29 अक्टूबर 2026
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राजस्थान ड्रोन हथियार तस्करी: पंजाब से मास्टरमाइंड 'सुक्खा' गिरफ्तार, पाक हैंडलर से था संपर्क

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राजस्थान ड्रोन हथियार तस्करी: पंजाब से मास्टरमाइंड 'सुक्खा' गिरफ्तार, पाक हैंडलर से था संपर्क

सारांश

राजस्थान के रावला में 12 अक्टूबर को ड्रोन से गिराए गए 7.75 किग्रा RDX और विदेशी हथियारों की खेप उठाने आए दो लोग पहले ही पकड़े जा चुके थे — अब उनकी निशानदेही पर पंजाब से कथित मास्टरमाइंड 'सुक्खा' दबोचा गया। पाकिस्तान में बैठे हैंडलर 'चाचा अली' तक पहुँचना अब जाँच एजेंसियों का अगला बड़ा लक्ष्य है।

मुख्य बातें

कुलवंत सिंह उर्फ 'सुक्खा' को पंजाब के अलिका गाँव से गिरफ्तार किया गया; वह राजस्थान ड्रोन हथियार तस्करी मामले का कथित मास्टरमाइंड है।
बरामद सामग्री में 7.75 किग्रा आरडीएक्स , 2 जिगाना पिस्टल , 4 मैगजीन , 867 कारतूस और रिमोट-कंट्रोल डिवाइस शामिल हैं।
सुक्खा का कथित संपर्क पाकिस्तान में बैठे हैंडलर 'चाचा अली' से था, जिसकी जाँच जारी है।
पहले गिरफ्तार लखविंदर सिंह रायसिख (फिरोजपुर) और सुखविंदर सिंह रायसिख (जालंधर) को 29 अक्टूबर 2026 को न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
यह घटना 12 अक्टूबर 2026 की रात खानुवाली बॉर्डर आउटपोस्ट से लगभग एक किलोमीटर दूर सामने आई थी।
राजस्थान ATS और स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप पाक हैंडलर नेटवर्क और खेप के अंतिम गंतव्य की जाँच कर रहे हैं।

राजस्थान के रावला में ड्रोन के ज़रिए हथियार तस्करी के मामले में जाँच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है — पंजाब के अलिका गाँव के निवासी कुलवंत सिंह उर्फ 'सुक्खा' को गिरफ्तार कर लिया गया है। जाँचकर्ताओं के अनुसार, सुक्खा ने कथित तौर पर पाकिस्तानी सीमा से ड्रोन द्वारा गिराए गए विस्फोटकों और विदेशी हथियारों को एकत्र करने के पूरे ऑपरेशन की साज़िश रची थी। यह मामला 12 अक्टूबर 2026 की रात सामने आया था, जब खानुवाली बॉर्डर आउटपोस्ट से लगभग एक किलोमीटर दूर एक खेत में ड्रोन से तीन पैकेट गिराए गए थे।

मुख्य घटनाक्रम

प्रारंभिक जाँच के अनुसार, सुक्खा पाकिस्तान में बैठे एक हैंडलर के संपर्क में था, जिसकी पहचान 'चाचा अली' के रूप में हुई है। जाँचकर्ताओं को संदेह है कि 'चाचा अली' के निर्देश पर ही पंजाब के दो लोगों को राजस्थान के रावला क्षेत्र में सामान उठाने भेजा गया था। फिलहाल पंजाब में खुफिया एजेंसियाँ सुक्खा से पूछताछ कर रही हैं, जबकि राजस्थान का आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) उसे अपनी हिरासत में लेने की तैयारी में है।

बरामदगी और पहले गिरफ्तार आरोपी

एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स, सीमा सुरक्षा बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त अभियान के दौरान दो लोगों को रंगे हाथ पकड़ा गया था। इन दोनों की पहचान पंजाब के फिरोजपुर जिले के लखविंदर सिंह रायसिख और जालंधर जिले के सुखविंदर सिंह रायसिख के रूप में हुई। बरामद सामग्री में 7.75 किलोग्राम आरडीएक्स, दो जिगाना पिस्टल, चार मैगजीन, 867 कारतूस, बैटरी और रिमोट-कंट्रोल डिवाइस शामिल हैं।

पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद बुधवार, 29 अक्टूबर 2026 को दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार के अनुसार, अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। पूछताछ के दौरान ही इन दोनों ने सुक्खा का नाम उजागर किया था।

वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका

जाँच की गंभीरता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दिनेश एमएन ने स्वयं हनुमानगढ़ रोड स्थित रीको पुलिस चौकी पर आरोपियों से पूछताछ की। इसके अलावा एडीजी बीजू जॉर्ज जोसेफ और उप महानिरीक्षक राममूर्ति जोशी ने भी इस मामले में आरोपियों से पूछताछ की है।

जाँच का दायरा और आगे की राह

राजस्थान ATS और स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप इस समय तीन मोर्चों पर जाँच कर रहे हैं — पाकिस्तान में बैठे हैंडलर का नेटवर्क, पंजाब में सक्रिय संचालन तंत्र, और राजस्थान में खेप पहुँचाने वाले स्थानीय सहयोगियों की पहचान। जाँचकर्ता यह भी पता लगाने में जुटे हैं कि बरामद विस्फोटकों और हथियारों को आखिरकार कहाँ पहुँचाया जाना था। गौरतलब है कि यह इलाका भारत-पाकिस्तान सीमा पर खानुवाली बॉर्डर आउटपोस्ट के अत्यंत निकट है, जो इस ऑपरेशन की संवेदनशीलता को और बढ़ा देता है।

अधिकारियों ने बताया कि सुक्खा की गिरफ्तारी से तस्करी नेटवर्क की और कड़ियाँ उजागर होने की उम्मीद है। हर आरोपी की भूमिका कानूनी प्रक्रिया के तहत तय की जाएगी और जाँच अभी जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हर बार जाँच का धागा पाकिस्तान तक जाता दिखता है। असली चिंता यह है कि 7.75 किग्रा RDX और विदेशी पिस्टल की यह खेप आखिरकार किस लक्ष्य के लिए तैयार की जा रही थी — यह सवाल अभी अनुत्तरित है। पाकिस्तान में बैठे हैंडलर 'चाचा अली' तक पहुँचे बिना नेटवर्क की पूरी तस्वीर नहीं बनेगी, और अब तक के अनुभव बताते हैं कि सरहद पार के ऐसे ऑपरेटर शायद ही कभी भारतीय एजेंसियों की पकड़ में आते हैं।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान ड्रोन हथियार तस्करी मामला क्या है?
यह मामला 12 अक्टूबर 2026 की रात रावला इलाके में सामने आया, जब भारत-पाकिस्तान सीमा के पास एक खेत में ड्रोन से तीन पैकेट गिराए गए। इन पैकेटों में 7.75 किग्रा RDX, दो जिगाना पिस्टल, 867 कारतूस और रिमोट-कंट्रोल डिवाइस बरामद हुए।
'सुक्खा' कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
कुलवंत सिंह उर्फ 'सुक्खा' पंजाब के अलिका गाँव का निवासी है। जाँच में पकड़े गए दो आरोपियों ने पूछताछ के दौरान उसका नाम लिया, जिसके बाद जाँचकर्ताओं का मानना है कि सुक्खा के निर्देश पर ही ये लोग रावला में सामान उठाने गए थे।
पाकिस्तानी हैंडलर 'चाचा अली' की क्या भूमिका बताई जा रही है?
प्रारंभिक जाँच के अनुसार, 'चाचा अली' पाकिस्तान में बैठा वह हैंडलर है जिसने कथित तौर पर पूरे ऑपरेशन का संचालन किया। जाँचकर्ताओं को संदेह है कि उसी के निर्देश पर पंजाब से लोगों को राजस्थान भेजा गया था, हालाँकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पहले पकड़े गए दो आरोपियों की क्या स्थिति है?
फिरोजपुर के लखविंदर सिंह रायसिख और जालंधर के सुखविंदर सिंह रायसिख को 29 अक्टूबर 2026 को पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद अदालत में पेश किया गया। अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
अब जाँच किस दिशा में आगे बढ़ रही है?
राजस्थान ATS और स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप तीन मोर्चों पर जाँच कर रहे हैं — पाकिस्तान में हैंडलर नेटवर्क, पंजाब में सक्रिय तस्करी तंत्र, और बरामद हथियारों का अंतिम गंतव्य। सुक्खा से पूछताछ जारी है और राजस्थान ATS उसे अपनी हिरासत में लेने की तैयारी में है।
राष्ट्र प्रेस
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