सचिन पायलट ने गोल्डन टेम्पल में टेका माथा, पंजाब में कानून-व्यवस्था ध्वस्त होने का लगाया आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने 8 अक्टूबर 2026 को अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब (गोल्डन टेम्पल) में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। दर्शन के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने पंजाब की शांति और खुशहाली की कामना करते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) की भगवंत मान सरकार पर कानून-व्यवस्था की विफलता को लेकर तीखा हमला बोला।
कांग्रेस का 2027 चुनाव पर भरोसा
पायलट ने कहा, 'गुरु नगरी में आने का अवसर मिला है, हम चाहते हैं कि आने वाला समय पंजाब के लिए बेहतर और खुशहाली लेकर आए।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस शानदार प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा, 'हमने ऊपरवाले से आशीर्वाद माँगा है — मेरा मानना है कि 2027 के चुनाव में हमें अच्छी कामयाबी मिलेगी।'
सीबीआई छापेमारी पर पायलट की प्रतिक्रिया
पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय और उनके करीबियों पर हुई केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) की छापेमारी के सवाल पर पायलट ने कहा कि यह कार्रवाई उच्च न्यायालय के आदेशों पर आधारित है, न कि किसी राजनीतिक द्वेष का परिणाम। उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री के इतने करीबी लोगों पर यदि वित्तीय अनियमितताओं, फाइलों की प्रतियों और लेनदेन से जुड़े सबूत मिले हैं, तो इस पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जाँच होनी चाहिए।' उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अदालत के निर्देशों के आधार पर हुई इस कार्रवाई में सच्चाई सामने आना अनिवार्य है।
कानून-व्यवस्था पर AAP सरकार पर निशाना
पायलट ने पंजाब में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को लेकर AAP सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था 'पूरी तरह ध्वस्त' हो चुकी है और आए दिन गैंगस्टरों की खुलेआम गोलीबारी व शूटआउट की घटनाएँ सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा, 'स्थिति इतनी भयावह है कि अब आम नागरिक तो दूर, पुलिसकर्मी भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे।' गौरतलब है कि पंजाब में गैंगस्टर हिंसा पिछले कुछ वर्षों में एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है, और विपक्षी दल नियमित रूप से सत्तारूढ़ सरकार पर इस मामले में विफलता का आरोप लगाते रहे हैं।
नाना पाटेकर के निधन पर शोक
वरिष्ठ कलाकार नाना पाटेकर के निधन पर पायलट ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस खबर से उन्हें गहरा सदमा पहुँचा और उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति तथा शोक संतप्त परिवार को यह असीम दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
राजनीतिक संदर्भ
यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब कांग्रेस 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति देने में जुटी है। पंजाब में 2022 में AAP ने ऐतिहासिक जनादेश हासिल किया था, लेकिन अब विपक्षी दल सरकार की कार्यप्रणाली, भ्रष्टाचार के आरोपों और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को मुद्दा बनाकर मतदाताओं तक पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं। पायलट की अमृतसर यात्रा को इसी रणनीति के तहत देखा जा रहा है।