रोहित जैन बने आरबीआई के नए डिप्टी गवर्नर, 3 मई से संभालेंगे कार्यभार; तीन साल का कार्यकाल

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रोहित जैन बने आरबीआई के नए डिप्टी गवर्नर, 3 मई से संभालेंगे कार्यभार; तीन साल का कार्यकाल

सारांश

केंद्र सरकार ने RBI के मौजूदा एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रोहित जैन को डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया है — यह नियुक्ति 3 मई 2026 से प्रभावी है और तीन साल की होगी। वे सेवानिवृत्त टी. रबी शंकर की जगह लेंगे। इसी बीच गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एम्स्टर्डम में वैश्विक वित्तीय जोखिमों पर भारत का पक्ष रखा।

Key Takeaways

रोहित जैन को केंद्र सरकार ने RBI का नया डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया; कार्यकाल 3 मई 2026 से तीन वर्ष का होगा। जैन वर्तमान में RBI में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर पद पर कार्यरत हैं। वे टी. रबी शंकर का स्थान लेंगे, जो अप्रैल 2026 के अंत में सेवानिवृत्त हुए। डिप्टी गवर्नर के रूप में जैन की जिम्मेदारियों की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एम्स्टर्डम में वैश्विक वित्तीय स्थिरता पर जोखिमों की चेतावनी दी — सप्लाई चेन बाधाएँ और टेक्नोलॉजी सेक्टर की बढ़ती कीमतें प्रमुख चिंताएँ बताईं।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) में एक महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन के तहत केंद्र सरकार ने रोहित जैन को RBI का नया डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया है। एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यह नियुक्ति 3 मई 2026 से प्रभावी होगी और उनका कार्यकाल तीन वर्षों का होगा। जैन फिलहाल RBI में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।

किसकी जगह लेंगे रोहित जैन

रोहित जैन, टी. रबी शंकर का स्थान लेंगे, जो अप्रैल 2026 के अंत में सेवानिवृत्त हुए थे। गौरतलब है कि डिप्टी गवर्नर के रूप में जैन को कौन-सी विशिष्ट जिम्मेदारियाँ सौंपी जाएंगी, इसकी आधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं की गई है।

नियुक्ति का संदर्भ और महत्व

यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारतीय रिज़र्व बैंक मुद्रा प्रबंधन और वित्तीय प्रणाली की स्थिरता पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के इस दौर में एक अनुभवी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर को इस पद पर नियुक्त करना केंद्रीय बैंक की प्राथमिकताओं को दर्शाता है।

गवर्नर मल्होत्रा की वैश्विक चेतावनी

इसी बीच, RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने नीदरलैंड्स के एम्स्टर्डम में आयोजित 25वें FIMMDA-PDAI वार्षिक सम्मेलन में कहा कि वैश्विक तनाव के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था उपभोग और सरकारी निवेश के बल पर मजबूत बनी हुई है।

मल्होत्रा ने चेतावनी दी कि दुनिया के कई देशों में बढ़ता सरकारी और रक्षा खर्च वैश्विक वित्तीय स्थिरता पर दबाव डाल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि विशेष रूप से टेक्नोलॉजी सेक्टर में बढ़ी हुई कीमतें बाज़ार के लिए नए जोखिम पैदा कर सकती हैं।

आपूर्ति श्रृंखला और महंगाई पर असर

गवर्नर मल्होत्रा के अनुसार, सप्लाई चेन में बाधाएँ और ऊर्जा की बढ़ती कीमतें पहले ही आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित कर चुकी हैं। उन्होंने आगाह किया कि यदि यह स्थिति दीर्घकाल तक बनी रही, तो महंगाई पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

उन्होंने सरकार के पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) पर जोर देने की सराहना करते हुए कहा कि इससे निजी निवेश को प्रोत्साहन मिला है और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है।

आरबीआई की आगे की रणनीति

संजय मल्होत्रा ने स्पष्ट किया कि RBI वैश्विक अनिश्चितता के बीच वित्तीय बाज़ारों को और सुदृढ़ बनाने, उनमें व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने और संस्थागत ढाँचे को बेहतर करने के प्रयास जारी रखेगा। रोहित जैन की नियुक्ति के बाद अब यह देखना होगा कि वे किन नीतिगत प्राथमिकताओं का नेतृत्व करते हैं।

Point of View

लेकिन असली सवाल यह है कि उन्हें कौन-सा विभाग सौंपा जाएगा — मुद्रा प्रबंधन, वित्तीय बाज़ार या विनियमन। टी. रबी शंकर के कार्यकाल में डिजिटल मुद्रा और फिनटेक नियमन पर महत्वपूर्ण काम हुआ था; अब देखना होगा कि जैन उस एजेंडे को आगे बढ़ाते हैं या नई दिशा तय करते हैं। गवर्नर मल्होत्रा की एम्स्टर्डम में दी गई चेतावनियाँ यह संकेत देती हैं कि RBI वैश्विक जोखिमों को लेकर सतर्क है — ऐसे में जैन का अनुभव केंद्रीय बैंक की नीतिगत दिशा के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

रोहित जैन कौन हैं और उन्हें आरबीआई में क्या पद मिला है?
रोहित जैन RBI के मौजूदा एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं, जिन्हें केंद्र सरकार ने 3 मई 2026 से तीन वर्ष के लिए डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया है। वे सेवानिवृत्त टी. रबी शंकर का स्थान लेंगे।
रोहित जैन किसकी जगह आरबीआई के डिप्टी गवर्नर बने हैं?
रोहित जैन, टी. रबी शंकर की जगह लेंगे, जो अप्रैल 2026 के अंत में RBI से सेवानिवृत्त हुए थे। शंकर के कार्यकाल में डिजिटल मुद्रा और वित्तीय बाज़ार नियमन प्रमुख कार्यक्षेत्र रहे थे।
रोहित जैन को आरबीआई डिप्टी गवर्नर के रूप में कौन-सी जिम्मेदारियाँ मिलेंगी?
अभी तक आधिकारिक तौर पर यह घोषित नहीं किया गया है कि डिप्टी गवर्नर के रूप में रोहित जैन कौन-से विभाग संभालेंगे। यह जानकारी शीघ्र ही जारी होने की उम्मीद है।
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एम्स्टर्डम में क्या कहा?
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एम्स्टर्डम में 25वें FIMMDA-PDAI सम्मेलन में कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक तनाव के बावजूद मजबूत है, लेकिन सप्लाई चेन बाधाएँ, ऊर्जा की बढ़ती कीमतें और टेक्नोलॉजी सेक्टर में मूल्यवृद्धि वित्तीय स्थिरता के लिए जोखिम हैं।
आरबीआई में डिप्टी गवर्नर की भूमिका क्या होती है?
RBI में डिप्टी गवर्नर केंद्रीय बैंक के प्रमुख नीतिगत और परिचालन विभागों की निगरानी करते हैं, जैसे मुद्रा प्रबंधन, वित्तीय बाज़ार नियमन, और बैंकिंग पर्यवेक्षण। RBI में सामान्यतः चार डिप्टी गवर्नर होते हैं जो गवर्नर के नेतृत्व में कार्य करते हैं।
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