क्या रांची और लोहरदगा में स्कूली छात्रों की पिटाई हुई है? सीएम हेमंत ने लिया संज्ञान और कार्रवाई के निर्देश

सारांश
Key Takeaways
- स्कूली छात्रों की पिटाई की घटनाएँ चिंता का विषय हैं।
- मुख्यमंत्री ने त्वरित कार्रवाई का आदेश दिया है।
- शिक्षा प्रणाली में सुरक्षा की आवश्यकता है।
- स्कूल प्रबंधन ने आरोपों का खंडन किया है।
- पीड़ित छात्रों को न्याय दिलाने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
रांची, २४ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची और लोहरदगा जिले में दो स्कूली छात्र-छात्राओं की बेरहम पिटाई की घटनाओं पर ध्यान दिया है। उन्होंने दोनों जिलों के उपायुक्तों को इन घटनाओं की गहराई से जांच कर उचित कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
पहली घटना रांची के खलारी स्थित बमने उत्क्रमित मध्य विद्यालय की है, जहां स्कूल प्रबंध समिति के अध्यक्ष जयधन महतो और दो शिक्षकों जितेंद्र महतो एवं राजनाथ महतो पर एक आदिवासी छात्रा की बुरी तरह पिटाई करने का आरोप लगा है। छात्रा की मां का कहना है कि पिटाई के कारण उसकी बेटी के कंधे की हड्डी और पसली टूट गई है।
छात्रा और उसकी मां ने शनिवार को इस घटना की लिखित शिकायत लेकर रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री से मुलाकात की। यह मामला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तक भी पहुंचा। इसके बाद उपायुक्त ने जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा अधीक्षक को मामले की जांच और कार्रवाई का निर्देश दिया है।
दूसरी घटना लोहरदगा जिले के भरनो प्रखंड अंतर्गत पलमी गांव स्थित संत मेरी पब्लिक स्कूल की है। यहां यूकेजी में पढ़ने वाले आठ वर्षीय प्रिंस उरांव को कथित रूप से स्कूल की शिक्षिका कांति किरण किंडो ने डंडे से पीटा। इससे बच्चे का एक पांव और हाथ की अंगुली टूट गई है। बच्चे के पिता सुकरा उरांव ने इसे लेकर थाने में आवेदन दिया है।
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि प्रिंस स्कूल के छात्रावास में रहकर पढ़ाई करता है। 20 अगस्त को कक्षा के दौरान शिक्षिका ने उसे कार्यालय में बुलाया और बुरी तरह पीटा। आरोप है कि शिक्षिका ने चेतावनी दी कि विद्यालय से जुड़ी किसी भी बात की शिकायत घरवालों या अन्य लोगों से न की जाए।
दूसरी तरफ, संत मेरी पब्लिक स्कूल प्रबंधन ने आरोपों को खारिज कर दिया है। स्कूल के निदेशक जय इशू मिंज ने कहा कि शिक्षिका पर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। विद्यालय में किसी तरह की मारपीट की घटना नहीं हुई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस घटना की जानकारी मिलने पर जिले के उपायुक्त को तत्काल जांच कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने बच्चे का इलाज और काउंसलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया है।