शाहजहांपुर के मंदिर में दो साधुओं की हत्या, शव जलाए; आरोपी सुमित हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के सूथा गांव स्थित एक देवस्थान पर बुधवार रात दो साधुओं — गोपालदास और उनके शिष्य बिहारीदास — की हत्या कर दी गई और उनके शवों को मंदिर परिसर में ही जला दिया गया। गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 7 बजे ग्रामीणों ने मंदिर में दो चिताओं की राख और जले हुए अवशेष देखे, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी सुमित को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
मुख्य घटनाक्रम
खुदागंज थाना अंतर्गत ग्राम सूथा में यह मंदिर (देवस्थान) गांव के बाहरी हिस्से में स्थित है, जहाँ दोनों साधु स्थायी रूप से निवास करते थे। गुरुवार सुबह जब ग्रामीण पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुँचे, तो वहाँ जली हुई राख और अवशेष देखकर हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही थाना पुलिस, वरिष्ठ अधिकारी और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुँच गईं।
मृतकों की पहचान साधु गोपालदास और उनके शिष्य बिहारीदास के रूप में हुई। बिहारीदास के भतीजे प्रदीप सिंह ने आरोप लगाया कि गांव के युवक सुमित ने उनके चाचा और उनके गुरु की हत्या कर दोनों को जला दिया।
पुलिस की प्रारंभिक जाँच
पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने बताया कि देवस्थान के संरक्षक शिव कुमार की ओर से लिखित तहरीर मिली है, जिसमें बताया गया है कि आरोपी सुमित कुछ दिन पहले न्यायालय से जमानत पर जेल से बाहर आया था। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि सुमित विगत कुछ दिनों से दोनों साधुओं के साथ मंदिर में उठने-बैठने लगा था।
ग्रामवासियों ने पुष्टि की है कि सुमित ने दोनों साधुओं से कथित तौर पर कहा था — 'आप दोनों यहाँ से हट जाइए, अब मैं यहाँ रहने वाला हूँ, मेरा ही एकाधिकार होगा।' एसपी दीक्षित के अनुसार, प्रथम दृष्टया इसी विवाद को लेकर बुधवार रात यह घटना घटित हुई प्रतीत होती है।
साक्ष्य संग्रह और कानूनी कार्रवाई
मौके से सभी भौतिक साक्ष्य एकत्र कर लिए गए हैं। दोनों शवों को सही समय और मृत्यु का सटीक कारण जानने के लिए पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस ने तहरीरी सूचना के आधार पर नामजद आरोपी सुमित के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया है।
गौरतलब है कि आरोपी सुमित पहले भी किसी मामले में जेल जा चुका है और हाल ही में अदालत से जमानत मिलने के बाद बाहर आया था। यह तथ्य जाँच की दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
ग्रामीणों और साधु समाज में आक्रोश
इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और साधु समाज में गहरा आक्रोश है। मंदिर परिसर में ही शवों को जलाए जाने की बात ने घटना की भयावहता को और बढ़ा दिया है। क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
क्या होगा आगे
एसपी सौरभ दीक्षित ने कहा कि मुख्य आरोपी सुमित से पूछताछ जारी है और जो भी तथ्य व साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले की दिशा और स्पष्ट होगी।