27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या संगीत सोम का बुर्के पर बयान दहशतगर्दी को बढ़ावा देता है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या संगीत सोम का बुर्के पर बयान दहशतगर्दी को बढ़ावा देता है?

सारांश

समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने भाजपा नेता संगीत सोम के बुर्के पर दिए गए बयान की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह बयान न केवल गलत है, बल्कि इससे सामाजिक सौहार्द को भी खतरा है। भारत में सभी धर्मों को समान सम्मान मिलना चाहिए।

मुख्य बातें

बुर्का में शराफत का प्रतीक है।
दहशतगर्दी और फर्जीवाड़ा का सामान्यीकरण खतरनाक है।
राजनीतिक लाभ के लिए किसी समुदाय को निशाना बनाना ग़लत है।
भारत में सभी धर्मों को समान सम्मान मिलना चाहिए।
लोकतंत्र को सुरक्षित रखने के लिए जागरूक रहना जरूरी है।

संभल, 28 अक्‍टूबर (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने भाजपा नेता संगीत सोम के उस विवादास्पद बयान की कड़ी आलोचना की है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि बुर्के की आड़ में दहशतगर्दी और फर्जीवाड़ा होता है। बर्क ने कहा कि यह विचार न केवल गलत है, बल्कि दुर्भाग्यपूर्ण भी है कि कुछ लोग केवल बुर्के, टोपी और दाढ़ी में दहशत देखते हैं।

उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में यह भी कहा कि बुर्के में शराफत का प्रतीक है और इस्लाम में पर्दा करने का संदेश है। ऐसे में किसी विशेष समुदाय को संकीर्ण राजनीतिक लाभ के लिए निशाना बनाना लोकतंत्र और सामाजिक सौहार्द के खिलाफ है।

बर्क ने आगे कहा कि जिन लोगों ने यह बयान दिए हैं, उनका असली उद्देश्य अपनी राजनीतिक रोटी सेंकना और जनता के समक्ष अपनी उपस्थिति बनाए रखना है, जबकि वास्तव में जनता ने ऐसे बयानों को नकार दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की खूबसूरती यही है कि यहां सभी धर्मों और आस्थाओं को समान सम्मान मिलता है। किसी भी धर्म या रीति-रिवाज पर आधारित नकारात्मक सामान्यीकरण देश के सामाजिक ताने-बाने के लिए खतरनाक है।

चुनाव आयोग द्वारा 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रहे एसआईआर के दूसरे चरण को लेकर भी बर्क ने चिंताएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं को जबरन रोकने की कोशिश नहीं कर रही, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी ने पहले भी मौके पर आपत्तियां उठाईं और इस प्रक्रिया से संबंधित कुछ मामलों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उनका आरोप था कि बिहार में लाखों मतदाताओं के नाम अनावश्यक रूप से हटाए गए हैं। यदि ऐसी घटनाएं किसी अन्य राज्य में हुईं, तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए घातक होगी।

बर्क ने बताया कि वोट केवल उन्हीं मतदाताओं के लिए हटने चाहिए जो वहां से स्थायी रूप से शिफ्ट हुए हों या जिनकी मृत्यु हुई हो। किसी नागरिक का वोट केवल इसलिए नहीं हटाया जाना चाहिए कि वह किसी विशेष पार्टी का मतदाता है। उन्होंने संकेत दिया कि इस तरह की राजनीतिक आधार पर कटौती लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है और इससे सामाजिक विभाजन और वोटिंग अधिकारों का हनन हो सकता है।

समाजवादी पार्टी द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए जिया उर रहमान बर्क ने कहा कि पार्टी ने इस जोखिम से निपटने के लिए बूथ स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करने के लिए बीएलओ की नियुक्ति पर विशेष ध्यान दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना आवश्यक है कि नेताओं द्वारा दिए गए ऐसे बयान समाज में विभाजन पैदा कर सकते हैं। हमें सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए और किसी भी समुदाय को राजनीतिक लाभ के लिए निशाना नहीं बनाना चाहिए। यह लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संगीत सोम का क्या बयान था?
संगीत सोम ने कहा था कि बुर्के की आड़ में दहशतगर्दी और फर्जीवाड़ा होता है।
जिया उर रहमान बर्क ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
उन्होंने इस बयान की कड़ी निंदा की और इसे गलत तथा दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले