क्या महिलाओं की सुरक्षा पर बोलने का राजद को कोई हक नहीं है? संजय सरावगी का बयान

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क्या महिलाओं की सुरक्षा पर बोलने का राजद को कोई हक नहीं है? संजय सरावगी का बयान

सारांश

पटना में एक नीट अभ्यर्थी की मृत्यु के बाद, राजद के प्रदर्शनों पर भाजपा नेताओं की प्रतिक्रियाएँ आई हैं। संजय सरावगी ने राजद पर गंभीर आरोप लगाए, जबकि मंत्रियों ने सरकार की कार्रवाई का आश्वासन दिया। क्या राजद को महिलाओं के मुद्दों पर बोलने का अधिकार है?

मुख्य बातें

संजय सरावगी ने राजद पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर राजद का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
सरकार ने SIT का गठन कर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

पटना, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पटना में एक नीट अभ्यर्थी की मृत्यु के संदर्भ में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) द्वारा किए जा रहे प्रदर्शनों ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई नेताओं ने राजद को घेरने का काम किया है।

बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी राजद पर गंभीर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर राजद का कोई हक नहीं बनता। आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में महिलाओं के खिलाफ असंख्य घटनाएं हुईं और उस समय प्रशासन ने कई मामलों को अनदेखा किया।

संजय सरावगी ने आगे कहा कि वर्तमान सरकार ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, ताकि मामले की निष्पक्ष और तेज जांच सुनिश्चित की जा सके।

मंत्री दिलीप जायसवाल ने टिप्पणी करते हुए कहा कि राजद के पास ठोस काम नहीं है, इसलिए वह इस प्रकार के प्रदर्शनों का सहारा ले रही है।

मंत्री श्रवण कुमार ने इस घटना को अत्यंत दुखद और निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि यह एक राजनीतिक दल का प्रदर्शन है, इसलिए इसमें कुछ दिखावा भी हो सकता है, लेकिन सरकार का स्पष्ट संदेश है कि इस तरह के अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। श्रवण कुमार ने आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने राजद के विरोध प्रदर्शन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि लालू यादव के शासनकाल में महिलाओं के खिलाफ सबसे ज्यादा अन्याय और अत्याचार किए गए थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राजद को महिलाओं के मुद्दों पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि बिहार और देश की जनता उनकी सच्चाई को भली-भांति जानती है।

नीट अभ्यर्थी की मृत्यु को लेकर जहां एक ओर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार और प्रशासन की ओर से कार्रवाई के प्रति आश्वासन दिया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप आम बात है। हालाँकि, महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा गंभीर है और इस पर सभी दलों को एकजुट होकर काम करना चाहिए। सरकार ने इस मामले में सक्रियता दिखाई है, लेकिन जनता को विश्वास दिलाना आवश्यक है कि ऐसे मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजद ने प्रदर्शन क्यों किया?
राजद ने नीट अभ्यर्थी की मौत के मामले में सरकार के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रदर्शन किया है।
संजय सरावगी ने क्या कहा?
संजय सरावगी ने राजद को महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर बोलने का अधिकार नहीं होने का आरोप लगाया।
सरकार ने क्या कदम उठाए?
सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया है।
राष्ट्र प्रेस
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