पद्मश्री भारत भूषण बोले — मोदी के 12 साल ऐतिहासिक, 'सबका साथ' उनकी सबसे बड़ी शक्ति
सारांश
मुख्य बातें
सहारनपुर में 27 मई को पद्मश्री सम्मान से अलंकृत भारत भूषण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षीय कार्यकाल को स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक निर्णायक अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि मोदी की सबसे बड़ी विशेषता समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की क्षमता है, जो 'सबका साथ, सबका विकास' के दर्शन में परिलक्षित होती है।
12 वर्षों की उपलब्धियाँ
भारत भूषण ने कहा, '12 घंटे के बाद तो सूर्य भी इधर से उधर आ जाता है और परिवर्तन साफ दिखाई देता है।' उन्होंने राष्ट्रीय विकास, अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा, वैज्ञानिकों के बढ़े आत्मविश्वास, सड़कों के जाल, चिकित्सा, कृषि विकास और मंगल मिशन तक की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उनके अनुसार, जनता का लगातार समर्थन इस बात का प्रमाण है कि विकास की यह यात्रा वास्तविक रही है।
योग और वैश्विक छवि
भारत भूषण के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने योग को वैश्विक मंच पर स्थापित कर भारत की सांस्कृतिक शक्ति को नई पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि जहाँ विवेक और बुद्धि काम करती है, वहाँ बिना हथियारों के भी वैश्विक वर्चस्व स्थापित किया जा सकता है। कोरोना काल में भारत द्वारा वैश्विक वैक्सीन आपूर्ति और योग-आधारित स्वास्थ्य प्रोटोकॉल को उन्होंने इसी सोच की व्यावहारिक अभिव्यक्ति बताया।
स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का विजन
प्राकृतिक खेती और स्वदेशी अभियान पर भारत भूषण ने कहा कि यह आत्मनिर्भरता का पहला सूत्र है। उन्होंने रासायनिक उत्पादों से दूरी बनाने और आहार विज्ञान पर आधारित जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया। उनके अनुसार, मेक इन इंडिया के तहत भारतीय प्रतिभाएँ अब विदेशों की बजाय अपने देश के लिए काम कर रही हैं और भारत में दुनिया का सबसे तेज डिजिटलीकरण हुआ है।
पद्म पुरस्कार और छुपी प्रतिभाओं की पहचान
पद्म पुरस्कारों की बदलती प्रकृति पर भारत भूषण ने सरकार की सराहना करते हुए यह भी कहा कि सम्मान उन्हें मिलना चाहिए जो वास्तव में योग्य हों। उन्होंने कहा, 'सरकार को छुपी हुई प्रतिभाओं को ढूंढना चाहिए, उन्हें सिर्फ सम्मान नहीं, आगे बढ़ने के अवसर भी देने चाहिए।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि एक वर्ष में पाँच भारत रत्न दिए जाने की परंपरा उन्होंने पहले कभी नहीं सुनी थी, और सही को सही तथा गलत को गलत कहना आवश्यक है।
सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर
सैन्य मोर्चे पर उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की सैन्य शक्ति को वैश्विक स्तर पर सिद्ध किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री के इस कथन का उल्लेख किया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ, केवल कुछ समय के लिए रोका गया है। भारत भूषण ने इसे स्वतंत्र भारत के इतिहास की सबसे बड़ी सैन्य घटनाओं में से एक बताया। आगे की राह पर उन्होंने कहा कि बढ़ती शक्ति के साथ सतर्कता भी उतनी ही आवश्यक है।