दिल्ली सफाईकर्मी हत्या: 'आप' का आरोप — पुलिस ने जबरन कराया अंतिम संस्कार, विधायक कुलदीप कुमार हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में ड्यूटी के दौरान एक सफाईकर्मी की कथित हत्या के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) और दिल्ली पुलिस के बीच टकराव तेज़ हो गया है। AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने 18 अगस्त को आरोप लगाया कि पुलिस ने मृतक के परिवार पर दबाव बनाकर जबरन अंतिम संस्कार करवाया, जबकि परिजन ₹1 करोड़ मुआवजे और न्याय की माँग पर अड़े हुए थे।
मुख्य घटनाक्रम
पार्टी के अनुसार, सफाईकर्मी की हत्या के बाद पिछले दो दिनों से हज़ारों सफाईकर्मी धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख माँग है कि मृतक के परिवार को ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए और हत्या की निष्पक्ष जाँच हो। AAP का आरोप है कि पुलिस मृतक का शव अस्पताल से घर ले गई और परिवार को बिना सहमति के अंतिम संस्कार के लिए विवश किया गया। पार्टी ने यह भी दावा किया कि परिवार के सदस्यों को सुबह-सुबह पुलिस अपने साथ ले गई।
विधायक कुलदीप कुमार की कथित हिरासत
AAP ने आरोप लगाया कि पार्टी विधायक कुलदीप कुमार को कथित तौर पर रात में हिरासत में लिया गया और उनके घर की डीवीआर भी ले जाई गई। पार्टी विधायक संजीव झा डीसीपी ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के कार्यालय पहुँचे और कुलदीप कुमार की जानकारी माँगी, लेकिन उस समय डीसीपी कार्यालय में मौजूद नहीं थे।
झा ने सवाल उठाया कि अगर कोई जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार की आवाज़ उठा रहा है तो उसे दबाने की कोशिश क्यों की जा रही है। उन्होंने माँग की कि पुलिस स्पष्ट करे कि कुलदीप कुमार को किस मामले में हिरासत में लिया गया है।
दलित परिवार और न्याय की माँग
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मृतक का परिवार दलित समाज से है और आर्थिक रूप से कमज़ोर है। उनके अनुसार, ऐसे में सरकार और पुलिस की ज़िम्मेदारी है कि परिवार की माँगों को सुना जाए और उन्हें सम्मानजनक न्याय दिलाया जाए। पार्टी का कहना है कि अंतिम संस्कार परिवार की सहमति और सम्मान के साथ होना चाहिए था।
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में सफाईकर्मियों के कामकाजी हालात और सुरक्षा को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि ड्यूटी के दौरान सफाईकर्मियों की मौत के मामलों में मुआवजे और जवाबदेही की माँग लंबे समय से लंबित है।
AAP की माँगें
आम आदमी पार्टी ने दिल्ली सरकार और पुलिस से तीन प्रमुख माँगें रखी हैं — मृतक के परिवार को ₹1 करोड़ का मुआवजा, हत्या की निष्पक्ष जाँच, और अंतिम संस्कार में परिवार की सहमति व सम्मान सुनिश्चित करना। पार्टी ने यह भी माँग की है कि पुलिस पूरे मामले में पारदर्शिता बरते।
आगे क्या होगा
दिल्ली पुलिस की ओर से इन आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। कुलदीप कुमार की हिरासत के मामले में पार्टी ने कानूनी कार्रवाई का संकेत दिया है। सफाईकर्मियों का धरना जारी है और मामले के राजनीतिक रूप से और गहराने की संभावना है।