विपक्ष पर विदेशी फंडिंग के आरोप सही हैं तो अमित शाह कार्रवाई क्यों नहीं करते: सपा सांसद सनातन पांडे
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी के सांसद सनातन पांडे ने 24 अक्टूबर 2026 को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के उस बयान पर तीखा पलटवार किया, जिसमें विपक्ष पर विदेशी ताकतों के साथ मिलकर भारत को कमज़ोर करने का आरोप लगाया गया था। पांडे ने सवाल उठाया कि यदि भाजपा नेतृत्व के पास इस विदेशी फंडिंग की ठोस जानकारी है, तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अब तक कार्रवाई से क्यों पीछे हैं।
विदेशी फंडिंग के आरोप और सनातन पांडे की चुनौती
सपा सांसद ने कहा कि वे भाजपा अध्यक्ष को इस बात के लिए बधाई देते हैं कि उन्होंने कम से कम भारत के प्रति चिंता ज़ाहिर की। हालांकि, उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में जोड़ा कि यदि नितिन नवीन को विपक्ष की विदेशी फंडिंग की जानकारी है, तो गृह मंत्री अमित शाह को यह जानकारी क्यों नहीं है।
पांडे ने स्पष्ट किया कि देश की छवि धूमिल करने या भारत की एकता और अखंडता को नुकसान पहुँचाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ — चाहे वह सत्ता पक्ष से हो या विपक्ष से — कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने सीधी चुनौती देते हुए कहा कि यदि आरोप सही हैं, तो पूरे विपक्ष के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाए। उनके अनुसार, यदि ऐसा करने की हिम्मत नहीं है, तो इस तरह के बयान संविधान, लोकतंत्र और देश की एकता में विश्वास रखने वाले लोगों को ठेस पहुँचाते हैं।
असहमति की आवाज़ों पर पांडे की प्रतिक्रिया
अभिनेता नसीरुद्दीन शाह की असहमति दबाए जाने संबंधी चिंताओं पर सपा सांसद ने कहा कि मौजूदा दौर में विरोध और असहमति की आवाज़ों को दबाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने इस संदर्भ में 'जेनज़ी' (GenZ) युवाओं का उल्लेख किया, जो कथित तौर पर जाति, धर्म और राजनीतिक दलों की सीमाओं से ऊपर उठकर अपनी बात कह रहे हैं।
पांडे ने आरोप लगाया कि भाजपा युवाओं की आवाज़ दबाने का प्रयास कर रही है और इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि विरोध को दबाने की कोशिश अक्सर उसे और अधिक मुखर बना देती है।
एसआईआर और बैलेट पेपर का मुद्दा
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा एसआईआर (SIR) का बचाव किए जाने पर सनातन पांडे ने कहा कि वे मुख्यमंत्री के बयान को पूरी तरह खारिज नहीं करते। लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जनता की माँग है कि चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएँ, तो सरकार इस दिशा में पहल क्यों नहीं करती।
उनके अनुसार, हरियाणा के मुख्यमंत्री को जनभावना को सर्वोपरि मानते हुए बैलेट पेपर से चुनाव कराने के समर्थन में मुख्य चुनाव आयोग से अनुरोध करना चाहिए। केवल बयानबाज़ी नहीं, बल्कि ठोस कदम उठाने की ज़रूरत है।
इंडी ब्लॉक की रैली और व्यापारियों की अपील
1 नवंबर को प्रस्तावित इंडी ब्लॉक की रैली टालने की व्यापारियों की अपील पर पांडे ने कहा कि वे व्यापारियों की भावनाओं का सम्मान करते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि रैली से व्यापार पर कुछ असर पड़ सकता है, लेकिन विपक्ष से जुड़े युवाओं और किसानों की भावनाओं को भी ध्यान में रखना ज़रूरी है।
पांडे ने व्यापारियों से प्रतिप्रश्न किया कि जीएसटी लागू होने और नोटबंदी के दौरान उनके नुकसान को लेकर ऐसी माँगें क्यों नहीं उठाई गईं। उन्होंने दावा किया कि जीएसटी के कारण कई दुकानदारों को गंभीर आर्थिक परेशानी हुई। रैली पर अंतिम निर्णय गठबंधन के दलों और नेताओं को लेना है, और पांडे ने कहा कि वे उनके फैसले का सम्मान करेंगे।
आगे क्या
सपा सांसद सनातन पांडे के इन बयानों से स्पष्ट है कि विपक्षी दल भाजपा के आरोपों को राजनीतिक रूप से उनके खिलाफ ही मोड़ने की रणनीति अपना रहे हैं। 1 नवंबर की इंडी ब्लॉक रैली और एसआईआर पर बहस आने वाले दिनों में और तेज़ होने की संभावना है।