19 अक्टूबर 2026
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सांबा के किसान बलदेव राज की ड्रैगन फ्रूट खेती बनी मिसाल, जम्मू-कश्मीर में फैल रही प्रेरणा

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सांबा के किसान बलदेव राज की ड्रैगन फ्रूट खेती बनी मिसाल, जम्मू-कश्मीर में फैल रही प्रेरणा

सारांश

जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले के विजयपुर में किसान बलदेव राज ड्रैगन फ्रूट की खेती से अच्छी आमदनी कमाकर क्षेत्र के किसानों की प्रेरणा बन गए हैं। उपराज्यपाल से सम्मानित इस किसान की सफलता ने पारंपरिक खेती से हटकर नकदी फसलों की ओर रुझान बढ़ाया है।

मुख्य बातें

सांबा जिले के विजयपुर क्षेत्र के किसान बलदेव राज ड्रैगन फ्रूट और स्ट्रॉबेरी की खेती से अच्छी आमदनी अर्जित कर रहे हैं।
बलदेव राज को जम्मू-कश्मीर में ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने के लिए उपराज्यपाल द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।
क्षेत्र के अन्य किसान बलदेव राज के खेतों पर जाकर तकनीकी जानकारी प्राप्त कर रहे हैं और धीरे-धीरे इस फसल को अपना रहे हैं।
मुख्य बागवानी अधिकारी अनिल गोरखा के अनुसार, किसानों को सब्सिडी के लिए नई योजनाएँ शुरू की गई हैं।
बागवानी विभाग की टीम किसानों को खेत पर जाकर मार्गदर्शन प्रदान करती है।

जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में कृषि विविधीकरण की एक नई लहर उठ रही है — विजयपुर क्षेत्र के किसान बलदेव राज ड्रैगन फ्रूट और स्ट्रॉबेरी की खेती से अच्छी आमदनी अर्जित कर रहे हैं और आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं। 19 अक्टूबर 2026 को उनके खेतों पर जाकर अनेक किसानों ने इस नकदी फसल की तकनीकी जानकारी हासिल की। पारंपरिक फसलों के साथ-साथ बागवानी को अपनाने की यह पहल सांबा में कृषि की नई संभावनाएँ खोल रही है।

बलदेव राज की सफलता की कहानी

बलदेव राज पिछले कई वर्षों से ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी और पारंपरिक फसलों की एक साथ खेती कर रहे हैं। उनके अनुसार, पारंपरिक खेती के साथ नकदी फसलें अपनाने से आय के नए स्रोत विकसित होते हैं। जम्मू-कश्मीर में ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उपराज्यपाल द्वारा उन्हें सम्मानित भी किया जा चुका है।

क्षेत्र के अनेक किसान बलदेव राज के खेतों पर पहुँचकर ड्रैगन फ्रूट की खेती की विधि सीखते हैं और तकनीकी जानकारी प्राप्त करते हैं। बलदेव राज स्वयं भी अन्य किसानों को इस फसल के बारे में मार्गदर्शन देते हैं।

बागवानी विभाग का सहयोग

बलदेव राज ने बताया कि खेती के दौरान उन्हें बागवानी विभाग का पूरा सहयोग मिलता है। किसी भी कठिनाई की स्थिति में विभाग की टीम सीधे खेत पर पहुँचकर मार्गदर्शन देती है। इसके अलावा वे सरकार की विभिन्न किसान-हितैषी योजनाओं का भी लाभ उठा रहे हैं और इसके लिए उन्होंने सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

एक अन्य स्थानीय किसान ने बताया कि शुरुआत में उन्होंने कम पौधे लगाए थे, लेकिन धीरे-धीरे खेती का दायरा बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता इस खेती को आगे बढ़ाने में सहायक साबित हो रही है।

