30 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या सबरीमाला स्वर्ण चोरी मामले में एसआईटी ने हाईकोर्ट में साजिश का पर्दाफाश किया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या सबरीमाला स्वर्ण चोरी मामले में एसआईटी ने हाईकोर्ट में साजिश का पर्दाफाश किया?

सारांश

क्या सबरीमाला स्वर्ण चोरी मामले में एसआईटी ने हाईकोर्ट में साजिश का पर्दाफाश किया? जानिए इस सुनियोजित अपराध की पूरी कहानी और इसके पीछे की गहरी साजिश। रिपोर्ट में आरोपी और चोरी की योजना का विवरण प्रस्तुत किया गया है।

मुख्य बातें

सबरीमाला मंदिर से सोने की चोरी एक सुनियोजित अपराध है।
एसआईटी ने गहरी साजिश का पर्दाफाश किया।
जांच में कई आरोपी शामिल हैं और जमानत न देने की अपील की गई है।

कोच्चि, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सबरीमाला मंदिर से सोने की तस्करी के मामले में गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने केरल हाईकोर्ट में एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए इस अपराध के पीछे एक सुनियोजित और गहरी साजिश का खुलासा किया है।

एसआईटी की रिपोर्ट के अनुसार, यह चोरी पूरी तरह संगठित और पूर्व नियोजित योजना के तहत की गई। मामले के मुख्य आरोपियों में उन्नीकृष्णन पोट्टी, पंकज भंडारी और गोवर्धन, जो बेल्लारी के सोना कारोबारी हैं, शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने गिरफ्तारी और जांच से बचने के लिए पहले से रणनीति तैयार कर रखी थी।

रिपोर्ट में बताया गया कि अक्टूबर 2025 में बेंगलुरु में आरोपियों की एक गुप्त बैठक हुई थी, जिसमें पूरी योजना पर चर्चा की गई थी। इस बैठक में यह भी तय किया गया था कि अगर वे मामले में फंसते हैं तो किस प्रकार साजिश को छिपाया जाएगा और जांच को गुमराह किया जाएगा।

जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि मंदिर के श्रीकोविल (गर्भगृह) से सोना चोरी किया गया, जिसमें द्वारपाल की मूर्तियों और लकड़ी के पैनलों से सोना निकाला गया। ‘स्मार्ट क्रिएशंस’ के विशेषज्ञ शंकर ने पैनलों से 409 ग्राम सोना बरामद किया, जो बाद में कारोबारी गोवर्धन तक पहुंचा।

एसआईटी ने यह भी कहा है कि मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी बड़ी रकम संदिग्ध खातों के जरिए इधर-उधर की गई, जिससे अपराध को छिपाने की कोशिश की गई। जांच टीम के मुताबिक, यह एक बड़ी और सुनियोजित डकैती का मामला है।

रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि बरामद सोने की वैज्ञानिक जांच जरूरी है, ताकि चोरी की वास्तविक मात्रा का पता चल सके। एसआईटी ने अदालत से अनुरोध किया है कि जांच पूरी होने तक आरोपियों को जमानत न दी जाए।

इससे पहले हाईकोर्ट के देवस्वोम बेंच ने एसआईटी के अनुरोध पर जांच की समय-सीमा बढ़ाते हुए छह सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया था। एसआईटी अपनी अगली अंतरिम रिपोर्ट 19 जनवरी को दाखिल करेगी।

इस मामले में कुल 15 लोगों पर द्वारपाल की मूर्तियों से और 12 लोगों पर लकड़ी के पैनलों से सोना तस्करी करने का आरोप है। अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो न्यायिक हिरासत में हैं।

एसआईटी की यह विस्तृत रिपोर्ट आगे की न्यायिक प्रक्रिया की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईटी ने रिपोर्ट में क्या बताया?
एसआईटी ने बताया कि यह चोरी सुनियोजित और संगठित तरीके से की गई थी, जिसमें आरोपियों ने पहले से योजना बनाई थी।
कितने आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं?
अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
चोरी में कितना सोना बरामद हुआ?
जांच में 409 ग्राम सोना बरामद किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले