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क्या पारदर्शी तरीके से चुनाव संभव है? वोटर लिस्‍ट की पुनः जाँच क्यों जरूरी है: सचिन पायलट

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क्या पारदर्शी तरीके से चुनाव संभव है? वोटर लिस्‍ट की पुनः जाँच क्यों जरूरी है: सचिन पायलट

सारांश

क्या सच में चुनाव पारदर्शी हो सकते हैं? सचिन पायलट ने दरभंगा में वोटर अधिकार यात्रा के दौरान चुनाव आयोग और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। जानिए उनके बयान और बिहार के वोटर अधिकारों की स्थिति के बारे में।

मुख्य बातें

पारदर्शिता चुनाव प्रक्रिया की बुनियाद है।
वोटर अधिकारों की रक्षा आवश्यक है।
चुनाव आयोग को जवाबदेही बढ़ानी चाहिए।
महागठबंधन सच्चाई के लिए एकजुट है।
सरकार को छोटे उद्योगों के लिए राहत पैकेज देना चाहिए।

दरभंगा, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने बिहार के दरभंगा में 'वोटर अधिकार यात्रा' में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा प्रहार किया।

उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी ने प्रेस वार्ता में तथ्यों के साथ कर्नाटक और अन्य राज्यों में वोटर लिस्ट में हुई गड़बड़ी को उजागर किया। सवाल यह है कि आयोग वोटर लिस्ट और वहां की सीसीटीवी फुटेज क्यों नहीं देना चाहता। जब सवाल पूछा जाता है, तो शपथपत्र मांगा जाता है। हम चाहते हैं कि चुनाव पारदर्शी तरीके से हो और वोटर लिस्ट की दोबारा जांच की जाए।

उन्होंने कहा कि बिहार में लाखों लोग वोट देने से वंचित हैं। इसके विरोध में राहुल गांधी और महागठबंधन के नेता बिहार में वोटर अधिकार यात्रा निकाल रहे हैं। पूरे देश में यह चर्चा का विषय है कि निर्वाचन आयोग पारदर्शी तरीके से काम क्यों नहीं कर रहा है। चुनाव आयोग की प्रेस वार्ता में कोई भी ठोस जवाब नहीं दिया गया।

कांग्रेस नेता ने कहा कि आयोग चुनाव में गड़बड़ी के सभी तत्वों को छुपाने का प्रयास कर रहा है। इस यात्रा में इंडिया गठबंधन एकजुट हो रहा है और सभी राहुल गांधी के साथ खड़े हैं। हमारा गठबंधन सच्चाई की लड़ाई लड़ रहा है। जब चुनाव आयोग से सवाल पूछे जाते हैं, तो उनका जवाब भाजपा के प्रवक्ता देते हैं।

वहीं, सचिन पायलट ने अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा 50 प्रतिशत टैरिफ को लेकर कहा कि इस तरह का टैरिफ एशिया के किसी देश पर नहीं लगाया गया है। चीन हमसे अधिक तेल रूस से खरीदता है। उस पर भी ऐसा टैरिफ नहीं लगाया गया। भारत सरकार की कूटनीति कमजोर रही है। इसका खामियाजा देश के कुटीर उद्योग को भुगतना पड़ेगा। सरकार को पहले इन लोगों के लिए राहत पैकेज घोषित करना चाहिए था। बड़े उद्योगपति को सरकार लाखों का पैकेज दे सकती है, लेकिन छोटे उद्योगों के लिए क्यों नहीं? यह सरकार की बड़ी नाकामी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना आवश्यक है। सचिन पायलट के आरोप महत्वपूर्ण हैं और इन्हें गंभीरता से लेना चाहिए। निर्वाचन आयोग को अपने कार्यों में स्पष्टता लानी चाहिए ताकि जन विश्वास बना रहे।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सचिन पायलट ने वोटर अधिकार यात्रा में क्या कहा?
उन्होंने चुनाव आयोग और भाजपा पर आरोप लगाया कि वे वोटर लिस्ट में हुई गड़बड़ियों को छुपा रहे हैं।
बिहार में वोटर अधिकार यात्रा का उद्देश्य क्या है?
इस यात्रा का उद्देश्य बिहार में वोट देने से वंचित लोगों के अधिकारों की रक्षा करना है।
चुनाव आयोग के बारे में सचिन पायलट की चिंताएँ क्या हैं?
उन्होंने कहा कि आयोग को वोटर लिस्ट और सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करनी चाहिए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
राष्ट्र प्रेस
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