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2029 में मोदी फिर PM बनेंगे, गांव की दादी भी कह रही हैं: रामदास आठवले का दावा

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2029 में मोदी फिर PM बनेंगे, गांव की दादी भी कह रही हैं: रामदास आठवले का दावा

सारांश

केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने शिरडी में बड़ा दावा किया — 2029 में मोदी चौथी बार PM बनेंगे। साथ ही उद्धव ठाकरे के 14-15 और विधायकों के शिंदे गुट में जाने की भविष्यवाणी की और डॉ. अंबेडकर के महाड सत्याग्रह की शताब्दी पर 18 नवंबर को पुणे में 'सामाजिक समानता मार्च' की घोषणा की।

मुख्य बातें

केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने 7 जुलाई को शिरडी में दावा किया कि 2029 में नरेंद्र मोदी चौथी बार प्रधानमंत्री बनेंगे।
आठवले के अनुसार मोदी अगले आठ साल तक देश की सेवा करने में सक्षम हैं और उनका कोई राष्ट्रीय विकल्प नहीं है।
उद्धव ठाकरे के 14-15 विधायक और 6 बागी सांसद पहले ही एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो चुके हैं; और पलायन की आशंका जताई।
आठवले ने 2019 में कांग्रेस के साथ उद्धव के गठबंधन को उनकी 'सबसे बड़ी राजनीतिक भूल' बताया।
बाबासाहेब अंबेडकर के महाड चवदार टैंक सत्याग्रह की शताब्दी के अवसर पर 'सामाजिक समानता मार्च' 18 नवंबर को पुणे में समाप्त होगा।

केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने 7 जुलाई को शिरडी में दावा किया कि 2029 के आम चुनाव में भी नरेंद्र मोदी चौथी बार प्रधानमंत्री बनेंगे और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार केंद्र में लौटेगी। आठवले ने अपने दावे को जनभावना से जोड़ते हुए कहा कि गांव-गांव की बुजुर्ग महिलाएं भी यही मानती हैं।

मोदी पर आठवले का भरोसा

आठवले ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पूरी तरह स्वस्थ हैं और अगले आठ साल तक देश की सेवा करने में सक्षम हैं। उनके अनुसार, फिलहाल राष्ट्रीय राजनीति में मोदी के समकक्ष कोई नेता नहीं है। उन्होंने कहा कि मोदी सभी को साथ लेकर चलते हैं और विकास को प्राथमिकता देते हैं।

आठवले ने यह भी स्पष्ट किया कि वे प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दोनों का सम्मान करते हैं, लेकिन यदि किसी एक को चुनना हो तो वे मोदी को प्राथमिकता देंगे।

उद्धव ठाकरे पर निशाना

आठवले ने उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनके शेष विधायकों में से 14-15 विधायक भी एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने इसे 'ऑपरेशन उद्धव ठाकरे' करार दिया। उनके अनुसार, उद्धव के 6 बागी सांसद पहले ही शिंदे गुट में जा चुके हैं और यह सिलसिला जारी है।

आठवले ने कहा कि 2019 में कांग्रेस के साथ गठबंधन करना उद्धव ठाकरे की सबसे बड़ी राजनीतिक भूल थी। उनका मानना है कि यदि उद्धव महायुति के साथ रहते, तो उन्हें इस तरह के नुकसान का सामना नहीं करना पड़ता।

महाड चवदार टैंक सत्याग्रह शताब्दी और सामाजिक समानता मार्च

आठवले ने डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के नेतृत्व में हुए महाड चवदार टैंक सत्याग्रह के 100 वर्ष पूर्ण होने का उल्लेख किया। इस ऐतिहासिक अवसर को ध्यान में रखते हुए एक 'सामाजिक समानता मार्च' का आयोजन किया जा रहा है, जो पूरे महाराष्ट्र से होकर गुजरेगा और 18 नवंबर को पुणे में संपन्न होगा।

आठवले के अनुसार, इस मार्च का उद्देश्य पिछले कुछ वर्षों में आए सामाजिक बदलावों पर विचार करना और समाज में एकता को सुदृढ़ करना है। यह आयोजन अंबेडकरवादी आंदोलन की विरासत को जीवित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की राजनीतिक सक्रियता बढ़ी है और 2029 के चुनावों को लेकर सभी दलों में रणनीतिक हलचल शुरू हो गई है। NDA की ओर से इस तरह के दावे सत्ता-पक्ष की आत्मविश्वास की राजनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

NDA की 'अपरिहार्यता की राजनीति' की सुनियोजित रणनीति का हिस्सा लगता है — जहाँ 2029 को अभी से 'तय' बताकर विपक्षी एकजुटता को मनोवैज्ञानिक रूप से कमज़ोर करने की कोशिश है। उद्धव ठाकरे पर 'ऑपरेशन' वाली भाषा यह संकेत देती है कि महाराष्ट्र की राजनीति में दलबदल का दौर अभी थमा नहीं है। हालाँकि, 2024 के लोकसभा चुनावों में NDA को महाराष्ट्र में अपेक्षा से कम सीटें मिली थीं — इस संदर्भ में 2029 की 'निश्चितता' के दावे जनता की वास्तविक भावना से मेल खाते हैं या नहीं, यह देखना बाकी है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामदास आठवले ने 2029 को लेकर क्या दावा किया?
केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने 7 जुलाई को शिरडी में कहा कि 2029 के आम चुनाव में नरेंद्र मोदी चौथी बार प्रधानमंत्री बनेंगे और NDA की सरकार केंद्र में लौटेगी। उन्होंने मोदी को अगले आठ साल तक देश सेवा में सक्षम बताया।
आठवले ने उद्धव ठाकरे पर क्या आरोप लगाए?
आठवले ने कहा कि उद्धव ठाकरे के शेष विधायकों में से 14-15 विधायक भी एकनाथ शिंदे की शिवसेना में जा सकते हैं। उनके 6 बागी सांसद पहले ही शिंदे गुट में शामिल हो चुके हैं। 2019 में कांग्रेस के साथ गठबंधन को उन्होंने उद्धव की सबसे बड़ी राजनीतिक भूल बताया।
सामाजिक समानता मार्च क्या है और यह कब होगा?
यह मार्च डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के नेतृत्व में हुए महाड चवदार टैंक सत्याग्रह के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। यह पूरे महाराष्ट्र से होकर गुजरेगा और 18 नवंबर को पुणे में समाप्त होगा।
महाड चवदार टैंक सत्याग्रह का क्या महत्व है?
महाड चवदार टैंक सत्याग्रह डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के नेतृत्व में हुआ एक ऐतिहासिक सामाजिक आंदोलन था, जिसने दलितों के सार्वजनिक जल स्रोतों तक समान अधिकार की लड़ाई लड़ी। इस सत्याग्रह के 100 वर्ष पूर्ण होने का अवसर सामाजिक एकता और समानता के पुनर्मूल्यांकन का मौका माना जा रहा है।
आठवले के अनुसार उद्धव ठाकरे को क्या करना चाहिए था?
आठवले का मानना है कि उद्धव ठाकरे को भाजपा और महायुति के साथ बने रहना चाहिए था। उनके अनुसार, कांग्रेस के साथ गठबंधन के कारण उद्धव को शिवसेना विभाजन और विधायकों-सांसदों के पलायन का सामना करना पड़ा।
राष्ट्र प्रेस
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