राष्ट्रीय एकता दिवस 2026: PM मोदी ने एकता नगर में सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर ली एकता की शपथ
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2026 को गुजरात के नर्मदा जिले स्थित एकता नगर के परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में भाग लिया। यह आयोजन देश के प्रथम गृह मंत्री और 'लौह पुरुष' सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर किया गया। इस वर्ष के समारोह की केंद्रीय थीम 'नक्सल मुक्त भारत' रही, जो वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध सुरक्षा बलों की उपलब्धियों को रेखांकित करती है।
भव्य एकता परेड का आयोजन
समारोह में आयोजित एकता परेड में नौ राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की 16 मार्चिंग टुकड़ियों ने हिस्सा लिया। इसके साथ ही चार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF), राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) और एक मार्चिंग बैंड ने भी परेड में भाग लिया। विभिन्न राज्यों की पुलिस और केंद्रीय पुलिस संगठनों की टुकड़ियों ने अपने अनुशासन और कौशल का प्रदर्शन किया।
परेड के प्रमुख आकर्षणों में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की 'हेल मार्च' टुकड़ी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। सीमा सुरक्षा बल (BSF) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के पुरुष एवं महिला जवानों ने मोटरसाइकिल पर साहसिक प्रदर्शन किया, जबकि BSF की ओर से विभिन्न भारतीय मार्शल आर्ट का संयुक्त प्रदर्शन भी किया गया।
नक्सल मुक्त भारत — इस वर्ष की विशेष थीम
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, परेड में उन पुलिस और CAPF टुकड़ियों को विशेष स्थान दिया गया जिन्होंने वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध अभियानों में अग्रिम मोर्चे पर भूमिका निभाई है। इन टुकड़ियों के प्रधानमंत्री के सामने से गुजरने के दौरान उनके कार्यों और उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्में भी प्रदर्शित की गईं।
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की ओर से 'नक्सल मुक्त भारत' विषय पर एक नाट्य प्रस्तुति का आयोजन किया गया, जिसमें उन 126 जिलों से करीब 2,000 कलाकार शामिल हुए जो कभी सशस्त्र नक्सलवाद से प्रभावित रहे हैं। इस प्रस्तुति के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय समुदायों की चुनौतियों और शांति एवं विकास की दिशा में आए बदलाव को दर्शाया गया। इन्हीं जिलों के करीब 5,000 नागरिकों को भी समारोह में आमंत्रित किया गया था।
वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगाँठ और सांस्कृतिक झलक
इस वर्ष राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और झांकियों की थीम भी 'वंदे मातरम्' रखी गई। देशभर से करीब 5,000 कलाकारों ने इसमें हिस्सा लेकर भारत की विभिन्न क्षेत्रीय परंपराओं और 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को जीवंत किया।
गौरतलब है कि इस बार झांकियों के डिजाइन में एक उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला — इन्हें सरकारी विभागों और राज्य सरकारों के बजाय राष्ट्रीय एवं गुजरात स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं के माध्यम से नागरिकों से प्राप्त डिजाइनों के आधार पर तैयार किया गया। स्कूली बच्चों की पाइप बैंड प्रस्तुति और भारतीय वायुसेना के 'सूर्य किरण' दल का फ्लाईपास्ट भी समारोह के प्रमुख आकर्षणों में रहा।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर श्रद्धांजलि और परियोजनाओं का शुभारंभ
समारोह से पूर्व प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार सरोवर बांध के निकट स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुँचकर सरदार पटेल को पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने एकता नगर में ₹426.71 करोड़ की लागत वाली 31 पर्यटन एवं बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने 'रेन फॉरेस्ट' और 'वामन वृक्ष वाटिका' का भी दौरा किया।
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और पुनर्वास को प्राथमिकता दे रही है। राष्ट्रीय एकता दिवस हर वर्ष 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती पर मनाया जाता है और एकता नगर में आयोजित होने वाले इस वार्षिक समारोह में देशभर से सुरक्षा बल, सांस्कृतिक समूह और आम नागरिक भाग लेते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर देशवासियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलाई।