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क्या सबरीमाला स्वर्ण चोरी मामले में एसआईटी ने शंकरदास को गिरफ्तार किया?

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क्या सबरीमाला स्वर्ण चोरी मामले में एसआईटी ने शंकरदास को गिरफ्तार किया?

सारांश

केरल के सबरीमाला स्वर्ण चोरी मामले में हालिया घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। विशेष जांच दल द्वारा शंकरदास की गिरफ्तारी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह मामला अब और गहरा होगा?

मुख्य बातें

शंकरदास की गिरफ्तारी ने सबरीमाला स्वर्ण चोरी मामले में नया मोड़ लाया है।
कुल 13 गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं।
केरल उच्च न्यायालय ने एसआईटी को फटकार लगाई है।
सीबीआई जांच की मांग उठाई जा रही है।
राजनीतिक चर्चाएँ तेज हो गई हैं।

तिरुवनंतपुरम, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सबरीमाला स्वर्ण चोरी मामले की जांच में बुधवार को त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के पूर्व सदस्य केपी शंकरदास की गिरफ्तारी ने एक महत्वपूर्ण मोड़ लिया।

तिरुवनंतपुरम के एक निजी अस्पताल में विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा शंकरदास की गिरफ्तारी को औपचारिक रूप से दर्ज किया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।

इस गिरफ्तारी के साथ इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की कुल संख्या 13 हो गई है।

पुलिस अधीक्षक एसपी शशिधरन के नेतृत्व में एक टीम गिरफ्तारी की प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए अस्पताल पहुँची।

शंकरदास को कुछ समय से आईसीयू में भर्ती किया गया था। उनकी चिकित्सीय स्थिति को देखते हुए कोल्लम अदालत को सूचित किया गया, जिसके बाद एक मजिस्ट्रेट ने अनिवार्य कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए स्वयं अस्पताल का दौरा किया। रिमांड रिपोर्ट जल्द ही कोल्लम अदालत में पेश की जाएगी।

शंकरदास का अस्पताल में इलाज जारी रहेगा।

संयोगवश, केरल उच्च न्यायालय ने सोमवार को सबरीमाला स्वर्ण चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी को आरोपी शंकरदास को गिरफ्तार करने में विफल रहने पर कड़ी फटकार लगाई।

शंकरदास की गिरफ्तारी में हुई देरी चर्चा का विषय बन गई थी, क्योंकि यह चोरी 2017 में हुई थी और शंकरदास को छोड़कर बोर्ड के तीन सदस्यों में से अन्य दो को गिरफ्तार कर लिया गया था।

शंकरदास का बेटा केरल पुलिस में एक शीर्ष अधिकारी है और सत्तारूढ़ वामपंथी सरकार में दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी, सीपीआई का एक वरिष्ठ नेता है।

इन घटनाक्रमों का महत्व और भी बढ़ जाता है क्योंकि केरल उच्च न्यायालय से जल्द ही कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर अपना फैसला सुनाने की उम्मीद है।

राज्य भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने का अनुरोध दायर किया है, जिन्होंने तर्क दिया है कि इस मामले में गंभीर आरोप शामिल हैं जिनके लिए स्वतंत्र जांच की आवश्यकता है।

यह मामला पहले ही राजनीतिक रूप ले चुका है और अब सीपीआई (एम) और सीपीआई के नेता जेल में हैं। ऐसे में केरल में प्रमुख विपक्षी दल, कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने मांग की है कि जांच को और उच्च स्तर तक ले जाया जाए।

विपक्ष के नेता वीडी सतीशन पहले ही यह मांग उठा चुके हैं कि तत्कालीन देवस्वोम मंत्री और वरिष्ठ सीपीआई (एम) विधायक कडाकम्पल्ली सुरेंद्रन की भूमिका की गहन जांच की जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में भी महत्वपूर्ण है। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। इस मामले में न्याय संगत प्रक्रिया की आवश्यकता है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शंकरदास की गिरफ्तारी कब हुई?
शंकरदास की गिरफ्तारी 14 जनवरी को हुई।
इस मामले में कितने लोग गिरफ्तार हो चुके हैं?
इस मामले में अब तक कुल 13 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।
केरल उच्च न्यायालय ने इस मामले में क्या कहा?
केरल उच्च न्यायालय ने एसआईटी को शंकरदास की गिरफ्तारी में विफल रहने पर कड़ी फटकार लगाई।
क्या शंकरदास का बेटा पुलिस में है?
हां, शंकरदास का बेटा केरल पुलिस में एक शीर्ष अधिकारी है।
इस मामले की सीबीआई जांच की मांग किसने की है?
राज्य भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
राष्ट्र प्रेस
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