30 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या सबरीमाला सोना चोरी मामले में नेता प्रतिपक्ष सतीशन ने विधानसभा में बहस करने से किया इनकार?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या सबरीमाला सोना चोरी मामले में नेता प्रतिपक्ष सतीशन ने विधानसभा में बहस करने से किया इनकार?

सारांश

तिरुवनंतपुरम, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सबरीमाला सोना चोरी मामले में नेता प्रतिपक्ष वी.डी. सतीशन ने विधानसभा में बहस करने से इनकार कर दिया है। विपक्ष ने इस मामले में मंत्रियों के इस्तीफे की मांग की है। यह मामला अब राजनीतिक तीरों का निशाना बन चुका है।

मुख्य बातें

सबरीमाला सोना चोरी मामला अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।
विपक्ष ने मंत्रियों के इस्तीफे की मांग की है।
हाईकोर्ट के खुलासे ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

तिरुवनंतपुरम, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सबरीमाला सोना चोरी मामले को लेकर गुरुवार को केरल विधानसभा की कार्यवाही पूरी तरह ठप रही। विपक्ष ने माकपा नीत सरकार पर हमले तेज करते हुए यह स्पष्ट किया कि यह मामला बहस का नहीं, बल्कि मंत्रियों के इस्तीफे का है。

नेता प्रतिपक्ष वी.डी. सतीशन ने विधानसभा परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत में कहा कि विपक्ष ने जानबूझकर चर्चा के लिए नोटिस नहीं दिया, क्योंकि जब हाईकोर्ट अपने आदेश में “चौंकाने वाले खुलासे” कर चुका है, तो अब बहस का कोई औचित्य नहीं बचता।

उन्होंने कहा कि विपक्ष की प्रमुख मांगें देवस्वोम मंत्री वी.एन. वासवन का इस्तीफा और इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) पर मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कथित दबाव को तुरंत समाप्त करना है।

सतीशन ने बताया कि अदालत ने अपने अवलोकन में कहा है कि वर्ष 2019 की सोना चोरी की जानकारी होने के बावजूद (जिसमें मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी द्वारा कथित रूप से 475 ग्राम सोने की हेराफेरी की गई थी) देवस्वोम बोर्ड ने उसे दोबारा सोने की परत चढ़ाने का काम सौंप दिया, जो न्यायिक निर्देशों का खुला उल्लंघन है।

उन्होंने इसे और गंभीर बताते हुए कहा कि अदालत ने यह भी उल्लेख किया है कि वर्ष 2024 में तत्कालीन देवस्वोम बोर्ड अध्यक्ष के “अत्यावश्यक” पत्र के आधार पर पोट्टी को फिर बुलाया गया और बोर्ड के आदेश से उसे प्रायोजन के तहत काम करने की अनुमति दी गई।

सतीशन के अनुसार, अदालत ने यह भी कहा कि मंडलम सीजन से पहले सबरीमाला में मरम्मत के लिए पर्याप्त समय होने के बावजूद द्वारपालक प्रतिमाओं को बाहर भेजने की व्यवस्था की गई, जिससे 2025 में एक तरह की “कृत्रिम आपात स्थिति” पैदा की गई।

उन्होंने कहा, “इस पूरे मामले की पूरी जिम्मेदारी देवस्वोम मंत्री वासवन और तत्कालीन बोर्ड अध्यक्ष की है,” और जोर देकर कहा कि मंत्री के इस्तीफे की विपक्ष की मांग पूरी तरह अदालत की टिप्पणियों पर आधारित है।

कोषागार पक्ष पर निशाना साधते हुए सतीशन ने मंत्रियों एम.बी. राजेश और शिवनकुट्टी की विधानसभा में की गई टिप्पणियों की आलोचना की और आरोप लगाया कि वे सोनिया गांधी का नाम घसीटकर ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने सवाल किया, “क्या सोनिया गांधी ने सोना चोरी किया?” सतीशन ने कहा कि मुख्य आरोपी पोट्टी की विभिन्न नेताओं, जिनमें मुख्यमंत्री भी शामिल हैं, के साथ तस्वीरें मौजूद हैं, लेकिन यह मुद्दा नहीं है।

उन्होंने कहा, “आरोप यह है कि मुख्यमंत्री ने इसमें शामिल लोगों को संरक्षण दिया।”

सतीशन ने आगे आरोप लगाया कि पूर्व देवस्वोम मंत्री और वरिष्ठ माकपा विधायक कड़कमपल्ली सुरेंद्रन की भी इस मामले में “स्पष्ट भूमिका” है और उनकी गिरफ्तारी रोकने के लिए दबाव डाला जा रहा है, क्योंकि इससे और भी खुलासे होने की आशंका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि जनता की विश्वास बहाली का भी है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सबरीमाला सोना चोरी मामला क्या है?
यह मामला 2019 में सबरीमाला मंदिर के सोने की चोरी से संबंधित है, जिसमें मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी है।
नेता प्रतिपक्ष ने बहस से क्यों इनकार किया?
उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के खुलासों के बाद बहस का कोई औचित्य नहीं है।
विपक्ष की मुख्य मांगें क्या हैं?
मुख्य मांगें देवस्वोम मंत्री का इस्तीफा और एसआईटी पर दबाव समाप्त करने की हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले