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क्या अमेरिकी धरती पर रामायण की गूंज सुनाई दी?

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क्या अमेरिकी धरती पर रामायण की गूंज सुनाई दी?

सारांश

मैरीलैंड में आयोजित एक दिवसीय प्रदर्शनी ने रामायण की सांस्कृतिक गहराई को उजागर किया। विभिन्न प्रतिनिधियों ने इसके महत्व और संदेश पर चर्चा की, जिससे यह साबित हुआ कि रामायण केवल एक धार्मिक पुस्तक नहीं, बल्कि जीवन का एक मार्गदर्शक है।

मुख्य बातें

रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन का मार्गदर्शक है।
संस्कृति विभिन्न देशों के लोगों को जोड़ने का कार्य करती है।
रामायण की शिक्षाएं आज भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
प्रदर्शनी ने सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा दिया।
राजनीतिक मतभेदों को कम करने में सांस्कृतिक पहलें सहायक होती हैं।

एनापोलिस, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। रामायण के प्रसार पर आधारित एक दिवसीय प्रदर्शनी अमेरिका के मैरीलैंड स्टेट असेंबली बिल्डिंग में आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में राज्य विधायकों, राजनयिकों और समाज के विभिन्न प्रमुख व्यक्तियों ने भाग लिया। यह आयोजन एनापोलिस परिसर में हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंचे।

इस कार्यक्रम के दौरान मैरीलैंड के कई प्रतिनिधियों ने अपने विचार साझा किए। प्रतिनिधि वू चाओ ने कहा कि यह प्रदर्शनी दर्शाती है कि कैसे संस्कृति विभिन्न देशों और पृष्ठभूमियों के लोगों को जोड़ती है। उन्होंने कहा, "ऐसी सांस्कृतिक पहलों से लोगों के बीच समझ बढ़ती है और राजनीतिक मतभेदों को कम करने में मदद मिलती है।"

प्रतिनिधि हैरी भंडारी ने रामायण की नैतिक शिक्षाओं पर बात करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि जीवन का मार्गदर्शन करने वाला एक दस्तावेज है। उन्होंने उल्लेख किया कि रामायण हमें चरित्र, त्याग, पारिवारिक मूल्य, विनम्रता और अहंकार से दूर रहने की शिक्षा देती है। आज के समय में, जब समाज कई समस्याओं का सामना कर रहा है, ये शिक्षाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती हैं।

प्रतिनिधि माइक रोजर, जो सेना में रह चुके हैं और एशिया के कई देशों की यात्रा कर चुके हैं, ने कहा कि इस प्रदर्शनी ने उनके अनुभवों को ताजा कर दिया। उन्होंने कहा, "हमारे बीच मतभेदों से अधिक समानताएं हैं। साझा परंपराओं को समझने से आपसी सम्मान बढ़ता है और दुनिया एक बेहतर जगह बनती है।"

नेपाल दूतावास की अरुणा घिसिंग ने कहा कि इस प्रदर्शनी ने उन्हें बचपन की यादें ताजा करा दीं, जब वे रामायण का धारावाहिक देखा करती थीं। उन्होंने कहा कि यह जानकर उन्हें आश्चर्य हुआ कि रामायण का संबंध गुयाना जैसे दूर देशों से भी है। उन्होंने इस आयोजन को एक सुंदर सांस्कृतिक उत्सव बताया और भविष्य में सहयोग की इच्छा भी व्यक्त की।

आयोजकों ने कहा कि प्रदर्शनी को जानबूझकर राज्य विधायिका के अंदर रखा गया था, ताकि नीति-निर्माता और कर्मचारी रामायण की व्यापक एशियाई सभ्यतागत पृष्ठभूमि को समझ सकें। हिंदूएक्शन से जुड़े उत्सव चक्रवर्ती ने बताया कि मैरीलैंड में बड़ी संख्या में हिंदू समुदाय के लोग रहते हैं, साथ ही थाई, वियतनामी, कंबोडियाई और फिलिपीन समुदाय भी यहां उपस्थित हैं।

इस प्रदर्शनी को मैरीलैंड लाने में डॉक्टर विद्या सत्यामूर्ति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शनी पहले भी अमेरिकी कैपिटल और ओहियो स्टेट कैपिटल में लग चुकी थी। उन्होंने रामायण को एक ऐतिहासिक महाकाव्य बताया, जिसकी नैतिक शिक्षाएं आज भी पीढ़ी दर पीढ़ी और सीमाओं के पार लोगों के जीवन का हिस्सा बनी हुई हैं।

सथियामूर्ति ने कहा कि प्रदर्शनी में लगभग 11 देशों का प्रतिनिधित्व शामिल था, जो इस व्यापक सच्चाई को दर्शाता है कि रामायण 16 से ज्यादा देशों में किसी न किसी रूप में मनाई और मानी जाती है। इसका मुख्य संदेश एकता, कर्तव्य, त्याग और परिवार के महत्व को बताना है, जो खास तौर पर युवा पीढ़ी के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह मानवता और एकता का प्रतीक है। यह एक ऐसा ग्रंथ है जो आज भी लोगों को जोड़ने का काम कर रहा है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामायण की शिक्षाएं क्या हैं?
रामायण में चरित्र, त्याग, पारिवारिक मूल्य और विनम्रता जैसी नैतिक शिक्षाएं दी गई हैं।
इस प्रदर्शनी में कौन-कौन से देशों का प्रतिनिधित्व किया गया?
इस प्रदर्शनी में लगभग 11 देशों का प्रतिनिधित्व शामिल था, जो रामायण की व्यापकता को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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