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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: भारत-पाक सीमा के पास आरएस पुरा के किसानों ने ट्रैक्टरों पर किया योग

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: भारत-पाक सीमा के पास आरएस पुरा के किसानों ने ट्रैक्टरों पर किया योग

सारांश

भारत-पाकिस्तान सीमा के ठीक पास, जम्मू के आरएस पुरा में किसानों ने ट्रैक्टरों को योग-स्थल बना दिया। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर यह अनोखी पहल सिर्फ उत्सव नहीं — सीमा पार पड़ोसियों को भी इंसानियत के इस पैगाम को अपनाने का खुला निमंत्रण थी।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर के आरएस पुरा में भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट किसानों ने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर ट्रैक्टरों पर बैठकर योगाभ्यास किया।
किसान मोहम्मद आरिफ ने पाकिस्तान समेत सभी इस्लामिक देशों को योग अपनाने का संदेश दिया।
सेवानिवृत्त कैप्टन हंसराज (सेना मेडल) ने भी इस आयोजन में भाग लिया और 'ट्रैक्टर पर योगा' को सामूहिक निर्णय बताया।
किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया, जिन्होंने योग को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया।
यह आयोजन ग्रामीण और सीमावर्ती समुदायों में योग की पहुँच का प्रतीक बना।

जम्मू-कश्मीर के आरएस पुरा क्षेत्र में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट किसानों ने 20 जून को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर एक अनोखा संदेश दिया — उन्होंने अपने ट्रैक्टरों पर बैठकर योगाभ्यास किया। यह पहल देशभर में फैले योग-उत्साह के बीच सीमावर्ती किसानों की एक विशिष्ट और प्रेरणादायक भागीदारी बनकर उभरी।

ट्रैक्टर पर योग: किसानों का अनोखा अंदाज

सीमा के निकट खेतों में काम करने वाले किसानों ने अपनी दिनचर्या से समय निकालकर ट्रैक्टरों को योग-स्थल में बदल दिया। किसान मोहम्मद आरिफ ने इस अवसर पर कहा, 'जैसे हमारे देश के नौजवान सरहदों में डटे हैं, वैसे ही हमारे किसान खेतों में डटे हुए हैं। आज योग दिवस के उपलक्ष्य पर हमारे सभी किसान भाईयों ने अपनी खेती-बाड़ी छोड़कर ट्रैक्टरों के साथ योग कर रहे हैं, क्योंकि किसान का असली साथी ट्रैक्टर ही है।'

यह आयोजन सहज और स्वैच्छिक था — किसान सुबह के काम के बीच यहाँ आए, आधे से एक घंटे योगाभ्यास किया और फिर अपने खेतों की ओर लौट गए।

पड़ोसी देशों को योग अपनाने का संदेश

मोहम्मद आरिफ ने आगे कहा, 'हमारा पड़ोसी देश पाकिस्तान समेत सभी इस्लामिक देशों के लिए यही संदेश है कि वे भी योग को अपनाएँ। योग एक इंसानियत का पैगाम है। यह मनुष्य की अच्छाई के लिए है। इसलिए सभी योगाभ्यास करें और निरोगी बनकर रहें।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि किसी की बीमारी योग से ठीक होती है, तो इससे बड़ी सेवा कोई नहीं।

सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी की भागीदारी

इस आयोजन में सेवानिवृत्त कैप्टन हंसराज (सेना मेडल) ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा, 'किसानों के पास समय बहुत कम होता है। जैसे अभी जो ट्रैक्टर वाले हैं, यहाँ से इन्हें अपने काम पर चले जाना है और काम करते हुए यहाँ आए। उन्होंने आधा घंटा, एक घंटा अपने शरीर के लिए निकाला।' कैप्टन हंसराज ने बताया कि 'ट्रैक्टर पर योगा' करने का निर्णय सामूहिक रूप से लिया गया था। उनके अनुसार, 'हम योग करेंगे और स्वस्थ रहेंगे, मानसिकता अच्छी होगी तो प्रेम भाव भी बढ़ेगा।'

पीएम मोदी को धन्यवाद

किसान मोहम्मद आरिफ ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'जो भारत की पुरानी सभ्यता और परंपरा थी, उसको अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लाकर पीएम मोदी ने भारत का नाम ऊँचा किया है।' गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र ने 2015 से हर वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था, जिसका प्रस्ताव भारत ने रखा था।

आगे क्या

आरएस पुरा के किसानों की यह पहल योग को केवल शहरी या औपचारिक आयोजनों तक सीमित न रखकर ग्रामीण और सीमावर्ती समुदायों तक पहुँचाने की दिशा में एक सार्थक कदम है। यह आयोजन इस बात का प्रतीक है कि योग की जड़ें अब भारत के कोने-कोने में फैल रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसने पाकिस्तान और इस्लामिक देशों को योग अपनाने का आह्वान किया — यह वह कोण है जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ कर देती है। सीमा पर तनाव के बीच यह सांप्रदायिक सौहार्द और सांस्कृतिक कूटनीति का एक सूक्ष्म लेकिन सशक्त उदाहरण है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरएस पुरा में किसानों ने योग दिवस पर क्या किया?
जम्मू-कश्मीर के आरएस पुरा में भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट किसानों ने 20 जून को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर ट्रैक्टरों पर बैठकर योगाभ्यास किया। यह पहल 'ट्रैक्टर पर योगा' के नाम से आयोजित की गई और इसमें सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी भी शामिल हुए।
किसान मोहम्मद आरिफ ने योग दिवस पर क्या संदेश दिया?
किसान मोहम्मद आरिफ ने कहा कि योग एक इंसानियत का पैगाम है और उन्होंने पाकिस्तान समेत सभी इस्लामिक देशों को योग अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि योग से यदि बीमारी ठीक होती है तो इससे बड़ी सेवा कोई नहीं।
सेवानिवृत्त कैप्टन हंसराज ने इस आयोजन के बारे में क्या कहा?
सेवानिवृत्त कैप्टन हंसराज (सेना मेडल) ने बताया कि किसानों के पास समय कम होता है, फिर भी उन्होंने काम के बीच से आधे से एक घंटे का समय निकालकर योग किया। उन्होंने कहा कि 'ट्रैक्टर पर योगा' का निर्णय सामूहिक रूप से लिया गया था।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कब और कैसे शुरू हुआ?
संयुक्त राष्ट्र ने 2015 से हर वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया, जिसका प्रस्ताव भारत ने रखा था। 2025 में यह 12वाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस था।
किसानों ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार क्यों जताया?
किसान मोहम्मद आरिफ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की पुरानी सभ्यता और परंपरा — योग — को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई, जिससे भारत का नाम ऊँचा हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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