क्या उपराष्ट्रपति चुनाव में भाजपा ने सुदर्शन रेड्डी की उम्मीदवारी पर सवाल उठाए?

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क्या उपराष्ट्रपति चुनाव में भाजपा ने सुदर्शन रेड्डी की उम्मीदवारी पर सवाल उठाए?

सारांश

भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने बिहार की राजधानी पटना में उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 पर विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने बी. सुदर्शन रेड्डी की उम्मीदवारी को माओवाद

Key Takeaways

  • रविशंकर प्रसाद ने सुदर्शन रेड्डी की उम्मीदवारी पर गंभीर सवाल उठाए।
  • सुदर्शन रेड्डी का झुकाव माओवाद की ओर बताया गया।
  • कानूनी दृष्टिकोण से निर्णयों की आलोचना की गई।

पटना, 25 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के प्रमुख नेता रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को बिहार की राजधानी पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला किया। रविशंकर प्रसाद ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) बी. सुदर्शन रेड्डी की उम्मीदवारी पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनके (सुदर्शन रेड्डी) हाल के निर्णयों से स्पष्ट होता है कि उनका झुकाव माओवाद की ओर है।

भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "सभी को पता है कि उपराष्ट्रपति चुनाव में बी. सुदर्शन रेड्डी विपक्षी पार्टियों के उम्मीदवार हैं। मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि 2011 के सलवा जुडूम फैसले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने टिप्पणी की थी कि उनके (सुदर्शन रेड्डी) इस निर्णय ने माओवाद के प्रकोप को कम करने में कठिनाई पेश की। शाह की टिप्पणी को सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जजों ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया, लेकिन हम सभी जजों का सम्मान करते हैं। मैं मानता हूं कि उन्हें अपनी बात बोलने का अधिकार है, लेकिन आज हम विपक्ष से बुनियादी सवाल पूछना चाहते हैं।"

उन्होंने कहा, "मैं यह जानना चाहता हूं कि अगर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनके (सुदर्शन रेड्डी) सलवा जुडूम फैसले पर टिप्पणी की है तो इसमें गलत क्या है? सलवा जुडूम मामले में 2011 में सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति सुदर्शन रेड्डी द्वारा दिए गए फैसले पर अमित शाह ने कहा था कि इस निर्णय से माओवाद के प्रकोप को कम करने में कठिनाई होगी। सुदर्शन रेड्डी के निर्णय ने माओवाद के खिलाफ लड़ाई को बड़ा धक्का दिया था और आज वही सुदर्शन रेड्डी विपक्ष के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार हैं। साल 2011 में यूपीए सरकार थी और मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, तब आपकी (कांग्रेस) सरकार ने भी सलवा जुडूम मामले में छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार का समर्थन किया था।"

रविशंकर प्रसाद ने आगे कहा, "इस देश के लोकतंत्र में उपराष्ट्रपति का पद दूसरा सबसे ऊंचा स्थान रखता है। इसीलिए, इस पद के लिए चुने गए व्यक्ति की मानसिकता और विचारधारा को समझना बेहद आवश्यक है। उनके हालिया फैसलों से स्पष्ट होता है कि उनका झुकाव माओवाद की ओर है। ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बी. सुदर्शन रेड्डी के बयान पर जो टिप्पणियां की हैं, वे बिल्कुल उचित हैं।"

भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने निष्कर्ष में कहा, "मैं भी इस देश का एक छोटा-मोटा वकील हूं और कानून मंत्री रह चुका हूं। मैं कानून को समझता हूं। हम निर्णय का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन कानून के छात्र के रूप में इसमें जो टिप्पणियां की गई हैं, वे सही नहीं हैं।"

Point of View

यह महत्वपूर्ण है कि उपराष्ट्रपति जैसे पद के लिए चयनित व्यक्ति की विचारधारा और मानसिकता को समझा जाए। राजनीति में ऐसी चर्चाएँ आवश्यक हैं, लेकिन तथ्यों और प्रमाणों के साथ।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

क्या रविशंकर प्रसाद ने सुदर्शन रेड्डी के निर्णयों पर कोई खास टिप्पणी की?
जी हां, उन्होंने कहा कि सुदर्शन रेड्डी के हालिया फैसलों से यह स्पष्ट होता है कि उनका झुकाव माओवाद की ओर है।
उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 में सुदर्शन रेड्डी का कितना महत्व है?
सुदर्शन रेड्डी विपक्षी उम्मीदवार हैं और उनका चयन इस चुनाव में महत्वपूर्ण है।
क्या भाजपा सुदर्शन रेड्डी की उम्मीदवारी का विरोध कर रही है?
भाजपा ने उनके फैसलों पर सवाल उठाए हैं, लेकिन तकनीकी दृष्टिकोण से उनका विरोध नहीं कर रही है।