तमिलनाडु मंत्रिमंडल विस्तार: राज्यपाल ने दो नए विधायकों की नियुक्ति को दी हरी झंडी
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु में मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया 22 मई 2026 को और आगे बढ़ी, जब राज्यपाल ने मुख्यमंत्री की उस अनुशंसा को स्वीकृति दे दी जिसमें दो विधायकों — ए.एम. शाहजहां (पापनासम) और वन्नी अरसु (तिंडीवनम) — को मंत्रिपरिषद में शामिल करने की बात कही गई थी। चेन्नई स्थित लोक भवन से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई।
नए मंत्रियों का परिचय और क्षेत्रीय महत्व
ए.एम. शाहजहां दक्षिण तमिलनाडु के पापनासम विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हैं, जबकि वन्नी अरसु राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित तिंडीवनम विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन दोनों नियुक्तियों को सत्ताधारी दल की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसके तहत कैबिनेट में भौगोलिक संतुलन सुनिश्चित किया जाता है और नए चेहरों को अवसर दिया जाता है।
गौरतलब है कि तमिलनाडु जैसे विविधतापूर्ण राज्य में क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील मुद्दा रहा है। इन दोनों विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल करने से उत्तर-पूर्व और दक्षिण — दोनों क्षेत्रों को कैबिनेट में आवाज़ मिलेगी।
गुरुवार को हुआ था बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार
इससे एक दिन पूर्व, गुरुवार को, 23 नए मंत्रियों को मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया था और राज्यपाल ने विभाग आवंटन को भी मंजूरी दी थी। उस विस्तार में विभिन्न मंत्रियों को महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए:
श्रीनाथ को मत्स्य पालन, कमाली एस. को पशुपालन, सी. विजयलक्ष्मी को दुग्ध और डेयरी विकास तथा आरवी रंजीत कुमार को वन विभाग सौंपा गया। विनोद को कृषि और किसान कल्याण विभाग मिला, जबकि राजीव को पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन विभाग का प्रभार दिया गया।
बी. राजकुमार को आवास और शहरी विकास, वी. गांधीराज को सहकारिता, मथन राजा पी. को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, जगदीश्वरी के. को समाज कल्याण व महिला सशक्तीकरण और राजेश कुमार एस. को पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी दी गई।
विभाग आवंटन की पूरी सूची
एम. विजय बालाजी को हथकरघा और वस्त्र, लोगेश तमिलसेल्वन डी. को वाणिज्यिक कर और पंजीकरण, विजय तमिलन पार्थिबन ए. को परिवहन और रमेश को हिंदू धार्मिक व धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग का कार्यभार सौंपा गया।
पी. विश्वनाथन को उच्च शिक्षा विभाग मिला, जबकि कुमार आर. को नवगठित कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवा विभाग का नेतृत्व सौंपा गया — जो राज्य सरकार की तकनीक-केंद्रित प्राथमिकताओं को दर्शाता है। थेन्नारासु के. को अनिवासी तमिल कल्याण, वी. संपत कुमार को पिछड़ा वर्ग कल्याण, मोहम्मद फरवास को श्रम कल्याण व कौशल विकास और डी. सरथकुमार को मानव संसाधन प्रबंधन विभाग मिला। एन. मैरी विल्सन को वित्त, योजना और विकास विभाग सौंपा गया, जबकि विघ्नेश के. को निषेध और आबकारी विभाग का प्रभार दिया गया।
आगे क्या
दोनों नव-नियुक्त मंत्रियों के विभाग आवंटन की घोषणा अभी शेष है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह विस्तार राज्य सरकार की दीर्घकालिक प्रशासनिक रणनीति का हिस्सा है, जिसमें विभिन्न समुदायों और क्षेत्रों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने पर ज़ोर दिया जा रहा है।