18 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

रामदास अठावले का उद्धव ठाकरे पर पलटवार: '2029 चुनाव में जनता तय करेगी सत्ता परिवर्तन'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
रामदास अठावले का उद्धव ठाकरे पर पलटवार: '2029 चुनाव में जनता तय करेगी सत्ता परिवर्तन'

सारांश

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने उद्धव ठाकरे के सत्ता परिवर्तन वाले बयान को सीधे नकारते हुए कहा — भारत संविधान से चलता है, बांग्लादेश नहीं। 2029 का चुनाव ही असली अखाड़ा होगा, और वहाँ जनता फैसला करेगी।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने 18 अक्टूबर 2026 को मुंबई में उद्धव ठाकरे के सरकार बदलने वाले बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।
अठावले ने कहा — सत्ता परिवर्तन का रास्ता 2029 का चुनाव है, अंतिम फैसला करोड़ों मतदाताओं के हाथ में है।
बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान का हवाला देते हुए भारत की तुलना बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका से की।
कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ पर TMC के आरोपों को अठावले ने राजनीतिकरण करार दिया।
उन्होंने कहा कि हादसों के वास्तविक कारणों पर ध्यान देना ज़रूरी है, न कि एनडीए सरकार को जिम्मेदार ठहराना।

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने 18 अक्टूबर 2026 को मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के सरकार बदलने संबंधी बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन का एकमात्र संवैधानिक रास्ता चुनाव है और इसका अंतिम अधिकार केवल मतदाताओं के पास है। अठावले ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में सरकार बदलने की शक्ति करोड़ों मतदाताओं के हाथ में होती है, किसी एक नेता या दल के हाथ में नहीं।

अठावले का सीधा जवाब

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, 'अगर उद्धव ठाकरे बदलाव चाहते हैं, तो वे 2029 के आगामी चुनावों में इसकी कोशिश कर सकते हैं। यह सिर्फ उनके हाथ में नहीं है बल्कि जनता के हाथ में है। करोड़ों लोग मतदान करते हैं और अपने मताधिकार का इस्तेमाल करके सरकार चुनते हैं।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'यह बांग्लादेश, नेपाल या श्रीलंका नहीं है। हमारा देश डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान के अनुसार चलता है।'

लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर जोर

अठावले ने अपने वक्तव्य के ज़रिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया और चुनावों की सर्वोच्चता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत में सरकार का गठन जनता के मतों और संविधान के प्रावधानों के अनुसार होता है — किसी आंदोलन या दबाव से नहीं। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में महायुति गठबंधन और महाविकास अघाड़ी के बीच वाकयुद्ध जारी है।

कोलकाता भगदड़ पर टीएमसी के आरोपों का खंडन

कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) द्वारा प्रशासन और पूजा समिति पर उठाए गए सवालों पर भी अठावले ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विपक्ष पर हादसों का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया और कहा, 'मुझे लगता है कि आजकल विपक्ष हर मुद्दे का राजनीतिकरण कर देता है। जहाँ तक भगदड़ की बात है, यह आरोप लगाना कि पश्चिम बंगाल में यह घटना इसलिए हुई, क्योंकि हमारी एनडीए सरकार सत्ता में आई है, बिल्कुल भी उचित नहीं है।'

विपक्षी आरोपों पर केंद्रीय मंत्री की राय

अठावले ने कहा कि किसी भी दुर्घटना को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से जोड़ने के बजाय उसके वास्तविक कारणों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हादसे के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराने से पहले तथ्यों को समझना ज़रूरी है। उनके अनुसार, 'इससे पहले भी हादसे होते थे, उस समय कोई कुछ नहीं बोलता था — पश्चिम बंगाल में TMC के नेताओं का इस तरह आरोप लगाना सही नहीं है।'

आगे क्या

अठावले के इस बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में बहस और तेज होने की संभावना है, खासकर जब 2029 के विधानसभा और लोकसभा चुनावों की रणनीतिक तैयारियाँ विभिन्न दल शुरू कर रहे हैं। ठाकरे खेमे की ओर से इस बयान पर प्रतिक्रिया आनी बाकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब वह अपने शासित राज्यों में विपक्ष की आवाज़ दबाने के आरोपों का भी जवाब देते। कोलकाता भगदड़ पर टिप्पणी राजनीतिक रूप से सुविधाजनक है, लेकिन पीड़ितों के लिए ज़िम्मेदारी की माँग को दलगत आरोप बताकर खारिज करना जवाबदेही की राजनीति को कमज़ोर करता है।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामदास अठावले ने उद्धव ठाकरे के बयान पर क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि अगर उद्धव ठाकरे सत्ता बदलना चाहते हैं, तो 2029 के चुनाव में जनता के सामने जाएँ। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत में सरकार बदलने का अधिकार करोड़ों मतदाताओं के पास है, किसी एक नेता के पास नहीं।
अठावले ने भारत की तुलना बांग्लादेश और नेपाल से क्यों की?
अठावले ने यह तुलना यह बताने के लिए की कि भारत में सत्ता परिवर्तन सड़क या दबाव से नहीं, बल्कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत होता है। उनका इशारा था कि जहाँ अन्य देशों में अस्थिरता से सरकारें बदलीं, भारत संवैधानिक मार्ग पर चलता है।
कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ पर अठावले की क्या प्रतिक्रिया थी?
अठावले ने कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़ पर TMC के आरोपों को राजनीतिकरण करार दिया। उन्होंने कहा कि किसी हादसे के लिए एनडीए सरकार को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है और दुर्घटनाओं के वास्तविक कारणों पर ध्यान देना ज़रूरी है।
2029 चुनाव का महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर होगा?
2029 के विधानसभा और लोकसभा चुनाव महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन और महाविकास अघाड़ी के बीच निर्णायक मुकाबले के रूप में देखे जा रहे हैं। अठावले के बयान से संकेत मिलता है कि सत्तापक्ष जनता के बीच जाने की रणनीति पर भरोसा कर रहा है।
शिवसेना (यूबीटी) और एनडीए के बीच मौजूदा विवाद क्या है?
उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) ने केंद्र और राज्य की महायुति सरकार के खिलाफ सत्ता परिवर्तन की बात कही थी, जिस पर अठावले ने यह पलटवार किया। महाराष्ट्र में 2024 के बाद से दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी तेज है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 17 घंटे पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले