क्या साल के पहले दिन जख्मी और बीमार सैनिकों से मिलने अस्पताल पहुंचे सेनाध्यक्ष?
सारांश
Key Takeaways
- जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने नव वर्ष पर सैनिकों से मुलाकात की।
- दिल्ली कैंट का बेस हॉस्पिटल प्रमुख सैन्य चिकित्सा संस्थान है।
- सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत निर्णायक कार्रवाई की।
- सैनिकों के स्वास्थ्य और कल्याण की चिंता विशेष महत्व रखती है।
- चिकित्सा स्टाफ की समर्पण की प्रशंसा की गई।
नई दिल्ली, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नव वर्ष 2026 के पहले दिन, भारतीय थल सेना के प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने भारतीय सेना के जवानों के साथ समय बिताया। इस अवसर पर, उन्होंने दिल्ली कैंट स्थित बेस हॉस्पिटल का दौरा किया।
इस खास दौरे के दौरान, उन्होंने यहाँ उपचाराधीन सैनिकों, अधीनस्थ अधिकारियों, और पूर्व सैनिकों से संवाद किया। सेनाध्यक्ष ने इन सैनिकों के अदम्य साहस, जज्बे और हर स्थिति में लड़ने की भावना की सराहना की। इसके साथ ही, उन्होंने उपचार करवा रहे सैनिकों और पूर्व सैनिकों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
महत्त्वपूर्ण है कि दिल्ली कैंट का बेस हॉस्पिटल देश के सबसे बड़े सैन्य चिकित्सा संस्थानों में से एक है। जनरल द्विवेदी ने यहाँ के चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की समर्पण और पेशेवर उत्कृष्टता की भी प्रशंसा की और कहा कि उनका कार्य केवल रोगियों के उपचार में नहीं, बल्कि भारतीय सेना की सेवा के मानकों को भी दर्शाता है।
जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने अस्पताल के संपूर्ण स्टाफ को उनकी संवेदनशीलता और निरंतर सेवा भावना के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने नए वर्ष के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं देते हुए अस्पताल प्रशासन को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का आश्वासन दिया।
यह भी उल्लेखनीय है कि जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने नव वर्ष पर अपने संदेश में कहा कि भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत दृढ़ और निर्णायक कार्रवाई की, जिससे दुश्मन को करारा जवाब मिला है। यह अभियान अब भी जारी है। उन्होंने बताया कि सेना सीमा पर सतर्कता रख रही है और आपदाओं के समय अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
गुरुवार को, नव वर्ष के अवसर पर सेनाध्यक्ष ने कहा, “भारतीय सेना राष्ट्र की सुरक्षा सभी परिस्थितियों में सुनिश्चित कर रही है। पिछले वर्ष, दुश्मन के नापाक इरादों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर के तहत निर्णायक कार्रवाई की गई, जो आज भी जारी है। सीमाओं पर सतर्कता के साथ-साथ, आपदाओं के समय त्वरित सहायता देकर सेना ने राष्ट्रीय प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।”