बलतेज पन्नू का रणजीत सिंह को कानूनी नोटिस, बोले- बिना सबूत आरोप लगाए तो कानून करेगा कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के जनरल सेक्रेटरी और पंजाब मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने 22 अगस्त को पटियाला में स्पष्ट किया कि रणजीत सिंह को कानूनी नोटिस भेजा जा चुका है। गुरप्रीत कौर मान के खिलाफ ₹5 करोड़ की रिश्वत के आरोपों के संदर्भ में पन्नू ने चेतावनी दी कि बिना सबूत के लगाए गए किसी भी इल्जाम पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कानूनी नोटिस पर पन्नू का बयान
बलतेज पन्नू ने कहा, 'रणजीत सिंह को लीगल नोटिस दिया गया है। उनकी ओर से पिछले दिनों में कुछ इल्जाम लगाए गए थे। जिस पद से वे रिटायर हुए हैं, उनको भी पता होगा कि कौन सा इल्जाम लगाया जा सकता है और कौन सा नहीं। बिना सबूत के अगर कोई भी इल्जाम लगाएगा, तो फिर उसके खिलाफ कानून अपना काम करेगा। हमारे पास अधिकार है कि कानून के माध्यम से नोटिस दिया जाए।'
सुखबीर बादल और गठबंधन पर निशाना
शिरोमणि अकाली दल (SAD) नेता विक्रम सिंह मजीठिया के गठबंधन संबंधी बयान पर पन्नू ने कहा कि इन दिनों हरसिमरत कौर बादल और मजीठिया की ओर से गठबंधन को लेकर कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सुखबीर सिंह बादल पंजाब की राजनीति से दूर भागना चाहते हैं, क्योंकि उनके खिलाफ एसआईटी जाँच चल रही है।
पन्नू ने कहा, 'जब भाजपा की सरकार थी तो उस समय पंजाब में क्या कुछ हुआ था, इसको जनता जानती है।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पंजाब में विपक्षी दलों के बीच गठबंधन की अटकलें तेज़ हो रही हैं।
सुप्रीम कोर्ट से सुखबीर बादल को झटका
पन्नू ने बताया कि सुखबीर सिंह बादल ने अखंड कीर्तनी जत्था पर कुछ आरोप लगाए थे, जिस पर पहले उच्च न्यायालय ने और अब सर्वोच्च न्यायालय ने भी उनकी अपील खारिज कर दी है। उन्होंने कहा कि अब सुखबीर बादल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा चलेगा।
आगे क्या होगा
AAP के इस कदम से पंजाब की राजनीतिक सरगर्मी और तेज़ होने के संकेत हैं। रणजीत सिंह को भेजे गए कानूनी नोटिस और सुखबीर बादल पर मानहानि मुकदमे की तैयारी — दोनों मामले आने वाले दिनों में अदालती कार्यवाही का रूप ले सकते हैं।