राजस्थान ड्रोन हथियार तस्करी: पंजाब से मास्टरमाइंड 'सुक्खा' गिरफ्तार, पाक हैंडलर से था संपर्क
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के रावला में ड्रोन के ज़रिए हथियार तस्करी के मामले में जाँच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है — पंजाब के अलिका गाँव के निवासी कुलवंत सिंह उर्फ 'सुक्खा' को गिरफ्तार कर लिया गया है। जाँचकर्ताओं के अनुसार, सुक्खा ने कथित तौर पर पाकिस्तानी सीमा से ड्रोन द्वारा गिराए गए विस्फोटकों और विदेशी हथियारों को एकत्र करने के पूरे ऑपरेशन की साज़िश रची थी। यह मामला 12 अक्टूबर 2026 की रात सामने आया था, जब खानुवाली बॉर्डर आउटपोस्ट से लगभग एक किलोमीटर दूर एक खेत में ड्रोन से तीन पैकेट गिराए गए थे।
मुख्य घटनाक्रम
प्रारंभिक जाँच के अनुसार, सुक्खा पाकिस्तान में बैठे एक हैंडलर के संपर्क में था, जिसकी पहचान 'चाचा अली' के रूप में हुई है। जाँचकर्ताओं को संदेह है कि 'चाचा अली' के निर्देश पर ही पंजाब के दो लोगों को राजस्थान के रावला क्षेत्र में सामान उठाने भेजा गया था। फिलहाल पंजाब में खुफिया एजेंसियाँ सुक्खा से पूछताछ कर रही हैं, जबकि राजस्थान का आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) उसे अपनी हिरासत में लेने की तैयारी में है।
बरामदगी और पहले गिरफ्तार आरोपी
एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स, सीमा सुरक्षा बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त अभियान के दौरान दो लोगों को रंगे हाथ पकड़ा गया था। इन दोनों की पहचान पंजाब के फिरोजपुर जिले के लखविंदर सिंह रायसिख और जालंधर जिले के सुखविंदर सिंह रायसिख के रूप में हुई। बरामद सामग्री में 7.75 किलोग्राम आरडीएक्स, दो जिगाना पिस्टल, चार मैगजीन, 867 कारतूस, बैटरी और रिमोट-कंट्रोल डिवाइस शामिल हैं।
पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद बुधवार, 29 अक्टूबर 2026 को दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार के अनुसार, अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। पूछताछ के दौरान ही इन दोनों ने सुक्खा का नाम उजागर किया था।
वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका
जाँच की गंभीरता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दिनेश एमएन ने स्वयं हनुमानगढ़ रोड स्थित रीको पुलिस चौकी पर आरोपियों से पूछताछ की। इसके अलावा एडीजी बीजू जॉर्ज जोसेफ और उप महानिरीक्षक राममूर्ति जोशी ने भी इस मामले में आरोपियों से पूछताछ की है।
जाँच का दायरा और आगे की राह
राजस्थान ATS और स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप इस समय तीन मोर्चों पर जाँच कर रहे हैं — पाकिस्तान में बैठे हैंडलर का नेटवर्क, पंजाब में सक्रिय संचालन तंत्र, और राजस्थान में खेप पहुँचाने वाले स्थानीय सहयोगियों की पहचान। जाँचकर्ता यह भी पता लगाने में जुटे हैं कि बरामद विस्फोटकों और हथियारों को आखिरकार कहाँ पहुँचाया जाना था। गौरतलब है कि यह इलाका भारत-पाकिस्तान सीमा पर खानुवाली बॉर्डर आउटपोस्ट के अत्यंत निकट है, जो इस ऑपरेशन की संवेदनशीलता को और बढ़ा देता है।
अधिकारियों ने बताया कि सुक्खा की गिरफ्तारी से तस्करी नेटवर्क की और कड़ियाँ उजागर होने की उम्मीद है। हर आरोपी की भूमिका कानूनी प्रक्रिया के तहत तय की जाएगी और जाँच अभी जारी है।