क्या संचार साथी ऐप से स्नूपिंग संभव है?
सारांश
Key Takeaways
- संचार साथी ऐप से स्नूपिंग संभव नहीं है।
- यह ऐप धोखाधड़ी से सुरक्षा में मदद करता है।
- यूजर की अनुमति के बिना ऐप कार्य नहीं कर सकता।
- 1.5 करोड़ धोखाधड़ी कनेक्शन डिसकनेक्ट किए गए हैं।
- 26 लाख चुराए हुए हैंडसेट ट्रेस किए गए हैं।
नई दिल्ली, 3 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को यह स्पष्ट किया कि संचार साथी ऐप से न तो स्नूपिंग संभव है और न ही भविष्य में ऐसा कभी संभव होगा। यह पीएम मोदी की सरकार की प्रतिबद्धता है कि वह जनता को उनकी सुरक्षा पर पूरा नियंत्रण और अधिकार प्रदान करे।
केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा में कहा, "दूरसंचार का क्षेत्र लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। आज देश में हमारे उपभोक्ताओं की संख्या 1 अरब के आंकड़े को पार कर चुकी है। जहां दूरसंचार सेवाओं का सकारात्मक प्रभाव है, वहीं इसका नकारात्मक उपयोग भी हो रहा है। इस संदर्भ में, सरकार का कर्तव्य है कि वह नागरिकों को इन नकारात्मक प्रभावों से सुरक्षित रखे। इसी सोच के साथ 2023 में संचार साथी पोर्टल और 2025 में संचार साथी ऐप की शुरुआत की गई थी।"
उन्होंने आगे बताया कि संचार साथी एक ऐसा ऐप है, जो लोगों को जनभागीदारी के आधार पर अपने आप को धोखाधड़ी से सुरक्षित रखने में मदद करता है। उपयोगकर्ता अपने चोरी हुए फोन की रिपोर्ट दर्ज कर सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि संचार साथी पोर्टल पर लगभग 20 करोड़ हिट्स और ऐप डाउनलोड का आंकड़ा 1.5 करोड़ है। इस प्लेटफॉर्म की सफलता का श्रेय जनता को जाता है, क्योंकि जनभागीदारी के आधार पर ही यह प्लेटफॉर्म सफल हो पाया है।
उन्होंने बताया, "इस ऐप और पोर्टल के माध्यम से भारत भर में धोखाधड़ी से जुड़े 1.5 करोड़ मोबाइल कनेक्शन को डिसकनेक्ट किया गया है। इसके अलावा, लगभग 26 लाख चुराए हुए हैंडसेट को ट्रेस किया गया है और 7 लाख चुराए हुए हैंडसेट को उनके असली उपयोगकर्ताओं को वापस किया गया है।"
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि फोन में मौजूद ऐप यूजर की सहमति के बिना स्वतः कार्य नहीं कर सकता। जब तक उपयोगकर्ता ऐप में खुद को रजिस्टर नहीं करता, तब तक ऐप सक्रिय नहीं होगा। उपयोगकर्ता अपनी सुविधानुसार किसी भी ऐप को अपने फोन से हटा भी सकता है।
उन्होंने कहा, "हमारा संचार साथी ऐप का इस्तेमाल जनता की भागीदारी पर आधारित है। फीडबैक के आधार पर इसमें सुधार किया जा सकता है।"