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किरेन रिजिजू से मिले तमिलनाडु के अल्पसंख्यक मंत्री, रुकी योजनाओं पर केंद्र से माँगा हस्तक्षेप

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किरेन रिजिजू से मिले तमिलनाडु के अल्पसंख्यक मंत्री, रुकी योजनाओं पर केंद्र से माँगा हस्तक्षेप

सारांश

तमिलनाडु के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री एएम शाहजहां और सांसद के. नवासकनी ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू से मुलाकात कर कथित तौर पर रोकी गई कल्याण योजनाओं को फिर शुरू करने की माँग रखी। रिजिजू ने पीएम मोदी से परामर्श कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 24 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में तमिलनाडु के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री एएम शाहजहां और सांसद के.
नवासकनी से मुलाकात की।
बैठक में तमिलनाडु ने केंद्र सरकार की कथित तौर पर रुकी हुई अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं को पुनर्जीवित करने की माँग रखी।
तमिलनाडु का प्रतिनिधित्व विभाग सचिव वी.
दक्षिणामूर्ति और वक्फ बोर्ड CEO एम.
एशिया मरियम ने भी किया।
रिजिजू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से परामर्श कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
रिजिजू ने बैठक को 'बेहतर माहौल में हुई चर्चा' बताया और एक्स पर इसकी जानकारी साझा की।

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने 24 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर तमिलनाडु के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री एएम शाहजहां और लोकसभा सांसद के. नवासकनी से मुलाकात की। इस बैठक में अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण, सशक्तिकरण और केंद्र सरकार की कथित तौर पर रोकी गई योजनाओं को पुनर्जीवित करने के मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।

बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद

बैठक में तमिलनाडु सरकार का प्रतिनिधित्व करते हुए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सचिव वी. दक्षिणामूर्ति और अल्पसंख्यक कल्याण आयुक्त एवं तमिलनाडु वक्फ बोर्ड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी एम. एशिया मरियम भी शामिल हुईं। यह बैठक केंद्र-राज्य संवाद की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसमें उच्च-स्तरीय प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।

तमिलनाडु सरकार की प्रमुख माँगें

बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री एएम शाहजहां ने कहा, 'तमिलनाडु सरकार की ओर से, हमने अल्पसंख्यक समुदाय की प्रगति के लिए विभिन्न माँगों को केंद्रीय मंत्री के समक्ष विस्तार से प्रस्तुत किया।' उन्होंने स्पष्ट किया कि उन कल्याणकारी योजनाओं को पुनर्जीवित और लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया, जो अतीत में प्रभावी रूप से कार्यरत थीं, लेकिन वर्तमान में कथित तौर पर रुकी हुई हैं।

सांसद के. नवासकनी ने भी बताया कि बैठक के दौरान केंद्र सरकार की ओर से कथित तौर पर रोकी गई योजनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने इसे एक सकारात्मक संवाद बताया, जिसमें तमिलनाडु के अल्पसंख्यक समुदायों की विशेष चिंताओं को केंद्र के सामने रखा गया।

केंद्रीय मंत्री का आश्वासन

मंत्री शाहजहां के अनुसार, केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने सभी माँगों को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से परामर्श करके उचित कार्रवाई की जाएगी। रिजिजू ने स्वयं एक्स पर बैठक की जानकारी साझा करते हुए बताया कि अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण एवं सशक्तिकरण से जुड़े मामलों पर 'बेहतर माहौल में विचारों का आदान-प्रदान हुआ।'

केंद्र-राज्य संबंधों का संदर्भ

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब तमिलनाडु और केंद्र सरकार के बीच विभिन्न वित्तीय एवं योजनागत मुद्दों पर तनाव की खबरें बीच-बीच में सामने आती रही हैं। गौरतलब है कि अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं की केंद्रीय हिस्सेदारी को लेकर कई राज्य सरकारें समय-समय पर अपनी चिंताएँ जताती रही हैं। इस संदर्भ में तमिलनाडु के प्रतिनिधिमंडल का इस स्तर पर सीधा संवाद स्थापित करना नीतिगत दृष्टि से उल्लेखनीय है।

आगे की दिशा

केंद्रीय मंत्री के आश्वासन के बाद अब सभी की नज़रें इस पर होंगी कि रुकी हुई योजनाओं को पुनः शुरू करने और नई माँगों पर केंद्र सरकार कितनी तेज़ी से कार्रवाई करती है। तमिलनाडु सरकार को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री स्तर पर विचार-विमर्श के बाद अल्पसंख्यक समुदायों के लिए ठोस नतीजे सामने आएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन किसी विशेष योजना या समयसीमा का उल्लेख नहीं किया — जो राजनीतिक प्रतिबद्धता और नीतिगत निष्पादन के बीच की परिचित खाई को उजागर करता है। तमिलनाडु की DMK सरकार और केंद्र की BJP नीत सरकार के बीच वैचारिक दूरी को देखते हुए, इस 'सौहार्दपूर्ण बैठक' के ठोस नतीजों पर नज़र रखना ज़रूरी होगा।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किरेन रिजिजू और तमिलनाडु मंत्री के बीच बैठक क्यों हुई?
यह बैठक तमिलनाडु में अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण और सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए आयोजित की गई। तमिलनाडु सरकार ने केंद्र की कथित तौर पर रोकी गई कल्याण योजनाओं को पुनर्जीवित करने की माँग रखी।
बैठक में तमिलनाडु की ओर से कौन-कौन शामिल थे?
बैठक में तमिलनाडु के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री एएम शाहजहां, लोकसभा सांसद के. नवासकनी, विभाग सचिव वी. दक्षिणामूर्ति और अल्पसंख्यक कल्याण आयुक्त एवं तमिलनाडु वक्फ बोर्ड की CEO एम. एशिया मरियम शामिल थीं।
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने क्या आश्वासन दिया?
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी माँगों को ध्यानपूर्वक सुनने के बाद आश्वासन दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से परामर्श करके उचित कार्रवाई की जाएगी। हालाँकि किसी विशेष योजना या समयसीमा का उल्लेख नहीं किया गया।
तमिलनाडु ने किन योजनाओं को लेकर चिंता जताई?
तमिलनाडु सरकार ने उन अल्पसंख्यक कल्याणकारी योजनाओं को पुनर्जीवित करने की माँग की, जो अतीत में प्रभावी रूप से कार्यरत थीं लेकिन वर्तमान में कथित तौर पर रुकी हुई हैं। हालाँकि, किसी योजना का विशेष नाम आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किया गया।
यह बैठक केंद्र-राज्य संबंधों के लिहाज़ से क्यों अहम है?
तमिलनाडु की DMK सरकार और केंद्र की सरकार के बीच विभिन्न योजनागत एवं वित्तीय मुद्दों पर मतभेद की पृष्ठभूमि में यह उच्चस्तरीय बैठक संवाद बहाली का संकेत देती है। अल्पसंख्यक समुदायों के सशक्तिकरण पर सीधी बातचीत से नीतिगत समन्वय की उम्मीद जगी है।
राष्ट्र प्रेस
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