अधिकारियों की राय और नई योजनाएँ

मुख्य बागवानी अधिकारी अनिल गोरखा ने बताया कि शुरुआत में किसानों को ड्रैगन फ्रूट की खेती के बारे में जानकारी दी गई थी, किंतु उस समय उन्होंने ज़्यादा रुचि नहीं दिखाई। बाद में बलदेव राज के खेतों में अच्छी पैदावार देखने के बाद अन्य किसान भी इस फसल की ओर आकर्षित हुए।

अनिल गोरखा ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में ड्रैगन फ्रूट उत्पादकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों को सब्सिडी देने के लिए नई योजनाएँ शुरू की गई हैं, जिनसे इस खेती को और गति मिलेगी।

आम किसानों पर असर

सांबा जिले में ड्रैगन फ्रूट की खेती का विस्तार कृषि विविधीकरण की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में कृषि क्षेत्र पर पारंपरिक फसलों की घटती लाभप्रदता का दबाव है। नकदी फसलों को अपनाने से किसानों को अतिरिक्त आय अर्जित करने और बाज़ार में बेहतर स्थिति बनाने का अवसर मिल रहा है।

क्या होगा आगे

बागवानी विभाग की नई सब्सिडी योजनाओं और बलदेव राज जैसे अग्रणी किसानों की सफलता से संकेत मिलता है कि सांबा क्षेत्र में ड्रैगन फ्रूट की खेती आने वाले वर्षों में और विस्तार पाएगी। यदि अधिक किसान इस मॉडल को अपनाते हैं, तो यह जिले में बागवानी आधारित आजीविका का एक मज़बूत आधार बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन रुचि तभी जागी जब बलदेव राज की पैदावार दिखी — यह 'प्रदर्शन प्रभाव' सरकारी संचार की सीमाओं को उजागर करता है। असली परीक्षा यह है कि नई सब्सिडी योजनाएँ और बागवानी विभाग का समर्थन कितनी जल्दी अधिक किसानों तक पहुँच पाता है, ताकि यह सफलता केवल एक अपवाद बनकर न रह जाए।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सांबा जिले में ड्रैगन फ्रूट की खेती कौन कर रहा है?
सांबा जिले के विजयपुर क्षेत्र के किसान बलदेव राज पिछले कई वर्षों से ड्रैगन फ्रूट और स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं। उनकी सफलता से प्रेरित होकर आसपास के अन्य किसान भी यह खेती अपनाने लगे हैं।
बलदेव राज को किसान के रूप में क्या सम्मान मिला है?
बलदेव राज को जम्मू-कश्मीर में ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने में उनके योगदान के लिए उपराज्यपाल द्वारा सम्मानित किया गया है। वे क्षेत्र के अन्य किसानों को भी इस फसल की तकनीकी जानकारी देते हैं।
सरकार किसानों को ड्रैगन फ्रूट खेती में क्या सहायता दे रही है?
बागवानी विभाग की टीम किसानों के खेतों पर पहुँचकर मार्गदर्शन देती है। इसके अलावा, सरकार ने किसानों को सब्सिडी देने के लिए नई योजनाएँ शुरू की हैं और आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है।
क्या जम्मू-कश्मीर की जलवायु ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए उपयुक्त है?
बलदेव राज की सफल पैदावार यह संकेत देती है कि सांबा जिले की जलवायु और मिट्टी ड्रैगन फ्रूट के लिए अनुकूल है। मुख्य बागवानी अधिकारी अनिल गोरखा के अनुसार, अच्छी पैदावार देखने के बाद अधिक किसान इस खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
ड्रैगन फ्रूट की खेती से किसानों को क्या फायदा हो रहा है?
ड्रैगन फ्रूट एक नकदी फसल है जो पारंपरिक खेती की तुलना में अधिक आमदनी दे सकती है। सांबा के किसानों के अनुसार, इस फसल को अपनाने से आय के नए स्रोत विकसित हुए हैं और सरकारी सब्सिडी से विस्तार की लागत भी कम हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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