा पीड़ितों से विशेष अपील

एसएसपी ने युवाओं को नशे की लत से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि नशे के आदी व्यक्तियों को जिला पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया जाए। उन्होंने 'मानस हेल्पलाइन नंबर 1933' के बारे में जागरूकता फैलाई। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में नशे की समस्या से निपटने के लिए प्रशासनिक प्रयास तेज हो रहे हैं।

कार्यक्रम में लोगों को ईआरएसएस इमरजेंसी नंबर 112, साइबर अपराध से बचाव और राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी भी दी गई।

सामुदायिक सुरक्षा और जागरूकता

कार्यक्रम में 'राह वीर' योजना और दुर्घटना के बाद के 'गोल्डन आवर' के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उपस्थित नागरिकों को सोशल मीडिया पर फेक न्यूज़ और सांप्रदायिक सामग्री साझा करने से बचने की हिदायत दी गई। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा में प्रत्येक नागरिक की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।

शांति समिति और वीडीजी के साथ बैठक

कार्यक्रम के दौरान नील की शांति समिति के सदस्यों के साथ अलग से बैठक की गई, जिसमें शांति बनाए रखने और संकट की स्थिति में उनकी जिम्मेदारियों पर विस्तृत चर्चा हुई। दौरे का समापन कनिहाल और लुरू क्षेत्र के विलेज डिफेंस ग्रुप (वीडीजी) सदस्यों के साथ ब्रीफिंग सत्र के साथ हुआ, जिसमें एसएसपी ने उन्हें वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य में अपनी भूमिका के प्रति सजग किया।

आगे की राह

एसएसपी अरुण गुप्ता ने स्पष्ट किया कि जनता और पुलिस के सामूहिक प्रयास से ही जिले को नशामुक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस तरह के थाना दिवस नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पुनर्वास और सामाजिक जागरूकता से हल होती है, जो इस अभियान की सही दिशा है। गौरतलब है कि 100-दिवसीय अभियानों की सफलता अक्सर उनके समाप्त होने के बाद की निरंतरता पर निर्भर करती है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या ये थाना दिवस और पुनर्वास प्रयास अभियान की समयसीमा के बाद भी जारी रहते हैं।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामबन का 100-दिवसीय नशा मुक्त अभियान क्या है?
यह रामबन जिला प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा एक विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य जिले को नशीले पदार्थों से मुक्त करना है। इसमें पुलिस, प्रशासन और आम नागरिकों की सामूहिक भागीदारी पर जोर दिया जा रहा है।
थाना दिवस क्या होता है और इसका क्या उद्देश्य है?
थाना दिवस एक सामुदायिक संपर्क कार्यक्रम है जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सीधे जनता से मिलकर उनकी समस्याएं सुनते हैं और समाधान का आश्वासन देते हैं। इसका उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ाना है।
नशे की लत से पीड़ित व्यक्ति रामबन में कहाँ मदद ले सकते हैं?
नशे के आदी व्यक्ति रामबन के जिला पुनर्वास केंद्र में भर्ती हो सकते हैं। इसके अलावा मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 पर कॉल कर सहायता प्राप्त की जा सकती है।
नीलबटू थाना दिवस में किन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई?
कार्यक्रम में नागरिकों को इमरजेंसी नंबर 112, मानस हेल्पलाइन 1933 और राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी दी गई।
विलेज डिफेंस ग्रुप (वीडीजी) की इस अभियान में क्या भूमिका है?
कनिहाल और लुरू क्षेत्र के वीडीजी सदस्यों को वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य में उनकी जिम्मेदारियों के प्रति सजग किया गया। एसएसपी ने उन्हें ब्रीफिंग देकर सामुदायिक सुरक्षा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
राष्ट्र प्रेस
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