राहुल गांधी के 'मोदी हटेंगे' बयान पर आठवले का पलटवार: 'एनडीए बहुमत में, यह बच्चों का खेल नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने 25 मई 2026 को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें गांधी ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक साल के भीतर प्रधानमंत्री पद पर नहीं रहेंगे। आठवले ने इस दावे को 'पूरी तरह हास्यास्पद' करार देते हुए कहा कि एनडीए सरकार पूर्ण बहुमत में है और मोदी को सत्ता से बाहर करना 'बच्चों का खेल नहीं' है।
आठवले का सीधा जवाब
आठवले ने कहा कि राहुल गांधी के बयान में कोई तथ्य नहीं है और देश की जनता यह भली-भाँति जानती है कि वह अक्सर बेबुनियाद बातें करते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री मोदी ने राहुल गांधी और उनकी पार्टी के राजनीतिक प्रभाव को समाप्त कर दिया था। आठवले ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी में इतनी राजनीतिक ताकत नहीं है कि वे मोदी को सत्ता से बाहर कर सकें और दोनों नेताओं की तुलना करना उचित नहीं है।
बधाई के साथ सीमा भी तय की
दिलचस्प बात यह रही कि आठवले ने राहुल गांधी को विपक्ष के नेता के रूप में 'अच्छा काम' करने के लिए बधाई भी दी। हालाँकि उन्होंने तुरंत यह भी जोड़ा कि गांधी को विपक्ष के नेता की भूमिका में ही सीमित रहना चाहिए, क्योंकि देश के प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ही उपयुक्त हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कई नेता प्रधानमंत्री मोदी के विरुद्ध अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं, जबकि देश की जनता जानती है कि मोदी के नेतृत्व में देश विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।
ममता बनर्जी पर भाजपा का निशाना
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी आने वाले समय में राजनीतिक नेपथ्य में जाती दिखाई दे रही हैं। आलोक ने दावा किया कि फाल्टा क्षेत्र में जहाँ ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को प्रचार करना चाहिए था, वहाँ दोनों बुआ-भतीजे एक दिन भी प्रचार के लिए नहीं पहुँचे। उन्होंने यह भी दावा किया कि वहाँ के उम्मीदवार जहाँगीर खान ने अपना नाम वापस ले लिया, जो पार्टी की कमज़ोर स्थिति को दर्शाता है।
उमर अब्दुल्ला पर 'गायब' पोस्टर विवाद
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के विरुद्ध BJP के 'गायब होने वाले पोस्टर अभियान' पर प्रतिक्रिया देते हुए अजय आलोक ने कहा कि यदि कोई मुख्यमंत्री लगातार अनुपस्थित रहे और कभी लंदन तो कभी अमेरिका जाता रहे, तो प्रदेश का प्रशासन कैसे चलेगा। उन्होंने कहा कि किसी राज्य का मुख्यमंत्री जनता के बीच मौजूद न रहे, इससे बड़ा दुर्भाग्य कुछ नहीं हो सकता। यह बयान ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में विपक्षी दलों और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच तनाव बढ़ता दिख रहा है।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि राहुल गांधी के बयान और उस पर सत्तापक्ष की तीखी प्रतिक्रिया का यह सिलसिला नया नहीं है। 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया था, जिसके बाद से विपक्ष का आत्मविश्वास बढ़ा है। हालाँकि, NDA सरकार के पास अभी भी स्पष्ट बहुमत है। आने वाले महीनों में इस राजनीतिक वाकयुद्ध के और तेज़ होने के संकेत हैं।