क्या पश्चिम बंगाल रोहिंग्या का 'गेट-वे' बन गया है?

सारांश
Key Takeaways
- पश्चिम बंगाल में रोहिंग्याओं का प्रवेश बढ़ रहा है।
- नकली आधार कार्ड का निर्माण हो रहा है।
- राजनीतिक नेताओं की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।
- बिहार के लोगों को जागरूक रहने की आवश्यकता है।
- अगली सरकार बांग्लादेशियों को निकालने का कार्य करेगी।
पटना, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने बुधवार को घुसपैठियों के मुद्दे पर कहा कि पश्चिम बंगाल बांग्लादेशी रोहिंग्याओं का गेटवे बन चुका है। वहां नकली आधार कार्ड तैयार होते हैं, जिसके बाद ये लोग बिहार में प्रवेश करते हैं।
गिरिराज सिंह ने स्पष्ट किया कि इसके गंभीर परिणाम पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी भुगतने होंगे। बांग्लादेशी घुसपैठियों के कारण वहां हिंदुओं को बुरी तरह प्रभावित किया जा रहा है।
पटना में मीडिया से बातचीत में, गिरिराज सिंह ने वोटर अधिकार यात्रा में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के शामिल होने पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी, तेजस्वी यादव और लालू यादव ने जानबूझकर इन नेताओं को बिहार बुलाया है।
उन्होंने कहा, "बिहार को गाली देने वाले रेवंत रेड्डी और बिहार के डीएनए पर सवाल उठाने वाले स्टालिन को लेकर यह सवाल उठाना चाहता हूं कि क्या ये लोग बिहार को चिढ़ाने के लिए इन लोगों को अपने साथ लेकर घूम रहे हैं?"
गिरिराज सिंह ने पूछा कि क्या लालू यादव या राहुल गांधी का आधार कमजोर हो गया है या हिंदुओं को गाली देने के लिए उन्होंने स्टालिन और रेवंत रेड्डी को बुलाया है। उन्होंने कहा कि लालू यादव, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को बिहार के लोगों से माफी मांगनी होगी।
राहुल गांधी के चुनाव आयोग को बचाने के आरोपों पर गिरिराज सिंह ने कहा कि ये लोग झूठ की खेती करते हैं। इनकी मंशा केवल हंगामा करना है। उन्होंने यह भी कहा कि अगली सरकार जब बनेगी, तो 1971 से जो भी बांग्लादेशी यहां हैं, उन्हें निकालने का काम किया जाएगा।