29 अक्टूबर 2026
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पुनीत राजकुमार की पाँचवीं पुण्यतिथि: CM शिवकुमार, कुमारस्वामी, जोशी सहित नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

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पुनीत राजकुमार की पाँचवीं पुण्यतिथि: CM शिवकुमार, कुमारस्वामी, जोशी सहित नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

सारांश

राजनीतिक दलों की सीमाएँ मिटाकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री से लेकर केंद्रीय मंत्रियों और विपक्षी नेताओं तक सभी ने 'अप्पू' को नमन किया — यह इस बात का प्रमाण है कि पुनीत राजकुमार सिर्फ एक अभिनेता नहीं, एक सामूहिक भावना थे।

मुख्य बातें

पुनीत राजकुमार की पाँचवीं पुण्यतिथि 29 अक्टूबर 2026 को मनाई गई।
CM डीके शिवकुमार , केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और एचडी कुमारस्वामी ने श्रद्धांजलि दी।
अशोक और BJP प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई.
विजयेंद्र ने भी 'अप्पू' को नमन किया।
पुनीत ने बाल कलाकार के रूप में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता था और 'कर्नाटक रत्न' से सम्मानित थे।
29 अक्टूबर 2021 को 46 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ था।

कन्नड़ सुपरस्टार और 'कर्नाटक रत्न' से सम्मानित पुनीत राजकुमार की पाँचवीं पुण्यतिथि पर गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में राजनीतिक दलों की सीमाओं से परे नेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और एचडी कुमारस्वामी, विपक्ष के नेता आर. अशोक तथा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने 'अप्पू' को याद करते हुए उनके अभिनय, सादगी और समाजसेवा को नमन किया।

शिवकुमार की भावभीनी स्मृति

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि पुनीत राजकुमार अपनी मासूम मुस्कान, विनम्रता और एक अभिनेता के रूप में अपनी असाधारण प्रतिभा के कारण पूरे कर्नाटक के घर-घर में सबके चहेते बन गए थे। उन्होंने कहा कि पुनीत लाखों कन्नड़भाषी लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगे। शिवकुमार ने यह भी स्मरण कराया कि पुनीत ने बाल कलाकार के रूप में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता था और आगे चलकर कन्नड़ सिनेमा को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया। पर्दे के बाहर उनका सरल और गरिमापूर्ण जीवन दूसरों के लिए एक मिसाल बन गया।

केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि इस अभिनेता ने अपने बेहतरीन अभिनय, सादगी, मानवीयता और जनसेवा के ज़रिए लाखों कन्नड़भाषी लोगों के दिलों में स्थायी जगह बना ली है। जोशी ने रेखांकित किया कि पुनीत ने एक बाल कलाकार के रूप में सफर शुरू कर कन्नड़ फिल्म उद्योग के लिए गर्व का स्रोत बने और समाजसेवा, शिक्षा तथा स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी अपना अमिट योगदान दिया।

केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा, 'भले ही कितने भी साल बीत जाएँ, हमारे पुनीत राजकुमार लाखों लोगों के दिलों में हमेशा एक पवित्र प्रेम के रूप में बसे रहेंगे।' कुमारस्वामी ने उनके व्यक्तित्व, सहज सादगी और समाज के प्रति समर्पित सेवा को 'अप्पू' को अमर बना देने वाला गुण बताया।

विपक्ष और BJP का नमन

विपक्ष के नेता आर. अशोक ने याद दिलाया कि पुनीत ने एक बाल कलाकार के रूप में कन्नड़ फिल्म उद्योग में कदम रखा और पूरे राज्य के लोगों का प्यार और सम्मान अर्जित किया। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि इस पुण्यतिथि पर अभिनेता के कलात्मक योगदान और जनसेवा को स्मरण करें।

BJP के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने भी भावुक होकर कहा कि पुनीत ने न केवल एक असाधारण, सफल और लोकप्रिय अभिनेता के रूप में, बल्कि अपनी करुणा, सादगी और निस्वार्थ समाजसेवा के ज़रिए भी लाखों लोगों के दिलों में स्थायी जगह बनाई है और उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।

पुनीत राजकुमार: एक संक्षिप्त परिचय

गौरतलब है कि पुनीत राजकुमार का 29 अक्टूबर 2021 को मात्र 46 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। प्यार से 'अप्पू' कहे जाने वाले पुनीत कन्नड़ सिनेमा की सबसे लोकप्रिय हस्तियों में गिने जाते हैं। उन्हें 'कर्नाटक रत्न' की उपाधि से भी नवाज़ा गया था। उनके सामाजिक कार्यों और नेत्रदान जागरूकता अभियानों ने पूरे कर्नाटक में एक विशेष पहचान दिलाई। यह ऐसे समय में पाँचवीं पुण्यतिथि है जब कन्नड़ सिनेमा उनकी विरासत से प्रेरणा लेना जारी रखे हुए है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कर्नाटक की राजनीति में बेहद दुर्लभ दृश्य है। 'अप्पू' की लोकप्रियता राजनीतिक विभाजन से परे है, और नेताओं का इस अवसर पर आगे आना यह भी दर्शाता है कि उनकी विरासत को एक जन-भावना के रूप में भुनाने की कोशिश जारी है। असली श्रद्धांजलि वह होगी जब उनके नेत्रदान और समाजसेवा से जुड़ी पहलों को संस्थागत रूप दिया जाए — जो अब तक आधी-अधूरी है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुनीत राजकुमार कौन थे और उनका निधन कब हुआ?
पुनीत राजकुमार कन्नड़ सिनेमा के सुपरस्टार थे, जिन्हें 'अप्पू' के नाम से भी जाना जाता था। उनका 29 अक्टूबर 2021 को 46 वर्ष की आयु में निधन हुआ था। उन्हें 'कर्नाटक रत्न' और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
पुनीत राजकुमार की पाँचवीं पुण्यतिथि पर किन नेताओं ने श्रद्धांजलि दी?
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और एचडी कुमारस्वामी, विपक्ष के नेता आर. अशोक तथा BJP के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने 29 अक्टूबर 2026 को श्रद्धांजलि अर्पित की।
पुनीत राजकुमार को 'कर्नाटक रत्न' क्यों दिया गया था?
पुनीत राजकुमार को उनके असाधारण अभिनय योगदान, कन्नड़ सिनेमा को नई ऊँचाइयाँ देने और समाजसेवा में निस्वार्थ भागीदारी के लिए 'कर्नाटक रत्न' से सम्मानित किया गया था। वे एकमात्र ऐसे अभिनेताओं में हैं जिन्होंने बाल कलाकार के रूप में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी जीता।
पुनीत राजकुमार की समाजसेवा में क्या भूमिका रही?
पुनीत राजकुमार ने अभिनय के अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और नेत्रदान जागरूकता जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनकी सादगी और जनसेवा के प्रति समर्पण ने उन्हें पर्दे से परे भी एक आदर्श व्यक्तित्व बनाया।
पुनीत राजकुमार की पुण्यतिथि कर्नाटक में किस रूप में मनाई जाती है?
हर वर्ष 29 अक्टूबर को कर्नाटक में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, फिल्म जगत और आम जनता उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं। इस वर्ष पाँचवीं पुण्यतिथि पर सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ने एकजुट होकर 'अप्पू' को नमन किया।
राष्ट्र प्रेस
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