क्या दिसंबर 2026 तक 95,000 तक पहुंच सकता है सेंसेक्स?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या दिसंबर 2026 तक 95,000 तक पहुंच सकता है सेंसेक्स?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि भारत का शेयर बाजार दिसंबर 2026 तक 95,000 अंक तक पहुँच सकता है? जानिए इस रिपोर्ट में इसके पीछे के कारण और संभावनाएँ।

मुख्य बातें

सेंसेक्स दिसंबर 2026 तक 95,000 अंक तक पहुँच सकता है।
मजबूत आर्थिक स्थिति और सरकारी नीतियाँ शेयर बाजार को समर्थन देंगी।
निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा, जिससे कंपनियों की कमाई में वृद्धि हो सकती है।
वैश्विक स्थिति का ध्यान रखना आवश्यक है।
बाजार में निवेश करने के लिए यह एक सुनहरा अवसर हो सकता है।

मुंबई, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत का शेयर बाजार निकट भविष्य में उल्लेखनीय लाभ प्रदान कर सकता है। मजबूत आर्थिक स्थिति, स्थिर बाजार, उचित मूल्य पर शेयरों की उपलब्धता और विकास चक्र के कारण भारतीय शेयर बाजार में तेजी की उम्मीद की जा रही है।

बुधवार को जारी एमएस रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया है कि बीएसई सेंसेक्स दिसंबर 2026 तक 95,000 अंक तक पहुँच सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, इसके इस स्तर तक पहुँचने की 50 प्रतिशत संभावना है। इसका अर्थ है कि सेंसेक्स में लगभग 13 प्रतिशत की वृद्धि देखी जा सकती है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरकार खर्च पर नियंत्रण रखेगी, निजी कंपनियों का निवेश बढ़ेगा और देश की आर्थिक वृद्धि दर ब्याज दरों से बेहतर रहेगी। इन सभी कारकों के चलते शेयर बाजार को मजबूती मिलेगी।

रिपोर्ट के अनुसार, सेंसेक्स से जुड़ी कंपनियों की कमाई साल 2028 तक हर साल लगभग 17 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है, जिससे निवेशकों का विश्वास और मजबूत होगा।

आगे की रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले लगभग पांच वर्षों में पहली बार शेयर बाजार की कीमतें ब्याज दरों की तुलना में बेहतर दिख रही हैं, जिससे शेयरों में और बढ़त की संभावना बनती है।

इसके अलावा, उपभोक्ता वस्तुओं और उद्योग क्षेत्र में लगभग 300 बेसिस प्वाइंट्स, जबकि वित्तीय क्षेत्र में लगभग 200 बेसिस प्वाइंट्स की अतिरिक्त तेजी आ सकती है। इसका कारण शहरों में मांग का बढ़ना, जीएसटी दरों में कटौती, सरकार का बढ़ता खर्च, कर्ज में वृद्धि और कम कर्ज नुकसान है।

तेज विकास, कम उतार-चढ़ाव और घटती ब्याज दरों के चलते लोग अपनी बचत को शेयर बाजार में लगाना ज्यादा पसंद कर रहे हैं, जिससे बाजार को और मजबूती मिल रही है।

सरकार द्वारा रेपो रेट में कमी, कैश रिजर्व रेशियो में कमी, बैंकों के नियमों में लचीलापन और बाजार में तरलता बढ़ाने जैसे कदमों से आर्थिक विकास को बढ़ावा मिल रहा है।

अतिरिक्त रूप से, सरकार द्वारा पहले से किया गया पूंजी खर्च, लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपए की वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती, चीन के साथ संबंधों में सुधार और वहां की नई नीतियाँ भी बाजार के लिए फायदेमंद मानी गई हैं।

हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यदि वैश्विक अर्थव्यवस्था धीमी होती है या वैश्विक स्तर पर राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो इसका नकारात्मक प्रभाव बाजार पर पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सरकारी नीतियों और कंपनियों के निवेश के कारण संभव है। हालांकि, वैश्विक आर्थिक स्थिति का भी ध्यान रखना आवश्यक है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सेंसेक्स 95,000 तक पहुँच सकता है?
रिपोर्ट के अनुसार, सेंसेक्स की 50 प्रतिशत संभावना है कि वह दिसंबर 2026 तक 95,000 अंक पर पहुँच सकता है।
भारत के शेयर बाजार में तेजी के क्या कारण हैं?
मजबूत आर्थिक स्थिति, स्थिरता, और निवेश में वृद्धि जैसे कारण हैं जो भारतीय शेयर बाजार में तेजी की संभावना को बढ़ाते हैं।
क्या वैश्विक स्थिति का असर शेयर बाजार पर होता है?
हाँ, वैश्विक अर्थव्यवस्था और राजनीतिक तनाव का असर स्थानीय शेयर बाजार पर पड़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले