महिला पुलिसकर्मी से धक्का-मुक्की पर BJP के आरपी सिंह का विपक्ष पर कड़ा हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक पर कड़ा हमला बोला। उनका यह बयान जंतर-मंतर पर चुनाव आयोग के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी के साथ कथित धक्का-मुक्की की घटना के बाद आया। सिंह ने इस व्यवहार को अस्वीकार्य और विपक्ष की 'गलत मानसिकता' का प्रतीक बताया।
महिला पुलिसकर्मी से कथित धक्का-मुक्की पर प्रतिक्रिया
आरपी सिंह ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान किसी महिला पुलिसकर्मी पर हाथ उठाने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष को किसी मुद्दे पर आवाज़ उठानी है, तो उन्हें अपनी महिला कार्यकर्ताओं के माध्यम से बात रखनी चाहिए। सिंह ने प्रियंका गांधी वाड्रा के प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस अधिकारी के साथ कथित व्यवहार का भी हवाला दिया और आरोप लगाया कि विपक्ष खुद को कानून से ऊपर समझता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षाकर्मियों के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
विपक्ष के 'अघोषित आपातकाल' के आरोप पर पलटवार
इंडिया ब्लॉक के नेताओं द्वारा देश में 'अघोषित आपातकाल' होने के दावे को सिंह ने सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता आज खुलकर संसद में बोल रहे हैं, प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं और टेलीविज़न पर अपने विचार रख रहे हैं — यह आपातकाल की स्थिति नहीं है। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि 1975-77 के आपातकाल में 19 महीने तक बड़ी संख्या में राजनीतिक कार्यकर्ता जेलों में रहे और उन्हें यातनाएँ सहनी पड़ीं। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों की तुलना उस दौर से करना उचित नहीं है।
42 पूर्व न्यायाधीशों के पत्र पर टिप्पणी
चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को लेकर 42 पूर्व न्यायाधीशों द्वारा उठाई गई चिंता के संदर्भ में सिंह ने कहा कि यह एक गंभीर विषय है। उनके अनुसार, देश के वरिष्ठ पूर्व न्यायाधीशों ने संस्थाओं को कमज़ोर करने के प्रयासों पर चिंता जताई है और उन्होंने उम्मीद जताई कि राहुल गांधी इस पर गंभीरता से विचार करेंगे।
राजघाट पर राहुल गांधी के धरने पर आपत्ति
राहुल गांधी के राजघाट पर बैठने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक इंडिया ब्लॉक का आंदोलन जारी रखने के ऐलान पर आरपी सिंह ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की समाधि पर जाकर केवल अहिंसा का संदेश दिया जाना चाहिए, और जिस प्रदर्शन में पुलिसकर्मियों के साथ कथित धक्का-मुक्की हो, वह बापू की सीख के विपरीत है।
PM मोदी के 'लीकेज रोकने' वाले बयान का समर्थन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मुफ्त की कमाई बंद हुई तो चीखते रहेंगे, मैं लीकेज रोकता रहूंगा' वाले बयान का आरपी सिंह ने पूरा समर्थन किया। उन्होंने मनरेगा में कथित अनियमितताओं और फर्जी राशन कार्डों का ज़िक्र करते हुए कहा कि बैंक खाते और आधार से लिंक किए जाने के बाद व्यवस्था में मौजूद कथित 'लीकेज' पर रोक लगी है। उन्होंने कहा कि इससे उन लोगों को असुविधा हुई, जिनका वोट बैंक कथित तौर पर इन खामियों पर टिका था। सिंह ने मतदाता सूची के शुद्धिकरण को भी लोकतंत्र की मज़बूती के लिए अनिवार्य बताया। आने वाले दिनों में यह राजनीतिक बहस और तेज़ होने के आसार हैं।