राष्ट्रीय एकता दिवस 2026: दिल्ली पुलिस की 'नशे को ना कहें' मोटरसाइकिल रैली रवाना, 1,300 किमी में एकता नगर पहुँचेगी टीम
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने 19 अक्टूबर 2026 (सोमवार) को पुलिस मुख्यालय, नई दिल्ली से मोटरसाइकिल दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह दल राष्ट्रीय एकता दिवस 2026 के उपलक्ष्य में आयोजित राष्ट्रव्यापी मोटरसाइकिल रैली में भाग लेगा, जो 'नशे को ना कहें' थीम पर केंद्रित है। रैली का मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है।
रैली का मार्ग और कार्यक्रम
दिल्ली पुलिस के दल को लगभग 1,300 किलोमीटर की यात्रा तय कर गुजरात के एकता नगर (केवडिया) पहुँचना है। यात्रा के दौरान जयपुर, अजमेर, उदयपुर और गांधीनगर में रात्रि विश्राम किया जाएगा। रैली के 25 अक्टूबर को एकता नगर पहुँचने का कार्यक्रम है, जहाँ देशभर से आए दल एकत्र होंगे।
राष्ट्रीय स्तर का मुख्य आयोजन 31 अक्टूबर 2026 को गुजरात स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में होगा, जिसमें प्रधानमंत्री की उपस्थिति प्रस्तावित है। उस अवसर पर देशभर से पहुँचे मोटरसाइकिल दल परेड में भी भाग लेंगे।
औपचारिक राष्ट्रीय शुभारंभ और समन्वय
दिल्ली पुलिस के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री 21 अक्टूबर को राष्ट्रीय पुलिस स्मारक से इस राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली को औपचारिक रूप से रवाना करेंगे। इस रैली का समन्वय केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) द्वारा उत्तरी क्षेत्र के राज्यों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के सहयोग से किया जा रहा है। रैली में दिल्ली पुलिस के साथ-साथ विभिन्न राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस इकाइयाँ और CAPF टीमें भाग लेंगी।
दल की संरचना और लॉजिस्टिक्स
दिल्ली पुलिस के इस दल में कुल आठ मोटरसाइकिल सवार हैं — पाँच मुख्य और तीन आरक्षित। सवारों को विशेष राइडिंग गियर उपलब्ध कराए गए हैं। लॉजिस्टिक और प्रशासनिक सहायता के लिए ट्रक, एर्टिगा और मिनीबस जैसे सहायक वाहन भी दल के साथ चलेंगे।
इसके अलावा, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब की पुलिस टीमों को न्यू पुलिस लाइंस, दिल्ली में ठहराया गया है और उनके रहने व भोजन की व्यवस्था की गई है।
जागरूकता अभियान की रणनीति
यात्रा के दौरान पुलिस दल स्थानीय पुलिस के सहयोग से शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाएंगे। इंडिया गेट और लाल किला जैसे प्रमुख स्थानों पर भी जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान का केंद्रबिंदु नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों की जानकारी देना और समाज, विशेषकर युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है।
गौरतलब है कि यह रैली ऐसे समय में आई है जब नशे की बढ़ती समस्या, विशेषकर उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में, सामाजिक और राजनीतिक चर्चा का केंद्र बनी हुई है। 31 अक्टूबर को स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर राष्ट्रीय समापन समारोह इस पूरे अभियान को एक राष्ट्रीय संदेश का रूप देगा।