अमित शाह संसद में जवाब देने को तैयार, कांग्रेस ने नहीं भेजा प्रस्ताव: सुधांशु त्रिवेदी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 12 अगस्त को आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्ष संसद में छात्र आंदोलन पर चर्चा से जानबूझकर बच रहे हैं। उनके अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में दिल्ली छात्र कार्रवाई से जुड़े सभी सवालों का विस्तृत जवाब देने की पेशकश की थी, किंतु बुधवार दोपहर 3 बजे की निर्धारित समय-सीमा तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की ओर से कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं आया।
मुख्य घटनाक्रम
त्रिवेदी ने बताया कि गृह मंत्री अमित शाह ने स्वयं स्पष्ट किया था कि वे छात्र आंदोलन और उससे जुड़े विषयों पर सदन के पटल पर खुलकर जवाब देने को तैयार हैं। इसके लिए संसदीय नियमों और प्रक्रिया के तहत कांग्रेस से एक औपचारिक प्रस्ताव भेजने की अपेक्षा की गई थी। त्रिवेदी के अनुसार, तय समय-सीमा बीत जाने के बावजूद विपक्ष की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
BJP का विपक्ष पर आरोप
BJP सांसद ने कहा कि यह चूक महज़ प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष एक ओर संसद की कार्यवाही बाधित करता है और दूसरी ओर जब सरकार चर्चा की पेशकश करती है, तब पीछे हट जाता है। त्रिवेदी ने कहा कि यह कांग्रेस की राजनीतिक साख पर लगे सवालों को दूर करने का महत्वपूर्ण अवसर था, जिसे पार्टी ने गंवा दिया।
राहुल गांधी के नेतृत्व पर निशाना
त्रिवेदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या गृह मंत्री अमित शाह किसी मुद्दे पर सदन में जवाब देते हैं, तो विपक्ष के नेता चर्चा से बचते हैं। उनके अनुसार, यह रवैया संसदीय परंपराओं के विपरीत है।
विपक्ष की स्थिति
गौरतलब है कि नई दिल्ली में छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर संसद में गतिरोध बना हुआ है। कांग्रेस की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह ऐसे समय में आया है जब संसद सत्र में विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच कई मुद्दों पर टकराव जारी है।
आगे क्या
BJP के आरोपों के बाद अब देखना होगा कि कांग्रेस इस पर किस तरह की प्रतिक्रिया देती है और क्या संसद में इस विषय पर औपचारिक बहस हो पाती है। सत्तापक्ष का दावा है कि सरकार हर सवाल का जवाब देने को तैयार है — गेंद अब विपक्ष के पाले में है।