साहिबाबाद के बनाना ट्री होटल में भीषण आग, 18 लोग सुरक्षित बचाए; 9 दमकलें मौके पर
सारांश
मुख्य बातें
गाजियाबाद के साहिबाबाद स्थित बनाना ट्री होटल में 27 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 1:29 बजे भीषण आग भड़क उठी, जिसने होटल की पाँचवीं मंजिल से शुरू होकर ऊपरी तलों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। गाजियाबाद अग्निशमन विभाग की टीमों ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आग और धुएं में फँसे करीब 18 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस अग्निकांड में किसी की जान नहीं गई।
आग कैसे लगी और कहाँ से शुरू हुई
अग्निशमन विभाग के अनुसार, आग होटल के पिछले हिस्से में पाँचवीं मंजिल पर उस स्थान पर लगी जहाँ उस समय रेनोवेशन का कार्य जारी था। आग तेज़ी से ऊपरी मंजिलों की ओर बढ़ने लगी और पूरे होटल में धुआं भर गया, जिससे बचाव दल के सामने गंभीर चुनौती खड़ी हो गई। आग लगने के सटीक कारण की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राहत एवं बचाव अभियान
सूचना मिलते ही वैशाली अग्निशमन केंद्र से दो फायर टेंडर तत्काल रवाना किए गए और साहिबाबाद अग्निशमन केंद्र से भी दमकल गाड़ियाँ भेजी गईं। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्य अग्निशमन अधिकारी, गाजियाबाद सहित वैशाली और साहिबाबाद केंद्रों के प्रभारी अधिकारी भी मौके पर पहुँचे। आग बुझाने के अभियान में कुल नौ फायर टेंडर और एक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की मदद ली गई।
होटल की 12 कमरों वाली इकाई में फँसे करीब 18 लोगों को अग्निशमन कर्मियों ने धुएं के बीच सुरक्षित बाहर निकाला। दूसरी टीम ने आग को तीन तरफ से घेरकर उसे अन्य हिस्सों में फैलने से रोका। होटल में स्थापित फायर फाइटिंग सिस्टम और होज़ लाइनों का इस्तेमाल किया गया, साथ ही सीढ़ियों के रास्ते ऊपरी मंजिलों तक पानी पहुँचाया गया।
धुएँ की निकासी और विशेष प्रयास
होटल के भीतर घने धुएं के कारण बचाव अभियान विशेष रूप से कठिन रहा। दमकलकर्मियों ने एग्ज़ॉस्ट फैन का उपयोग करते हुए धुआं बाहर निकाला। इसके अलावा होटल के कमरों की काँच की खिड़कियाँ तोड़कर धुएं की निकासी का मार्ग बनाया गया, जिससे बचाव दल आगे बढ़ सका। वैशाली, कोतवाली और साहिबाबाद अग्निशमन केंद्रों से अतिरिक्त गाड़ियाँ भी बुलाई गईं।
जनहानि और स्थिति पर नियंत्रण
काफी प्रयासों के बाद अग्निशमन दल ने आग को पूरी तरह बुझाकर स्थिति नियंत्रण में लाई। इस अग्निकांड में किसी भी व्यक्ति की मृत्यु अथवा गंभीर चोट की कोई सूचना नहीं है। गौरतलब है कि घटना के समय होटल में रेनोवेशन कार्य चल रहा था, जिसके मद्देनज़र निर्माण-काल के दौरान अग्नि सुरक्षा प्रबंधों को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
आगे की जाँच
आग लगने के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा जाँच अपेक्षित है। यह घटना उन तमाम होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की पालना पर नए सिरे से ध्यान दिलाती है, जहाँ नवीनीकरण कार्य के दौरान जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।