9 जुलाई 2026
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राहुल गांधी के बयान पर एनडीए का पलटवार: '2029 तक सरकार मजबूत, सपना देखना बंद करें'

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राहुल गांधी के बयान पर एनडीए का पलटवार: '2029 तक सरकार मजबूत, सपना देखना बंद करें'

सारांश

राहुल गांधी के एनडीए सरकार की स्थिरता पर सवाल उठाने वाले बयान के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन ने एकजुट होकर पलटवार किया। केंद्रीय मंत्रियों ने माफी माँगी, BJP ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हवाला दिया — और 240+ सीटों का आँकड़ा सामने रख दिया।

मुख्य बातें

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के PM मोदी पर दिए बयान के बाद 24 मई को एनडीए का पलटवार।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने राहुल गांधी से सार्वजनिक माफी की माँग की।
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा — एनडीए सरकार एक साल में गिरने का सपना 'बिल्कुल नहीं' पूरा होगा।
BJP प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने कहा, मौजूदा लोकसभा का कार्यकाल 2029 तक है, सरकार अचानक कैसे गिरेगी।
शिवसेना (यूबीटी) के आनंद दुबे के अनुसार BJP अकेले 240 सीटें जीती हैं; गठबंधन 272 के आँकड़े से काफी आगे।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी के बाद 24 मई को राजनीतिक घमासान तेज हो गया, जब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के कई वरिष्ठ नेताओं ने एक साथ पलटवार करते हुए कहा कि गांधी 'दिन में सपना' देख रहे हैं और 2029 तक एनडीए सरकार पूरी तरह स्थिर रहेगी। केंद्रीय मंत्रियों से लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता तक — सभी ने राहुल गांधी से माफी की माँग की।

मंत्रियों की तीखी प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, 'जिस तरह से राहुल गांधी बर्ताव कर रहे हैं, वे एक दुश्मन की तरह काम कर रहे हैं। राहुल गांधी एक जिम्मेदार पद पर हैं — वे लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ राहुल गांधी ने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया है, उनके लिए उन्हें माफी मांगनी पड़ेगी।' मेघवाल ने आगे कहा, 'देश उन्हें माफ नहीं करेगा।'

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने महंगाई पर आंशिक सहमति जताते हुए कहा, 'मुझे लगता है कि जो महंगाई बढ़ी है, वह नहीं बढ़नी चाहिए थी, लेकिन राहुल गांधी जो सपना देख रहे हैं कि एनडीए सरकार एक साल में गिर जाएगी, ऐसा बिल्कुल नहीं होगा।' उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी के लोग अक्सर प्रधानमंत्री की आलोचना करते हैं, 'लेकिन उन्हें यह एहसास नहीं है कि प्रधानमंत्री पूरे देश के हैं।'

BJP प्रवक्ता का संवैधानिक तर्क

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हवाला देते हुए कहा, 'राहुल गांधी का यह बयान कि एनडीए सरकार अचानक से गिर जाएगी, मुझे यह सोचने पर मजबूर करता है कि अब उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर कोई भरोसा नहीं रह गया है। मौजूदा लोकसभा का कार्यकाल 2029 तक है, तो फिर सरकार अचानक कैसे गिर सकती है?'

गौरतलब है कि राहुल गांधी के बयान ने एनडीए की स्थिरता पर सवाल उठाए थे, जिसे सत्तारूढ़ गठबंधन ने राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना।

विपक्षी दलों की सधी प्रतिक्रिया

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के पूर्व सांसद हन्नान मोल्लाह ने सतर्क रुख अपनाते हुए कहा, 'मैं कोई हस्तरेखा विशेषज्ञ नहीं हूं, इसलिए मैं गिनकर नहीं बता सकता। यह उनकी राय है। इसके पीछे कोई अध्ययन या कोई जानकारी जरूर होगी।'

शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा, 'हम न तो ज्योतिषी हैं और न ही हमारे पास इस बारे में कोई भविष्यवाणी है। राजनीति में हम केवल अंदाजा ही लगा सकते हैं।' उन्होंने स्वीकार किया कि अकेले भारतीय जनता पार्टी ने 240 सीटें जीती हैं और टीडीपी, जेडीयू, एलजेपी और शिवसेना के समर्थन के साथ गठबंधन 272 के बहुमत के आँकड़े से काफी आगे है।

सीट गणित और राजनीतिक संदर्भ

आठवले ने याद दिलाया कि कांग्रेस ने 2014 और 2019 में करीब 40-42 सीटें जीती थीं, जबकि इस बार उसने अधिक सीटें जीतकर राहुल गांधी को विपक्ष के नेता का दर्जा दिलाया। यह ऐसे समय में आया है जब संसद का बजट सत्र नजदीक है और विपक्ष सरकार पर महंगाई और बेरोज़गारी के मुद्दों पर दबाव बनाने की कोशिश में है।

आगे क्या

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह वाकयुद्ध संसद के अगले सत्र में भी जारी रह सकता है। एनडीए की ओर से माफी की माँग और कांग्रेस की आक्रामक रणनीति के बीच, 2029 के आम चुनाव से पहले विपक्ष और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच तनातनी और गहरी होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ताकि उनकी आलोचना की धार कुंद हो। दिलचस्प यह है कि आठवले ने महंगाई पर आंशिक सहमति जताई — जो सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर एक दुर्लभ स्वीकारोक्ति है। मुख्यधारा की कवरेज इस बारीकियत को अक्सर नजरअंदाज करती है। असली सवाल यह है कि क्या विपक्ष का यह आक्रामक रुख 2029 से पहले जनता में कोई ठोस असर छोड़ पाएगा, या यह महज संसदीय शोर बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने एनडीए सरकार के बारे में क्या बयान दिया था?
राहुल गांधी ने कथित तौर पर कहा था कि एनडीए सरकार जल्द गिर सकती है। इसी बयान पर एनडीए नेताओं ने 24 मई को तीखी प्रतिक्रिया दी और उन्हें 'दिन में सपना देखने वाला' करार दिया।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने राहुल गांधी से क्या माँग की?
मेघवाल ने कहा कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ जिन शब्दों का इस्तेमाल किया है, उनके लिए उन्हें सार्वजनिक माफी माँगनी होगी। उन्होंने कहा कि देश उन्हें माफ नहीं करेगा।
BJP ने एनडीए सरकार की स्थिरता के पक्ष में क्या तर्क दिया?
BJP प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने कहा कि मौजूदा लोकसभा का कार्यकाल 2029 तक है, इसलिए सरकार अचानक गिरने का सवाल ही नहीं उठता। शिवसेना (यूबीटी) के आनंद दुबे ने भी माना कि BJP की 240 सीटें और गठबंधन सहयोगियों के समर्थन से एनडीए 272 के बहुमत से काफी आगे है।
रामदास आठवले ने महंगाई पर क्या कहा?
आठवले ने स्वीकार किया कि महंगाई नहीं बढ़नी चाहिए थी — जो एनडीए के किसी मंत्री की दुर्लभ स्वीकारोक्ति है। हालाँकि उन्होंने साफ किया कि इससे सरकार की स्थिरता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
सीपीआई (एम) और शिवसेना (यूबीटी) ने राहुल गांधी के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
सीपीआई (एम) के पूर्व सांसद हन्नान मोल्लाह ने सतर्क रुख अपनाते हुए कहा कि यह राहुल गांधी की राय है और इसके पीछे कोई अध्ययन हो सकता है। शिवसेना (यूबीटी) के आनंद दुबे ने कहा कि राजनीति में केवल अंदाजा लगाया जा सकता है, कोई निश्चित भविष्यवाणी नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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