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क्या देश को एकजुट करने में सरदार पटेल का योगदान अमूल्य है?

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क्या देश को एकजुट करने में सरदार पटेल का योगदान अमूल्य है?

सारांश

गांधीनगर में भाजपा नेता मयंक नायक ने 'यूनिटी 150' पदयात्रा का स्वागत किया, जिसमें सरदार पटेल के योगदान को याद किया जाएगा। इस यात्रा में युवाओं की भागीदारी से देश में एकता का संदेश फैलाने की कोशिश की जाएगी। आइए, जानते हैं इस आयोजन के महत्व को।

मुख्य बातें

सरदार पटेल का योगदान राष्ट्र निर्माण में अमूल्य है।
'यूनिटी 150' पदयात्रा का आरंभ उनके जन्मस्थल से होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए कार्यरत हैं।
युवाओं की भागीदारी से एकता का संदेश फैलाना है।
सरदार पटेल के सिद्धांतों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना आवश्यक है।

गांधीनगर, 26 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा नेता मयंक नायक ने लौह पुरुष सरदार पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित 'यूनिटी 150' राष्ट्रीय पदयात्रा का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के पश्चात सरदार पटेल ने कई रजवाड़ों को एकत्रित करके राष्ट्र के निर्माण में अमूल्य योगदान दिया। उनके योगदान को शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है।

उन्होंने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि सरदार पटेल के सम्मान में ‘यूनिटी 150’ की शुरुआत की गई है। इस यात्रा में देशभर के युवा बड़ी संख्या में भाग लेंगे। सभी का उद्देश्य सरदार पटेल के सिद्धांतों से समाज के व्यापक तबके को अवगत कराना है। निस्संदेह, सरदार पटेल का राष्ट्र निर्माण में योगदान अमूल्य है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस राष्ट्रीय पदयात्रा का आरंभ किया गया। इसकी शुरुआत सरदार पटेल की जन्मस्थली से होगी। सरदार पटेल के एकता के संदेश को पूरे देश में फैलाया जाएगा।

भाजपा नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कार्यकाल में ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर कार्य कर रहे हैं। वे यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि समाज का कोई भी वर्ग विकास से वंचित न रह जाए। उन्होंने इस संदर्भ में एक संपूर्ण रूपरेखा तैयार कर ली है, जिसे वे धरातल पर लागू करने की तैयारी में हैं। अब तक प्रधानमंत्री के सिद्धांत ‘सबका साथ, सबका विकास’ के माध्यम से समाज के हर वर्ग को व्यापक लाभ मिल चुका है और हमारी कोशिश है कि आगे भी यह जारी रहे।

सामाजिक कार्यकर्ता निमूबेन जयंतीभाई बम्भानिया ने कहा कि सरदार पटेल के एकता के संदेश को पूरे देश में फैलाने के लिए राष्ट्रीय पदयात्रा की शुरुआत की गई। इस यात्रा की शुरुआत उनके जन्मस्थल से हुई। इस संदर्भ में आज (बुधवार) एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। देश की स्वतंत्रता के बाद विभिन्न रजवाड़ों को एकजुट कर राष्ट्र निर्माण में सरदार पटेल का योगदान अमूल्य रहा है, जिसे शब्दों में नहीं कहा जा सकता। हमारी कोशिश है कि सरदार पटेल के योगदान का लाभ आने वाली पीढ़ियों को मिले।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने शासन में सरदार पटेल को मान सम्मान दिया है। उनके द्वारा स्टैचू ऑफ यूनिटी का निर्माण किया गया है। उन्होंने सरदार पटेल के सिद्धांतों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का कार्य किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह आवश्यक है कि हम सरदार पटेल के योगदान को मान्यता दें। उनके द्वारा किए गए कार्यों ने इस देश को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे आयोजनों से हमें प्रेरणा मिलती है कि हम एकजुट होकर देश के विकास में योगदान दें।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सरदार पटेल की 150वीं जयंती कब मनाई जा रही है?
सरदार पटेल की 150वीं जयंती 26 नवंबर 2023 को मनाई जा रही है।
'यूनिटी 150' पदयात्रा का उद्देश्य क्या है?
'यूनिटी 150' का उद्देश्य सरदार पटेल के सिद्धांतों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाना और देश में एकता का संदेश फैलाना है।
इस पदयात्रा में कौन शामिल हो रहा है?
इस पदयात्रा में देशभर के युवा बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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