क्या सेलिना जेटली अपने भाई के लिए कर रही हैं इंतजार?
सारांश
Key Takeaways
- सेलिना जेटली की भावुक अपील ने सभी का ध्यान आकर्षित किया है।
- उनके भाई की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार से ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
- रिटायर्ड सैनिकों की सुरक्षा पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
- परिवारों की पीड़ा को समझना और समर्थन करना आवश्यक है।
- हमें अपने वेटरन्स को नहीं भूलना चाहिए।
मुंबई, 23 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। एक्ट्रेस और पूर्व मिस इंडिया सेलिना जेटली इस समय गहरे दुख में हैं। उनके बड़े भाई, रिटायर्ड मेजर विक्रांत कुमार जेटली, को विदेश में अगवा हुए 444 दिन हो चुके हैं। सेलिना ने अपने दर्द को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से व्यक्त किया।
उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए भाई की सुरक्षित वापसी की प्रार्थना की और सभी भारतीय सैनिकों और पूर्व सैनिकों की सुरक्षा पर सवाल उठाया है।
सेलिना ने लिखा, "युद्ध के मैदान से जेल की कोठरी तक… मेरे भाई को अगवा हुए 1 साल, 2 महीने, 17 दिन… अर्थात 444 दिन, 10,632 घंटे और 6,37,920 मिनट हो चुके हैं। उन्हें आठ महीने तक अकेले रखा गया, फिर मिडिल ईस्ट के किसी स्थान पर हिरासत में ले जाया गया। मैं सिर्फ उनकी आवाज और चेहरे को देखने का इंतजार कर रही हूं।"
उन्होंने बताया कि अंतिम कॉल में भाई की आवाज में जो दर्द था, वह आज भी उनके कानों में गूंजता है। सेलिना ने आगे लिखा, "उस एक कॉल में जो सच्चाई थी, वह दुनिया के लिए सुनने के लिए तैयार नहीं थी। मेजर विक्रांत जेटली ने अपनी पूरी जवानी देश की सेवा में समर्पित कर दी। ड्यूटी के दौरान कई बार घायल भी हुए। अब भारत विश्व गुरु बनने की राह पर है, लेकिन विदेशों में हमारे रिटायर्ड सैनिक एक निशाने पर हैं।"
सेलिना ने कतर में फंसे आठ नेवी वेटरन्स की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार के कदम की सराहना की और उम्मीद जताई कि उनके भाई के लिए भी ऐसा ही निर्णायक कदम उठाया जाएगा।
सेलिना ने देशवासियों से अपील की, "हमारे सैनिक को वापस लाओ। इस मोमेंटम को खत्म मत होने दो। जिस व्यक्ति ने देश के लिए सब कुछ त्याग दिया, उसे अकेला नहीं छोड़ो। हमें अपने वेटरन्स को नहीं भूलना चाहिए।"
अपने दिवंगत पिता कर्नल वी.के. जेटली को याद करते हुए सेलिना ने लिखा, "पापा कहा करते थे, यदि सैनिक का सम्मान करना है तो ऐसा भारतीय बनो, जिसके लिए वह मर मिटे।"
पोस्ट के अंत में सेलिना ने लिखा, "भाई, मैं तब तक नहीं रुकूंगी जब तक तुम भारत की मिट्टी पर वापस नहीं आ जाते।"