आंध्र प्रदेश सरकार लॉन्च करेगी टाइटेनियम और सामरिक सामग्री मिशन

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आंध्र प्रदेश सरकार लॉन्च करेगी टाइटेनियम और सामरिक सामग्री मिशन

सारांश

आंध्र प्रदेश सरकार ने ऐलान किया है कि वह जल्द ही आंध्र प्रदेश टाइटेनियम और सामरिक सामग्री मिशन लॉन्च करने जा रही है, जो राज्य के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

Key Takeaways

  • आंध्र प्रदेश सरकार का टाइटेनियम मिशन रोजगार सृजन में सहायक होगा।
  • 50,000 करोड़ रुपए का निवेश लाने का लक्ष्य है।
  • बीच सैंड मिनरल्स का मूल्यवर्धन किया जाएगा।
  • तीन प्रमुख प्रोसेसिंग पार्क स्थापित होंगे।
  • सामरिक सामग्री हब के रूप में राज्य का विकास होगा।

अमरावती, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश सरकार आगामी समय में आंध्र प्रदेश टाइटेनियम और रणनीतिक सामग्री मिशन (एपी-टीएसएमएम) शुरू करने जा रही है।

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को यह जानकारी दी कि इस मिशन के माध्यम से बड़े पैमाने पर निवेश आएगा और हजारों रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे, जिससे राज्य के औद्योगिक विकास को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा।

सेक्रेटेरिएट में माइनिंग डिपार्टमेंट की समीक्षा बैठक के दौरान, सीएम ने अधिकारियों के साथ प्रस्तावित मिशन पर विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने बताया कि इस मिशन का लक्ष्य अगले 10 वर्षों में 50,000 करोड़ रुपए का निवेश लाना और 40,000 नौकरियों का सृजन करना है। इसके साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को दुर्लभ खनिजों और मूल्यवर्धन के अवसरों के लिए केंद्र सरकार एवं अन्य राज्यों की नीतियों का अध्ययन करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य को एक इंटीग्रेटेड स्ट्रेटेजिक मटीरियल हब के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य में उपलब्ध बीच सैंड मिनरल्स जैसे कीमती खनिजों का उचित मूल्यवर्धन और उपयोग किया जाना चाहिए।

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को सूचित किया कि राज्य के तट पर मौजूद बीच सैंड मिनरल्स देश के सबसे मूल्यवान खनिजों में से हैं और इनसे निर्मित उत्पाद कई महत्वपूर्ण उद्योगों के लिए आवश्यक हैं।

राज्य में खनिजों के बेहतर उपयोग के लिए अधिकारियों ने तीन बड़े प्रोसेसिंग पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव दिया, जिसमें श्रीकाकुलम में टाइटेनियम पार्क – जिसका उत्पादन लक्ष्य प्रति वर्ष 1.5 मिलियन टन है, अनकापल्ली में रेयर अर्थ कॉरिडोर – जिसका उत्पादन लक्ष्य प्रति वर्ष 25,000 टन है, और मछलीपट्टनम में इंटीग्रेटेड टाइटेनियम और रेयर अर्थ कॉरिडोर शामिल हैं।

बैठक में मंत्री कोल्लू रवींद्र, माइनिंग और एक्साइज के प्रिंसिपल सेक्रेटरी मुकेश कुमार मीणा और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

इस बीच, 11 और 12 मार्च को यहां दो दिवसीय कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। कॉन्फ्रेंस के दौरान, मुख्यमंत्री राज्य के विकास के लिए प्रशासनिक मशीनरी को दिशा-निर्देश देंगे।

कॉन्फ्रेंस में सरकार द्वारा लागू की जा रही विभिन्न कल्याण योजनाओं और विकास कार्यक्रमों, जीएसडीपी वृद्धि, इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण और कानून एवं व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

मुख्यमंत्री एक मुख्य भाषण देंगे और विभिन्न मुद्दों का पुनरावलोकन करेंगे। सरकार के मुख्य सचिव, राजस्व मंत्री, वित्त मंत्री और उपमुख्यमंत्री भी कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे।

Point of View

बल्कि रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। यह पहल निस्संदेह राज्य के औद्योगिक विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है।
NationPress
11/03/2026

Frequently Asked Questions

आंध्र प्रदेश टाइटेनियम मिशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस मिशन का मुख्य उद्देश्य अगले 10 वर्षों में 50,000 करोड़ रुपए का निवेश लाना और 40,000 नौकरियों का सृजन करना है।
इस मिशन से राज्य को क्या लाभ होगा?
इससे राज्य के औद्योगिक विकास में वृद्धि होगी और हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
राज्य में किन मिनरल्स का उपयोग किया जाएगा?
राज्य में बीच सैंड मिनरल्स और दुर्लभ खनिजों का उपयोग किया जाएगा।
कब होगी कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस?
कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस 11 और 12 मार्च को आयोजित होगी।
इस मिशन का निगरानी कौन करेगा?
मुख्यमंत्री और अन्य उच्च अधिकारी इस मिशन की निगरानी करेंगे।
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