सतना में जया रैगजीन दुकान में भीषण आग, ₹80 लाख के नुकसान की आशंका
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के सतना शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के खेरमाई रोड के निकट स्थित जया रैगजीन दुकान में 7 नवंबर की देर रात अचानक भीषण आग लग गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तत्काल मौके पर पहुँचे और बचाव कार्य आरंभ किया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार आग से करीब ₹80 लाख का नुकसान होने की आशंका है।
मुख्य घटनाक्रम
आग की गंभीरता को देखते हुए सीएसपी मनीष त्रिपाठी, सिटी कोतवाली थाना प्रभारी हेमंत शर्मा और सिविल लाइन थाना प्रभारी प्रीति विश्वकर्मा पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। उल्लेखनीय है कि सीएसपी मनीष त्रिपाठी ने अपनी जान की परवाह किए बिना बगल की इमारत की छत पर चढ़कर आग बुझाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
आग की भयावहता और उसे काबू करने में आ रही कठिनाइयों को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त दमकल वाहन मँगवाए। सिटी एसडीएम राहुल सिलाडिया लगातार सीमेंट फैक्ट्री से अतिरिक्त दमकल वाहनों के लिए संपर्क करते रहे। दमकल विभाग की गाड़ियों ने कई घंटों तक लगातार पानी की बौछार कर आग पर अंततः काबू पाया।
प्रशासनिक और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
घटनास्थल पर सिटी एसडीएम राहुल सिलाडिया, तहसीलदार सौरभ मिश्रा, महापौर योगेश ताम्रकार और नगर निगम आयुक्त नागार्जुन गौड़ा भी पहुँचे। इसके अतिरिक्त, सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने भी मौके पर पहुँचकर हालात का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से घटना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
स्थानीय नागरिकों ने भी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग किया। यह ऐसे समय में उल्लेखनीय है जब शहरी व्यावसायिक इलाकों में अग्निशमन संसाधनों की उपलब्धता अक्सर सवालों के घेरे में रहती है।
आग से नुकसान और दुकान स्वामी
दुकान का संचालन मुकेश खेलवानी, पुत्र सुरेश खेलवानी द्वारा किया जा रहा बताया जा रहा है। आग में दुकान का बड़ा हिस्सा और उसमें रखा सामान बुरी तरह प्रभावित हुआ है। आग से करीब ₹80 लाख के नुकसान की आशंका जताई जा रही है, हालाँकि वास्तविक नुकसान का सटीक आकलन दुकान के निरीक्षण और जाँच पूरी होने के बाद ही संभव होगा।
आग लगने के कारण और आगे की जाँच
अधिकारियों के अनुसार आग लगने के कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। इस संदर्भ में विस्तृत जाँच जारी है। प्रशासन ने यह भी बताया कि नागरिकों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
गौरतलब है कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में आग की घटनाएँ मध्य प्रदेश के कई शहरों में बढ़ती चिंता का विषय बनी हुई हैं। आने वाले दिनों में फोरेंसिक जाँच की रिपोर्ट से आग की वजह और सटीक नुकसान का पता चलने की उम्मीद है।