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उद्धव ठाकरे एनडीए में आ सकते हैं: रामदास आठवले का बड़ा दावा, राम मंदिर घोटाले पर भी बोले

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उद्धव ठाकरे एनडीए में आ सकते हैं: रामदास आठवले का बड़ा दावा, राम मंदिर घोटाले पर भी बोले

सारांश

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने इंदौर में बड़ा दावा किया — उद्धव ठाकरे एक दिन एनडीए में लौट सकते हैं। 2019 के फैसले को गलती बताते हुए उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) के अधिकांश जनप्रतिनिधि पहले ही शिंदे खेमे में जा चुके हैं। राम मंदिर घोटाले और यूसीसी पर भी उन्होंने अपना रुख स्पष्ट किया।

मुख्य बातें

केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने 23 जून को इंदौर में दावा किया कि उद्धव ठाकरे भविष्य में एनडीए का हिस्सा बन सकते हैं।
आठवले के अनुसार, शिवसेना (यूबीटी) के अधिकांश सांसद और विधायक एकनाथ शिंदे के साथ आ चुके हैं; उद्धव के साथ बहुत कम जनप्रतिनिधि बचे हैं।
2019 में उद्धव द्वारा कांग्रेस-NCP के साथ सरकार बनाने के फैसले को आठवले ने विभाजन की मूल वजह बताया।
राम मंदिर दानपात्र के कथित घोटाले पर CM योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित SIT की जाँच का आठवले ने समर्थन किया।
आठवले ने कहा कि UCC लागू होने से हिंदू-मुस्लिम एकता बढ़ेगी और मुस्लिम समाज को सबसे अधिक लाभ होगा।

केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने मंगलवार, 23 जून को इंदौर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे भविष्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का हिस्सा बन सकते हैं। आठवले के इस बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।

आठवले का दावा: उद्धव के विधायक-सांसद शिंदे खेमे में

आठवले ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) के अधिकांश सांसद और विधायक अब एकनाथ शिंदे के साथ आ रहे हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि उनका राजनीतिक भविष्य एनडीए के साथ रहकर ही सुरक्षित है। उन्होंने कहा, 'यह बात निश्चित तौर पर खारिज नहीं की जा सकती कि उद्धव ठाकरे को छोड़कर अधिकांश जनप्रतिनिधि शिंदे के साथ जा रहे हैं। अब उद्धव के साथ बहुत ही कम सांसद और विधायक बचे हैं।'

2019 का निर्णय: आठवले ने बताई असली वजह

आठवले ने 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिवसेना ने उस समय एकजुट होकर चुनाव लड़ा था। लेकिन जब भाजपा अपने दम पर सरकार बनाने में नाकाम रही, तब उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के साथ सरकार बनाने का फैसला किया। आठवले ने कहा, 'अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया होता, तो आज वह हमारे साथ ही होते और उनका ही नेतृत्व रहता। मैंने उन्हें कई बार समझाया भी था।' उनके अनुसार, जिस तरह एनडीए के साथ जनप्रतिनिधियों की संख्या बढ़ रही है, एक दिन उद्धव ठाकरे को भी गठबंधन में लौटना होगा।

राम मंदिर दानपात्र घोटाले पर कड़ी प्रतिक्रिया

आठवले ने राम मंदिर के दानपात्र में कथित घोटाले पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात नहीं है और सरकार भ्रष्टाचार के सख्त खिलाफ है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले की जाँच के लिए विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया है और इस घोटाले में संलिप्त सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा, 'राम मंदिर में ऐसा घोटाला नहीं होना चाहिए था। कुछ लोगों की भ्रष्ट मानसिकता के कारण यह हुआ, लेकिन अब ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होकर रहेगी।'

यूसीसी पर आठवले का रुख: मुस्लिम समाज को होगा फायदा

समान नागरिक संहिता (UCC) पर आठवले ने कहा कि इसमें मुस्लिम समुदाय की प्रगति निहित है। उन्होंने परिवार नियोजन का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले बड़े परिवारों का चलन था, लेकिन जागरूकता अभियानों के बाद स्थिति बदली। उन्होंने कहा कि जनसंख्या के मामले में भारत अब पहले स्थान पर है और यूसीसी लागू होने से हिंदू-मुस्लिम एकता को बल मिलेगा। उनके अनुसार, 'अगर यह कानून बनेगा तो मुस्लिम समाज का ही सबसे अधिक फायदा होगा।'

महाराष्ट्र की राजनीति पर असर

आठवले के इस बयान को महाराष्ट्र की राजनीतिक सरगर्मियों के बीच देखा जा रहा है। गौरतलब है कि 2022 में शिवसेना में विभाजन के बाद से एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाला धड़ा एनडीए के साथ है, जबकि उद्धव ठाकरे का गुट विपक्षी महाविकास आघाडी (MVA) में शामिल है। आठवले के दावे पर शिवसेना (यूबीटी) की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या उद्धव खेमा इस दावे को सिरे से खारिज करता है या कोई नई राजनीतिक हलचल सामने आती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो शिवसेना (यूबीटी) के समर्थकों को कमज़ोर दिखाने के लिए बार-बार दोहराया जाता है। असली सवाल यह है कि क्या महाराष्ट्र में अगले चुनाव से पहले ऐसे बयान उद्धव खेमे के शेष जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाने के लिए काफी होंगे।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामदास आठवले ने उद्धव ठाकरे के बारे में क्या दावा किया?
केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने 23 जून को इंदौर में कहा कि उद्धव ठाकरे भविष्य में एनडीए का हिस्सा बन सकते हैं। उनके अनुसार, शिवसेना (यूबीटी) के अधिकांश सांसद और विधायक पहले ही एकनाथ शिंदे के साथ आ चुके हैं और उद्धव के पास बहुत कम जनप्रतिनिधि बचे हैं।
आठवले ने 2019 के चुनाव का ज़िक्र क्यों किया?
आठवले ने कहा कि 2019 में BJP और शिवसेना ने मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन जब BJP अकेले सरकार नहीं बना पाई तो उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस और NCP के साथ जाने का फैसला किया। आठवले के मुताबिक, यही निर्णय शिवसेना में विभाजन की जड़ बना।
राम मंदिर दानपात्र घोटाले पर आठवले ने क्या कहा?
आठवले ने इस कथित घोटाले को गंभीर बताया और कहा कि CM योगी आदित्यनाथ ने मामले की जाँच के लिए SIT गठित की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
आठवले ने UCC पर क्या रुख अपनाया?
आठवले ने कहा कि समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने से हिंदू-मुस्लिम एकता को बल मिलेगा और मुस्लिम समाज को इससे सबसे अधिक फायदा होगा। उन्होंने परिवार नियोजन का उदाहरण देते हुए जनसंख्या प्रबंधन को UCC से जोड़कर देखा।
क्या उद्धव ठाकरे के एनडीए में आने की कोई आधिकारिक पुष्टि हुई है?
नहीं। यह केवल रामदास आठवले का व्यक्तिगत दावा है। शिवसेना (यूबीटी) की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है। उद्धव ठाकरे अभी महाविकास आघाडी (MVA) के प्रमुख घटक के रूप में विपक्ष में हैं।
राष्ट्र प्रेस
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