हैदराबाद में भाजपा सांसद के. लक्ष्मण का नशा मुक्त भारत अभियान, हर रविवार साइकिल रैली
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद के. लक्ष्मण ने 26 अक्टूबर 2025 को हैदराबाद में युवाओं के बीच मादक पदार्थों के दुरुपयोग के विरुद्ध जागरूकता फैलाने के लिए एक साइकिल रैली अभियान की अगली कड़ी को आगे बढ़ाया। यह अभियान 31 दिसंबर 2029 तक भारत को नशा मुक्त बनाने के राष्ट्रीय संकल्प को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में एक सक्रिय पहल है। पिछले तीन महीनों से यह साइकिल रैली प्रत्येक रविवार को आयोजित की जा रही है।
अभियान की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
लक्ष्मण ने इस पहल के बारे में बताया, 'देश को नशीले पदार्थों से मुक्त करने और उस संकल्प को पूरा करने के लिए, मैंने हैदराबाद और तेलंगाना को नशा मुक्त बनाने का अभियान शुरू किया है। पिछले तीन महीनों से, हम हर रविवार को एक साइकिल रैली आयोजित कर रहे हैं।'
अभियान का मुख्य उद्देश्य छात्रों, अभिभावकों और आम नागरिकों को मादक पदार्थों की लत के दुष्परिणामों से अवगत कराना है। साथ ही, नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त कदम उठाने और पीड़ितों को पुनर्वास केंद्रों की ओर प्रेरित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
नागरिक समाज और सरकार की भागीदारी
लक्ष्मण के अनुसार, यह अभियान नागरिक समाज और तेलंगाना सरकार के सहयोग से चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'राज्य सरकार, केंद्र सरकार के साथ मिलकर, भारत को नशा मुक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है।'
गौरतलब है कि तेलंगाना में हाल के महीनों में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी कई गिरफ्तारियाँ हुई हैं। लक्ष्मण ने यह भी कहा कि लोगों को देश भर के पुनर्वास केंद्रों की सहायता लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
राष्ट्रीय संदर्भ और केंद्र सरकार का संकल्प
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 दिसंबर 2029 तक भारत को नशा मुक्त बनाने की समय-सीमा निर्धारित की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस लक्ष्य को एक बड़ी राष्ट्रीय प्राथमिकता बताते हुए कहा है कि मादक पदार्थ आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर खतरा हैं और राष्ट्र-विरोधी संगठनों को आर्थिक मदद पहुँचाते हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब शाह ने देश भर के पुलिस बलों से आह्वान किया है कि वे 2029 के अंत तक नशीले पदार्थों की समस्या को पूरी तरह समाप्त करना सुनिश्चित करें। हैदराबाद का यह अभियान उसी राष्ट्रीय मुहिम की एक स्थानीय अभिव्यक्ति है।
युवाओं पर विशेष ध्यान
लक्ष्मण ने कहा, 'हमारा विशेष ध्यान युवा पीढ़ी को अधिक जागरूक बनाने पर है।' अभियान में सामुदायिक सहभागिता पर ज़ोर दिया गया है — विशेष रूप से इस बात पर कि नशे की लत लगने से पहले ही निवारण कैसे किया जाए, न कि केवल उसके उपचार पर।
आगे चलकर, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या यह अभियान तेलंगाना के अन्य ज़िलों तक विस्तारित होता है और क्या इसका युवाओं के व्यवहार पर मापने योग्य प्रभाव पड़ता है।